मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में सालभर में 42 हजार 306 पद के लिए भर्ती परीक्षा पद के लिए भर्ती 5321 पद पर ही दी
Rahul Garhwal | Dec 22, 2023, 24:00 IST
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में सालभर में 42 हजार 306 पद के लिए भर्ती परीक्षा पद के लिए भर्ती 5321 पद पर ही दी
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल में सालभर में 42 हजार 306 पद के लिए भर्ती परीक्षा कराई, लेकिन भर्ती केवल 5321 पद पर ही दी। 12 लाख युवा अधर में अटके हैं।
संजय गुप्ता, INDORE. एक साल में एक लाख सरकारी पदों की भर्ती का बीजेपी सरकार का वादा चुनावी वादा बनकर रह गया। इस वादे को पूरा करने के लिए कर्मचारी चयन मंडल भोपाल (ESB) ने इस दौरान 42 हजार 306 पदों के लिए अलग-अलग भर्तियां निकाली, परीक्षाएं लीं, लेकिन रिजल्ट और भर्ती केवल 5321 पद पर ही दी। प्रदेश के 12 लाख से ज्यादा युवा इन रिजल्ट और भर्ती की बाट जोह रहे हैं। इनका भविष्य अधर में अटक गया है।
क्यों अटके हुए हैं रिजल्ट
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) भोपाल ने 2 सितंबर 2021 को आदेश जारी करते हुए ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया। परीक्षा की जो भर्ती निकली वो इसी बढ़े हुए आरक्षण के तहत निकली, यानी ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण के साथ। वहीं इसके खिलाफ हाईकोर्ट में केस लग गए क्योंकि इसके चलते आरक्षण की तय सीमा 50 फीसदी से ज्यादा हो गई। हाईकोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को रिजल्ट जारी करने पर रोक लगाते हुए स्टे कर दिया। इसके बाद रिजल्ट रुक गया। इसके चलते अब सभी रिजल्ट होल्ड हो गए हैं और 12 लाख युवाओं का भविष्य अधर में अटक गया है।
इन 5321 पदों की परीक्षाओं के रिजल्ट और भर्ती हुई
ग्रुप वन सब ग्रुप 2 (208 पद)
नवंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
ग्रुप-3 (सब इंजीनियर) (2638 पद)
नंवबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और भर्ती हो चुकी, कुछ बाकी है।
ग्रुप-2 सब ग्रुप 2 (77 पद)
नवंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी हो गई।
ग्रुप-5 (1261 पद)
नवंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
आईटीआई आईटीओ (305 पद)
दिसंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति भी।
ग्रुप-2 सब ग्रुप 3 (370 पद)
फरवरी 2023 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
आबकारी आरक्षक (462 पद)
फरवरी 2023 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
इस तरह इन 7 परीक्षाओं में कुल 5 हजार 321 पद की परीक्षाएं हुईं और रिजल्ट जारी कर नियुक्ति हुई।
इन 36 हजार 985 पदों के लिए रिजल्ट अटके
क्या बोल रहे हैं युवा
पटवारी परीक्षा देने वाले उम्मीदवार प्रवीण निकुम ने द सूत्र से कहा कि अभी तक कोई स्थिति क्लीयर नहीं है। परीक्षा की जांच की बात हुई थी, लेकिन क्या हुआ उसका भी अभी तक पता नहीं है। शासन को स्थिति क्लीयर करनी चाहिए। इसी तरह प्रतियोगी श्रीराम पाटीदार का कहना है कि मैंने मंडल की कृषि भर्ती संबंधी परीक्षाएं दी थी, लेकिन 5 महीने से ज्यादा समय हो गया है और रिजल्ट का पता नहीं है। समझ नहीं रहा कि आगे क्या करूं ?
छात्र संगठन भी नाराज
छात्र संगठन एनईवाययू की कोर कमेटी के रणजीत किशानवंशी कहते हैं कि प्रतियोगी उम्मदीवारों के साथ हमारा संगठन इंदौर से लेकर भोपाल और अन्य शहरों में लगातार प्रदर्शन कर सड़कों पर उतर चुका है। कई बार सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार ने चुनाव देखते हुए 1 लाख सरकारी भर्ती का वादा किया और आनन-फानन में भर्तियां निकाली, लेकिन अब रिजल्ट और नियुक्ति का कोई पता नहीं है। ये दुर्भाग्य की बात है कि पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच की बात हुई, लेकिन जांच का अभी तक कोई ठिकाना नहीं है।
पटवारी भर्ती परीक्षा का क्या हुआ ?
सालों बाद निकली पटवारी भर्ती परीक्षा रिजल्ट के बाद तब विवादों में आ गई जब ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज से एक साथ 7 टॉपर आ गए। विवाद हुआ तो तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जांच होने तक नियुक्ति रोक दी। जांच कमेटी का समय 31 अगस्त रखा और फिर इसे 31 अक्टूबर कर दिया, लेकिन जुलाई से अभी तक जांच ही चल रही है और रिपोर्ट का पता नहीं है।
जांच कहां तक पहुंची
द सूत्र ने जांच कमेटी में उच्च स्तर पर बात की तो बताया कि शासन से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, चुनाव के चलते वह नहीं मिली इसके चलते जांच पूरी नहीं हुई। दिक्कत ये है कि जब तक जांच नहीं हो जाती और रिपोर्ट नहीं आ जाती, शासन रिजल्ट को लेकर कुछ करने की स्थिति में नहीं है कि इन्हें भर्ती दी जाए या नहीं। इस परीक्षा में चयनित हुए 8 हजार से ज्यादा पटवारी नियुक्ति के लिए रुके हैं, तो वहीं फेल हुए उम्मीदवार इस इंतजार में हैं कि ये भर्ती निरस्त होगी तो फिर उन्हें भी कोई अवसर मिल सकता है।
क्यों अटके हुए हैं रिजल्ट
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) भोपाल ने 2 सितंबर 2021 को आदेश जारी करते हुए ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया। परीक्षा की जो भर्ती निकली वो इसी बढ़े हुए आरक्षण के तहत निकली, यानी ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण के साथ। वहीं इसके खिलाफ हाईकोर्ट में केस लग गए क्योंकि इसके चलते आरक्षण की तय सीमा 50 फीसदी से ज्यादा हो गई। हाईकोर्ट ने 4 अगस्त 2023 को रिजल्ट जारी करने पर रोक लगाते हुए स्टे कर दिया। इसके बाद रिजल्ट रुक गया। इसके चलते अब सभी रिजल्ट होल्ड हो गए हैं और 12 लाख युवाओं का भविष्य अधर में अटक गया है।
इन 5321 पदों की परीक्षाओं के रिजल्ट और भर्ती हुई
ग्रुप वन सब ग्रुप 2 (208 पद)
नवंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
ग्रुप-3 (सब इंजीनियर) (2638 पद)
नंवबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और भर्ती हो चुकी, कुछ बाकी है।
ग्रुप-2 सब ग्रुप 2 (77 पद)
नवंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी हो गई।
ग्रुप-5 (1261 पद)
नवंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
आईटीआई आईटीओ (305 पद)
दिसंबर 2022 में परीक्षा, रिजल्ट और नियुक्ति भी।
ग्रुप-2 सब ग्रुप 3 (370 पद)
फरवरी 2023 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
आबकारी आरक्षक (462 पद)
फरवरी 2023 में परीक्षा, रिजल्ट आ गया और नियुक्ति भी।
इस तरह इन 7 परीक्षाओं में कुल 5 हजार 321 पद की परीक्षाएं हुईं और रिजल्ट जारी कर नियुक्ति हुई।
इन 36 हजार 985 पदों के लिए रिजल्ट अटके
- ग्रुप 2 सब ग्रुप 4 पटवारी 9073 पद, मार्च-अप्रैल 2023 में परीक्षा, रिजल्ट आया, लेकिन फर्जीवाड़े की शिकायत के बाद रिजल्ट होल्ड हो गया और नियुक्ति रुक गई।
- वनरक्षक भर्ती (2285 पद) मई-जून 2023 में परीक्षा, रिजल्ट नहीं आया।
- ग्रुप-5 (4792 पद) जून में परीक्षा, रिजल्ट नहीं आया।
- ग्रुप-4 (3047 पद) जुलाई में परीक्षा हुई, रिजल्ट नहीं आया।
- ग्रुप वन सब ग्रुप वन (1978 पद) जुलाई में परीक्षा हुई, रिजल्ट नहीं आया।
- एचएचटीएसटी वर्ग वन (8720 पद) अगस्त 2023 में परीक्षा, रिजल्ट नहीं आया।
- पुलिस कॉन्स्टेबल (7090 पद) अगस्त 2023 में परीक्षा, रिजल्ट नहीं आया।
क्या बोल रहे हैं युवा
पटवारी परीक्षा देने वाले उम्मीदवार प्रवीण निकुम ने द सूत्र से कहा कि अभी तक कोई स्थिति क्लीयर नहीं है। परीक्षा की जांच की बात हुई थी, लेकिन क्या हुआ उसका भी अभी तक पता नहीं है। शासन को स्थिति क्लीयर करनी चाहिए। इसी तरह प्रतियोगी श्रीराम पाटीदार का कहना है कि मैंने मंडल की कृषि भर्ती संबंधी परीक्षाएं दी थी, लेकिन 5 महीने से ज्यादा समय हो गया है और रिजल्ट का पता नहीं है। समझ नहीं रहा कि आगे क्या करूं ?
छात्र संगठन भी नाराज
छात्र संगठन एनईवाययू की कोर कमेटी के रणजीत किशानवंशी कहते हैं कि प्रतियोगी उम्मदीवारों के साथ हमारा संगठन इंदौर से लेकर भोपाल और अन्य शहरों में लगातार प्रदर्शन कर सड़कों पर उतर चुका है। कई बार सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार ने चुनाव देखते हुए 1 लाख सरकारी भर्ती का वादा किया और आनन-फानन में भर्तियां निकाली, लेकिन अब रिजल्ट और नियुक्ति का कोई पता नहीं है। ये दुर्भाग्य की बात है कि पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच की बात हुई, लेकिन जांच का अभी तक कोई ठिकाना नहीं है।
पटवारी भर्ती परीक्षा का क्या हुआ ?
सालों बाद निकली पटवारी भर्ती परीक्षा रिजल्ट के बाद तब विवादों में आ गई जब ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज से एक साथ 7 टॉपर आ गए। विवाद हुआ तो तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जांच होने तक नियुक्ति रोक दी। जांच कमेटी का समय 31 अगस्त रखा और फिर इसे 31 अक्टूबर कर दिया, लेकिन जुलाई से अभी तक जांच ही चल रही है और रिपोर्ट का पता नहीं है।
जांच कहां तक पहुंची
द सूत्र ने जांच कमेटी में उच्च स्तर पर बात की तो बताया कि शासन से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, चुनाव के चलते वह नहीं मिली इसके चलते जांच पूरी नहीं हुई। दिक्कत ये है कि जब तक जांच नहीं हो जाती और रिपोर्ट नहीं आ जाती, शासन रिजल्ट को लेकर कुछ करने की स्थिति में नहीं है कि इन्हें भर्ती दी जाए या नहीं। इस परीक्षा में चयनित हुए 8 हजार से ज्यादा पटवारी नियुक्ति के लिए रुके हैं, तो वहीं फेल हुए उम्मीदवार इस इंतजार में हैं कि ये भर्ती निरस्त होगी तो फिर उन्हें भी कोई अवसर मिल सकता है।
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