ताे यहां रुक सकते हैं शाह...आतंक के घेरे में रुकने वाले पहले गृहमंत्री
Kanak Durga Jha | Dec 14, 2024, 09:33 IST
amit Shah can stay here first Home Minister stay in terror zone
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज यानी (14 दिसंबर, रविवार) को छत्तीसगढ़ आएंगे। शाह कल से 2 दिन के बस्तर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान शाह बस्तर में सुरक्षाबलों के साथ कैंप में ही रात गुजारेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज यानी (14 दिसंबर, रविवार) को छत्तीसगढ़ आएंगे। शाह कल से 2 दिन के बस्तर दौरे पर रहेंगे। इस दौरान शाह बस्तर में सुरक्षाबलों के साथ कैंप में ही रात गुजारेंगे। शाह कहां और किस कैंप में रुकेंगे इसे लेकर अटकलें चल रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमित शाह सबसे बड़े आतंकी हिड़मा के इलाके पूवर्ती या फिर अबूझमाड़ में रुक सकते हैं।
15 दिसंबर को वे जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सरेंडर नक्सलियों से मिलेंगे। नक्सलियों का खात्मा करने वाले जवानों से भी मुलाकात करेंगे। 15 दिसंबर की रात वे बस्तर में ही गुजारेंगे। दावा है कि वे अति नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप में रात गुजार सकते हैं। ये कैंप सुकमा, बीजापुर या नारायणपुर जिले के हो सकते हैं। यहां के कुछ ग्रामीणों से भी शाह मिल सकते हैं। हालांकि आधिकारिक प्लान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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बस्तर में जब भी नक्सल का जिक्र होता है तो नक्सली लीडर माड़वी हिड़मा का नाम भी आता है। पुलिस की वांटेड लिस्ट में भी सबसे पहले हिड़मा का ही नाम है। हिड़मा सुकमा जिले के अति संवेदनशील पूवर्ती गांव का रहने वाला है। वर्तमान में ये नक्सलियों के सेंट्रल कमेटी का मेंबर है। इस पर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित है।
कुछ महीने पहले ही हिड़मा के गांव पूवर्ती में उसके घर के नजदीक ही सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित किया गया है। पूवर्ती, टेकलगुडेम समेत आस-पास के इलाके को जवानों ने कैप्चर कर लिया है। हर दिन यहां सैकड़ों जवान सर्च ऑपरेशन पर निकलते हैं। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हिड़मा के गांव जाकर उसके इलाके के लोगों से मुलाकात कर सकते हैं।
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अमित शाह नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ भी जा सकते हैं। अबूझमाड़ के गांव में इसलिए क्योंकि इस इलाके को नक्सलियों की राजधानी के नाम से जाना जाता है। यहां कई बड़े कैडर्स के नक्सली हैं। बड़ी बात है कि अबूझमाड़ के इलाके में ही आर्मी का बेस कैंप भी स्थापित किया जाना है।
इस लिहाज से इलाके को करीब से देखने और इंडियन आर्मी के बेस कैंप खोलने को लेकर वे इस इलाके में भी जा सकते हैं। माड़ की जमीनी स्थिति, इलाके के लोगों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर सकते हैं।
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15 दिसंबर को वे जगदलपुर में बस्तर ओलिंपिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सरेंडर नक्सलियों से मिलेंगे। नक्सलियों का खात्मा करने वाले जवानों से भी मुलाकात करेंगे। 15 दिसंबर की रात वे बस्तर में ही गुजारेंगे। दावा है कि वे अति नक्सल प्रभावित इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप में रात गुजार सकते हैं। ये कैंप सुकमा, बीजापुर या नारायणपुर जिले के हो सकते हैं। यहां के कुछ ग्रामीणों से भी शाह मिल सकते हैं। हालांकि आधिकारिक प्लान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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हिड़मा का गांव है पूवर्ती
कुछ महीने पहले ही हिड़मा के गांव पूवर्ती में उसके घर के नजदीक ही सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित किया गया है। पूवर्ती, टेकलगुडेम समेत आस-पास के इलाके को जवानों ने कैप्चर कर लिया है। हर दिन यहां सैकड़ों जवान सर्च ऑपरेशन पर निकलते हैं। ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हिड़मा के गांव जाकर उसके इलाके के लोगों से मुलाकात कर सकते हैं।
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अबूझमाड़ भी जा सकते हैं शाह
इस लिहाज से इलाके को करीब से देखने और इंडियन आर्मी के बेस कैंप खोलने को लेकर वे इस इलाके में भी जा सकते हैं। माड़ की जमीनी स्थिति, इलाके के लोगों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर सकते हैं।
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FAQ
- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बस्तर दौरा किस उद्देश्य से है?
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर सुरक्षाबलों से मुलाकात करेंगे, सरेंडर नक्सलियों से बातचीत करेंगे, और नक्सलियों के खात्मे में भूमिका निभाने वाले जवानों का हौसला बढ़ाएंगे। इसके अलावा, वे बस्तर ओलंपिक कार्यक्रम में शामिल होंगे और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे। - अमित शाह के दौरे के दौरान किन क्षेत्रों में रुकने की संभावना है?
अमित शाह के सुकमा जिले के पूवर्ती, बीजापुर, या नारायणपुर जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के कैंप में रुकने की संभावना है। पूवर्ती, जो कुख्यात नक्सली हिड़मा का गांव है, या नारायणपुर का अबूझमाड़, जो नक्सलियों की राजधानी के रूप में जाना जाता है, उनकी यात्रा का संभावित हिस्सा हो सकते हैं। - हिड़मा का पूवर्ती गांव नक्सल समस्या के संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
पूवर्ती गांव नक्सली लीडर माड़वी हिड़मा का गांव है, जो नक्सलियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य है और जिस पर 1 करोड़ रुपए से अधिक का इनाम घोषित है। यह गांव अति संवेदनशील क्षेत्र है और यहां सुरक्षाबलों ने हाल ही में कैंप स्थापित किया है। हिड़मा का नाम नक्सल गतिविधियों और हिंसक घटनाओं में प्रमुखता से जुड़ा है।
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