अभनपुर की पंचायतों में करोड़ों का गबन, पूर्व सरपंचों को जेल भेजने का आदेश

Aishwarya Dwivedi | May 20, 2026, 19:20 IST
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रायपुर के अभनपुर में सरकारी राशि के गबन मामले में एसडीएम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 पूर्व सरपंचों को 30 दिन की सिविल जेल भेजने का सख्त वारंट जारी किया है।

NEWS IN SHORT

  • अभनपुर के 11 पूर्व सरपंचों को 30 दिन की सिविल जेल।
  • सरकारी राशि के गबन और नोटिस की अनदेखी पर कार्रवाई।
  • बार-बार मौका देने के बाद भी पैसा जमा नहीं किया।
  • एसडीएम न्यायालय अभनपुर ने 18 मई को जारी किया वारंट।
  • पूरी राशि राजकोष में जमा करने पर ही टलेगी जेल।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड से एक बड़ी और कड़क प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। शासकीय राशि के गबन के मामले में एसडीएम न्यायालय अभनपुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए 11 ग्राम पंचायतों के पूर्व सरपंचों के खिलाफ 30 दिनों की सिविल जेल भेजने का फरमान जारी कर दिया है।

एसडीएम के इस कड़े आदेश के बाद से क्षेत्र के पंचायत गलियारों और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि या तो गबन की गई सरकारी राशि तत्काल राजकोष में जमा कराई जाए, अन्यथा जेल जाने के लिए तैयार रहें।

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं जागी कुंभकर्णी नींद

मिली जानकारी के मुताबिक, इन सभी 11 पूर्व सरपंचों पर अपने कार्यकाल के दौरान शासकीय फंड और विकास कार्यों के पैसों का दुरुपयोग व गबन करने का गंभीर आरोप है। प्रशासन द्वारा इन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने और राशि वापस लौटाने के लिए बार-बार मांग नोटिस (डिमांड नोटिस) जारी किए गए थे।

हद तो तब हो गई जब प्रशासन ने इनकी चल-अचल संपत्ति कुर्की (जब्ती) की कार्रवाई भी शुरू की, लेकिन इसके बावजूद इन पूर्व जनप्रतिनिधियों ने सरकारी रकम राजकोष में जमा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अंततः एसडीएम न्यायालय ने अंतिम कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न उन्हें जेल भेज दिया जाए? किसी भी पूर्व सरपंच की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर, 18 मई को कोर्ट ने सभी के खिलाफ सिविल जेल वारंट जारी कर दिया।

थाना प्रभारियों और रायपुर जेल अधीक्षक को निर्देश जारी

एसडीएम कोर्ट से वारंट जारी होते ही संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारियों और केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए दिशा-निर्देश और आदेश की कॉपियां भेज दी गई हैं। पुलिस अब इन पूर्व सरपंचों की धरपकड़ की तैयारी में है। हालांकि, प्रशासन ने एक विकल्प खुला रखा है—यदि ये पूर्व सरपंच जेल की सलाखों से बचना चाहते हैं, तो उन्हें पूरी बकाया राशि तुरंत सरकारी खाते में जमा करनी होगी।

जानिए किस पंचायत के पूर्व सरपंच पर कितनी राशि का है बकाया

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प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, गबन और रिकवरी की कुल सूची इस प्रकार है:

परसुलीडीह: पूर्व सरपंच रामेश्वर प्रसाद डहरिया – ₹5,90,387
पचेड़ा: पूर्व सरपंच थनवार बारले – ₹3,80,000
गोतियारडीह: पूर्व सरपंच सावित्री यादव – ₹2,47,034
भोथीडीह: पूर्व सरपंच तुकाराम कारले – ₹2,00,000
घोंठ: पूर्व सरपंच सेवाराम यादव – ₹1,96,000
तोरला: पूर्व सरपंच सेवेंद्र तारक – ₹1,56,915
कुर्रु: पूर्व सरपंच गोपाल ध्रुव – ₹80,000
घुसेरा: पूर्व सरपंच राधेश्याम लहरी – ₹80,000
आलेखुंटा: पूर्व सरपंच गोपेश ध्रुव – ₹50,000
चंपारण: पूर्व सरपंच धर्मेंद्र यदु – ₹30,700
खोला: पूर्व सरपंच तुलसीराम बारले – ₹20,927

एसडीएम अभनपुर ने स्पष्ट किया है कि यदि जेल दाखिले से पहले या उस दौरान संबंधितों द्वारा राशि का भुगतान कर दिया जाता है, तो ही सिविल जेल की इस दंडात्मक कार्रवाई को रोका या टाला जाएगा। इस कार्रवाई से पूरे रायपुर जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप है।

निष्कर्ष

प्रशासन की यह कड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा और स्पष्ट संदेश है। सरकारी राशि का गबन कर चुके जनप्रतिनिधियों के लिए अब बचने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। यदि वे अब भी राजकोष में पैसा जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें सलाखों के पीछे जाना ही होगा।

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