सरगुजा में 2 साल में 550 लोगों ने की खुदकुशी, सामने आई ये बड़ी वजह
Rahul Garhwal | Feb 11, 2024, 20:36 IST
Suicide cases in Surguja
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। 2 सालों में 550 लोगों ने आत्महत्या की है। खुदकुशी करने वालों में ज्यादातर युवा शामिल हैं। मानसिक तनाव, प्रेम-प्रसंग और घरेलू कलह की वजह से मौत को गले लगा रहे हैं।
AMBIKAPUR. सरगुजा में पिछले 2 सालों में 550 लोगों ने आत्महत्या की है। ये आंकड़े वाकई चौंकाने वाले और चिंताजनक हैं। कई कारणों से लोग अपनी जान दे रहे हैं। सरगुजा डिस्ट्रिक्ट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने ये आंकड़े जारी किए हैं। खुदकुशी करने वालों में ज्यादातर युवा भी शामिल हैं।
सरगुजा DCRB के आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर युवा प्रेम-प्रसंग, नशे की लत और अन्य कारणों से खुदकुशी कर रहे हैं। 550 केस में से 66 पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा थे।
सरगुजा में 2022 में 266 लोगों ने आत्महत्या की थी। इसमें 28 स्टूडेंट शामिल थे। प्रमुख वजह प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रही।
सरगुजा में 2023 में 284 लोगों ने खुदकुशी की थी। इसमें 38 स्टूडेंट शामिल थे। प्रमुख वजह मानसिक तनाव, प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रही।
आंकड़ों से पता चलता है कि आज का युवा प्रेशर नहीं झेल पा रहा है, इसलिए अपनी जान दे रहा है। सहनशीलता की कमी भी बड़ी वजह बन गई है। कई बार बच्चे पेरेंट्स की डांट का इतना बुरा मान जाते हैं कि आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। प्रेम-प्रसंग के मामलों की वजह से भी खुदकुशी करने के मामले बढ़े हैं।
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क्यों जिंदगी से हार रहे ?
सरगुजा DCRB के आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर युवा प्रेम-प्रसंग, नशे की लत और अन्य कारणों से खुदकुशी कर रहे हैं। 550 केस में से 66 पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा थे।
2022
सरगुजा में 2022 में 266 लोगों ने आत्महत्या की थी। इसमें 28 स्टूडेंट शामिल थे। प्रमुख वजह प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रही।
2023
सरगुजा में 2023 में 284 लोगों ने खुदकुशी की थी। इसमें 38 स्टूडेंट शामिल थे। प्रमुख वजह मानसिक तनाव, प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक रही।
प्रेशर नहीं झेल पा रहा आज का युवा
आंकड़ों से पता चलता है कि आज का युवा प्रेशर नहीं झेल पा रहा है, इसलिए अपनी जान दे रहा है। सहनशीलता की कमी भी बड़ी वजह बन गई है। कई बार बच्चे पेरेंट्स की डांट का इतना बुरा मान जाते हैं कि आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। प्रेम-प्रसंग के मामलों की वजह से भी खुदकुशी करने के मामले बढ़े हैं।
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ये लक्षण नजर आएं तो पेरेंट्स हो जाएं सावधान
- निराशा
- अनिद्रा
- चिंता
- चिड़चिड़ापन
- अकेलापन
क्या करें उपाय
- अकेले रहने से बचें।
- रचनात्मक कार्यों में खुद को व्यस्त रखें।
- अपने परिवार और करीबियों से परेशानियों पर खुलकर चर्चा करें।
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