7 मार्शलों की बैकडोर एंट्री, चयनित अभ्यर्थी अब तक नियुक्ति का इंतजार करते रहे
VINAY VERMA | Aug 14, 2026, 17:47 IST
सचिवालय भर्ती विवाद
विधानसभा सचिवालय में मार्शल भर्ती का मामला 25 साल से अटका है। 2001 में परीक्षा के बाद 7 अभ्यर्थियों की फाइनल चयन सूची जारी हुई थी, लेकिन नियुक्ति नहीं मिली।
विधानसभा सचिवालय में मार्शल के पदों पर भर्ती का मामला करीब ढाई दशक बाद भी खत्म नहीं हुआ है। साल 2001 में भर्ती निकली। अभ्यर्थियों ने फिजिकल और रिटेन परीक्षा दी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 7 पदों की फाइनल चयन सूची जारी हुई। चयनित अभ्यर्थियों को अब सिर्फ नियुक्ति पत्र का इंतजार था।
चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग मिलती, उससे पहले सरकार बदल गई। इसके बाद आरोप है कि पहले से चयनित 7 अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के बजाय दूसरी व्यवस्था से 7 लोगों को मार्शल के पद पर एंट्री दे दी गई। यानी परीक्षा देकर मेरिट में आए अभ्यर्थी बाहर रह गए और कथित बैकडोर एंट्री वाले नौकरी करने लगे।
इसके बाद यह विवाद कोर्ट तक पहुंच गया। मामला करीब 17 साल तक चला। आखिरकार कोर्ट के आदेश के बाद बैकडोर से नियुक्त किए गए लोगों को नौकरी से हटाया गया। लेकिन असली सवाल यहीं से खड़ा हुआ, जब पुरानी चयन सूची मौजूद थी, तो उसमें चयनित अभ्यर्थियों को नौकरी क्यों नहीं दी गई?
बैकडोर नियुक्तियां हटने के बाद भी 2001 में चयनित अभ्यर्थियों की राह साफ नहीं हुई। उन्हें नियुक्ति देने के बजाय विधानसभा सचिवालय ने ऑल इंडिया लेवल पर सिर्फ 5 पदों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी। नई भर्ती की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। ऐसे में वर्षों पहले चयनित अभ्यर्थी आज भी नियुक्ति पत्र की बाट जोह रहे हैं।
अभ्यर्थियों का सवाल सीधा है, जब चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और 7 पदों की फाइनल सूची जारी हो चुकी थी, तो उन पर फैसला क्यों नहीं हुआ? अगर बाद में पद खाली हुए, तो पुराने चयनित अभ्यर्थियों के दावे पर विचार क्यों नहीं किया गया? क्या नई भर्ती पुराने चयनित अभ्यर्थियों के अधिकार को खत्म कर देती है?
यह सिर्फ नौकरी का विवाद नहीं है। इन अभ्यर्थियों की उम्र, करियर और अवसर भी इस लंबे इंतजार में निकल गए। 2001 में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी आज जीवन के अलग पड़ाव पर पहुंच चुके हैं। सवाल यह भी है कि इतने साल तक सरकारी प्रक्रिया और कानूनी लड़ाई के बीच उनका नुकसान कौन भरेगा?
विधानसभा सचिवालय के जवाब और नियुक्ति की प्रक्रिया से परेशान कुछ अभ्यर्थियों ने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामला सिर्फ 7 पदों का नहीं है। सवाल सरकारी भर्ती में चयन, मेरिट और प्रक्रिया की विश्वसनीयता का है। अभ्यर्थियों को इंतजार है कि आखिर 25 साल पुरानी चयन सूची का भविष्य क्या होगा।
CGPSC रिजल्ट में NEWS और Space Rani की एंट्री, भूपेश ने दी सांय-सांय बधाई
SI भर्ती परीक्षा, रील्स में उड़ाए गए अभ्यर्थियों का मजाक, आयोग ने बताई हकीकत
SI भर्ती विवाद | News नाम वाला कैंडिडेट बोला- 10वीं में सरनेम छूटा, हे राम और तूफैल भी असली नाम
CG Top News : छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें....
सरकार बदली, कहानी पलटी
17 साल चला मामला
पुरानी सूची की जगह नई भर्ती
अभ्यर्थियों का सवाल क्या है?
भविष्य पर भारी पड़ा इंतजार
कोर्ट की शरण में अभ्यर्थी
यह खबरें भी पढ़ें...
SI भर्ती परीक्षा, रील्स में उड़ाए गए अभ्यर्थियों का मजाक, आयोग ने बताई हकीकत
SI भर्ती विवाद | News नाम वाला कैंडिडेट बोला- 10वीं में सरनेम छूटा, हे राम और तूफैल भी असली नाम
CG Top News : छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें....
दीपावली पर जयपुर नगर निगम का अजीब रूट प्लान: निजी कंपनी की दूरी घटी, निगम के कॉम्पैक्टर पर बढ़ा बोझ
By Ashish Bhardwaj
MP में 27% OBC आरक्षण पर नया दांव, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे BJP विधायक, सरकार भी दायर करेगी SLP
By Manya Jain
रायपुर में आज से भिड़ेंगे भारत-जिम्बाब्वे, महिलाओं को फ्री एंट्री, स्मृति मंधाना संभालेंगी फुलटाइम कप्तानी
By Harrison Masih
पंचायत चुनाव: नाम वापसी के बाद मुकाबला साफ, जयपुर जिला परिषद के लिए 154 प्रत्याशी मैदान में
By Jageshwar prasad
शिवपुरी में BJP विधायक से भिड़ा युवक, बोला- आप गधे हो, मैं ग्रेजुएट हूं, VIDEO वायरल
By Manya Jain
कोटा में सिजेरियन के बाद महिला की हालत बिगड़ी, किडनी फंक्शन बंद, प्लेटलेट्स के लिए भटके परिजन
By Jageshwar prasad
पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने वाला देश का पहला राज्य बना मध्य प्रदेश, इन चार शहरों में होगी सुनवाई
By Kaushiki