तीन साल में हो हर अपराध का निपटारा, अमित शाह बोले, केंद्र और राज्य के बीच डेढ़ हजार विवाद खत्म
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद (सेंट्रल जोनल काउंसिल) की बैठक में देश के कुछ अहम मुद्दों पर फोकस किया। शाह ने अपराध, मिलावट और केंद्र और राज्यों के बीच विवाद जैसी चुनौती से निपटने पर ज़ोर दिया। बस्तर में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए।
खत्म हो रहे केंद्र और राज्यों के विवाद:
अमित शाह ने बैठक में बताया कि राज्यों और केंद्र के बीच लंबित विवादों के समाधान से बैठक के लिए सकारात्मक माहौल बना है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नियमित रूप से हो रही जोनल काउंसिल की बैठक हो रही हैं। संघवाद को मजबूत करने से राज्यों के बीच कई विवादों का समाधान हुआ है।
केंद्र-राज्यों के बीच इतनी बैठक:
अमित शाह ने जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच केवल 11 जोनल काउंसिल बैठकें हुई थीं, जबकि 2014 से 2026 के बीच इनकी संख्या बढ़कर 32 हो गई। इसी तरह स्थायी समिति की बैठकों की संख्या 14 से बढ़कर 35 हो गई। उन्होंने बताया कि पहले 569 मुद्दों पर चर्चा हुई थी, जबकि वर्तमान अवधि में 1,729 मुद्दों पर विचार हुआ, जिनमें करीब 80 प्रतिशत मामलों का समाधान किया जा चुका है।
इस काउंसिल में 4 अहम राज्य:
केंद्रीय क्षेत्रीय परिषद (Central Zonal Council) में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। हिमालयी क्षेत्र से लेकर गंगा-यमुना के मैदानों और मध्य भारत के वन एवं खनिज संपन्न क्षेत्रों तक फैला यह इलाका देश के विकास में अहम भूमिका निभाता है। शाह ने कहा कि यह क्षेत्र देश की खाद्य सुरक्षा, खनिज उत्पादन और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। साथ ही छत्तीसगढ़ करीब सात राज्यों को जोड़ता है, जिससे यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
हर अपराध का 3 साल में हो निपटारा:
उन्होंने लक्ष्य तय करते हुए कहा कि जिस तरह देश को नक्सलवाद से मुक्त किया गया है, उसी तरह 2029 से पहले हर आपराधिक मामले को तीन वर्षों के भीतर सुप्रीम कोर्ट तक तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल करना होगा। गृह मंत्री ने कहा कि पॉक्सो और दुष्कर्म मामलों में समय पर डीएनए जांच से 100 प्रतिशत दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने हाईकोर्ट्स से पांच साल से लंबित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतें गठित करने का आग्रह किया। साथ ही राज्यों से 1930 हेल्पलाइन के लिए गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रारूप लागू करने और कॉल सेंटरों को अपग्रेड करने को कहा।
मिलावट पर अंकुश:
अमित शाह ने खाद्य पदार्थों में मिलावट से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता भी बताई, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े। उन्होंने कहा कि नए तीन आपराधिक कानूनों का क्रियान्वयन प्रभावी रहा है, लेकिन कई क्षेत्रों में इसे और मजबूत करने की जरूरत है।
नक्सल मुक्त बस्तर:
बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह अत्यंत खुशी की बात है कि बस्तर क्षेत्र बैठक से पहले ही नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों की बहादुरी, खुफिया एजेंसियों की सटीक सूचना प्रणाली, राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के समन्वित अभियान तथा केंद्र और राज्य सरकारों की “Whole of Government Approach” को दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बावजूद संघर्ष अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि दशकों की उपेक्षा के कारण प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा तक पहुंचाना अभी बाकी है।
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