सिंहस्थ 2028: उज्जैन प्रशासन की तैयारी जोरों पर, आएंगे 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालु!
उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे विशाल आयोजन के लिए प्रशासन ने अब क्राउड मैनेजमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है।
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क्राउड मैनेजमेंट में AI और ड्रोन का उपयोग
भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन से निगरानी और AI आधारित तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से भीड़ का रियल-टाइम डेटा इकट्ठा कर, उसकी स्थिति का विश्लेषण किया जाएगा। प्रयागराज और हरिद्वार में काम कर चुकी विशेषज्ञ एजेंसियों को उज्जैन में आमंत्रित किया जाएगा।
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साधु-संतों और श्रद्धालुओं की जरूरतों का अध्ययन
उज्जैन प्रशासन प्रयागराज में साधु-संतों के व्यवहार और उनकी जरूरतों का अध्ययन कर रहा है। प्रयागराज में श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं और व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान उज्जैन के सिंहस्थ में लागू करने की योजना है।
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महाकुंभ के लिए IT फर्म की स्थापना
महाकुंभ के लिए एक आईटी फर्म का गठन किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे। यह फर्म उज्जैन में बड़े पैमाने पर काम करेगी, जबकि भोपाल में नगरीय विकास और आवास संचालनालय को-ऑर्डिनेशन की भूमिका निभाएगा।
प्रयागराज और हरिद्वार से मिला अनुभव
प्रयागराज के महाकुंभ में पहले सप्ताह में ही 8 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जिससे उज्जैन में बड़ी तैयारी की जरूरत महसूस की गई। हरिद्वार महाकुंभ की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
FAQ
- सिंहस्थ 2028 के लिए कितने श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है?
उज्जैन सिंहस्थ 2028 में 15 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। - क्राउड मैनेजमेंट में कौन-सी तकनीकें इस्तेमाल होंगी?
भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन सर्वे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा। - उज्जैन प्रशासन ने कहां से अनुभव लिया है?
उज्जैन प्रशासन ने प्रयागराज और हरिद्वार के महाकुंभ से अनुभव लिया है। - श्रद्धालुओं की जरूरतों का अध्ययन कैसे किया जाएगा?
प्रयागराज में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के व्यवहार और अपेक्षाओं का अध्ययन किया जा रहा है। - महाकुंभ की तैयारी में कौन-सी नई योजनाएं हैं?
आईटी फर्म का गठन, ड्रोन और एआई तकनीकों का उपयोग, और विशेषज्ञ एजेंसियों की नियुक्ति।
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