ऑपरेशन के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौतः क्लीनचिट पर बवाल, CBI जांच की मांग

VINAY VERMA | Jul 06, 2026, 19:04 IST
Share
फर्जी डॉक्टर का इलाज और 27 मौतों का गंभीर आरोप
फर्जी डॉक्टर का इलाज और 27 मौतों का गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में अपोलो अस्पताल को पुलिस ने क्लीन चिट दी है, जबकि फर्जी डॉक्टर से इलाज के आरोप हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत के बाद मामला उठा था। 27 मौतों और 270 मरीजों के खतरे के दावे के बीच CBI जांच की मांग हो रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छग पुलिस ने अपोलो अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है। इसी अस्पताल में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. पं. राजेंद्र प्रसाद शुक्ला का ऑपरेशन हुआ था। 18 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर नरेद्र जॉन केम की डिग्री पर सवाल उठा। प्राथमिक जांच में आरोप सही भी पाए गए।

पं. शुक्ला के बेटे डॉ. प्रदीप शुक्ला ने बिलासपुर स्थिति अपोलो अस्पताल पर भी फर्जी डॉक्टरों से इलाज करवाने का आरोप लगाया। पुलिस ने फरार डॉक्टर नरेद्र जॉन केम को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन अब अस्पताल को क्लीन चिट दे दी है। डॉ. प्रदीप शुक्ला पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इतना ही नहीं डॉ. शुक्ला ने कहा है कि वे अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

27 मौतों का दावा, 270 मरीजों की जान पर खतरा

डॉ. प्रदीप शुक्ला का कहना है कि वर्ष 2005-06 के दौरान अपोलो अस्पताल में कार्यरत रहे कथित फर्जी डॉक्टर नरेंद्र जॉन केम के इलाज और ऑपरेशन से उनके पिता समेत 27 लोगों की मौत हुई। करीब 270 मरीजों की जान खतरे में पड़ी। पिछले साल दमोह से आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने उसकी पहचान की थी। इसके बाद फर्जी डॉक्टर के साथ-साथ अपोलो अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई। उनका कहना है कि जिम्मेदारी सिर्फ फर्जी डॉक्टर की नहीं, उसे अस्पताल में जगह देने वालों की भी तय होनी चाहिए।

पुलिस बोली- साजिश के सबूत नहीं मिले

मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश करने से पहले अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अस्पताल प्रबंधन या चयन समिति ने किसी आपराधिक षड्यंत्र के तहत जानबूझकर आरोपी की नियुक्ति की, इसके पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। यानी पुलिस की नजर में नियुक्ति प्रक्रिया में आपराधिक मंशा साबित नहीं हुई। लेकिन यही निष्कर्ष अब सबसे बड़ा विवाद बन गया है।

पुरानी जांच ने खड़े किए नए सवाल

डॉ. प्रदीप शुक्ला का दावा है कि तत्कालीन आईएमए अध्यक्ष डॉ. किरण देवरस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ था। जांच में सामने आया था कि अपोलो के मद्रास मुख्यालय को डॉक्टर की MBBS और NRPC डिग्रियों के फर्जी होने की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी। इसके बावजूद न तो डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई और न ही उसे तत्काल हटाया गया। अगर यह तथ्य सही है तो फिर अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं उठे, यही सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

बड़े अस्पताल में सिर्फ बायोडाटा से होती है भर्ती?

डॉ. शुक्ला का आरोप है कि पुलिस को नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों के नाम पर सिर्फ आरोपी का बायोडाटा दिया गया। अब सवाल यह है कि क्या करोड़ों के अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती सिर्फ बायोडाटा देखकर हो जाती है? क्या डिग्रियों का सत्यापन नहीं किया जाता? क्या नियुक्ति प्रक्रिया का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता? इन्हीं सवालों का जवाब अभी तक सामने नहीं आया है।

चपरासी का वेरिफिकेशन, डॉक्टर का नहीं?

डॉ. प्रदीप शुक्ला ने कहा कि किसी सरकारी या निजी संस्थान में चपरासी तक की नियुक्ति से पहले दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। फिर एक विशेषज्ञ डॉक्टर को बिना डिग्री जांचे ऑपरेशन थिएटर तक कैसे पहुंचा दिया गया? उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय किए बिना उसे क्लीन चिट देना न्याय के साथ समझौता है। ऐसे मामलों में लापरवाही भी उतनी ही गंभीर है जितनी साजिश।

CBI जांच की मांग, कोर्ट जाने की चेतावनी

पुलिस की क्लीन चिट के बाद अब मामला एक बार फिर गरमा गया है। डॉ. प्रदीप शुक्ला ने दो टूक कहा है कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष CBI जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। 27 मौतों के आरोप, फर्जी डिग्री, अस्पताल की नियुक्ति प्रक्रिया और पुलिस की क्लीन चिट के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी?

महत्वपूर्ण तथ्य

अपोलो अस्पताल को पुलिस ने जांच के बाद क्लीन चिट दी।

फर्जी डॉक्टर नरेंद्र जॉन केम पर इलाज का आरोप है।

27 मरीजों की मौत और 270 की जान खतरे में होने का दावा।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की मौत के बाद मामला सामने आया।

परिजनों ने CBI जांच की मांग और कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।

FAQ

  1. अपोलो अस्पताल को क्लीन चिट क्यों दी गई?
    पुलिस जांच में अस्पताल प्रबंधन की ओर से साजिश या आपराधिक मंशा के पर्याप्त सबूत नहीं मिले।
  2. मामले में मुख्य आरोप क्या हैं?
    फर्जी डॉक्टर से इलाज, डिग्री पर सवाल और 27 मरीजों की मौत का दावा मुख्य आरोप हैं।
  3. अब आगे क्या कार्रवाई की मांग हो रही है?
    परिजनों ने पूरे मामले की CBI जांच और कोर्ट में सुनवाई की मांग की है।

यह खबरें भी पढ़े...

CBI जांच की मांग : विधानसभा में आएगा अशासकीय संकल्प

फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट और अपोलो अस्पताल प्रबंधन पर कसा शिकंजा

एमपी का ऑपरेशन हमदर्द: अब रेलवे स्टेशनों पर रहने वालों का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड

दुर्ग और बिलासपुर में भी शुरू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली : विजय शर्मा

Tags:
  • बिलासपुर
  • अपोलो अस्पताल
  • ऑपरेशन
  • अदालत
  • CBI जांच की मांग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि