अब विष्णु की योजनाओं पर रहेगी अटल की नजर, हवा हवाई नहीं जमीनी हकीकत का हिसाब-किताब
Arun Tiwari | Aug 16, 2024, 16:51 IST
Atal keep eye on cm Vishnu's plans the sootr
नई सरकार बनने के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने सुशासन दिवस यानी भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंति पर गुड गवर्नेंस का संकल्प लिया था। इसके तहत ही अटल मॉनिटरिंग एप लांच की गई है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश में सुशासन का नया मॉडल खड़ा करना चाहते हैं। इसके लिए सीएम नए_नए कदम उठा रहे हैं। इस दिशा में सीएम ने एक और कदम उठाया है। सरकार अपने पूरे सिस्टम को तीसरी नजर से देखेगी। इसके लिए अटल मॉनिटरिंग एप का नया मैकेनिज्म तैयार किया गया है। खासतौर पर यह एप सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत देखेगी। यानी सरकार की हर योजनाओं पर सीएम सचिवालय की नजर रहेगी। इस एप के जरिए सीएम को पता चल सकेगा कि योजनाओं के क्रियान्वयन की असलियत क्या है। इस एप पर हर एक योजना की प्लानिंग से लेकर लागू होने तक की हर जानकारी मौजूद रहेगी।
नई सरकार बनने के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने सुशासन दिवस यानी भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंति पर गुड गवर्नेंस का संकल्प लिया था। इसके तहत ही अटल मॉनिटरिंग एप लांच की गई है। इस एप का पूरा कंट्रोल सीएम सचिवालय के हाथों में रहेगा। सीएम के सचिव आईएएस पी दयानंद, आईपीएस राहुल भगत और आईएएस बसवराजू एस के कंट्रोल में अटल एप का पूरा सिस्टम काम करेगा। इस एप के जरिए सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी।
सीएम की फ्लैगशिप योजनाओं की अलग केटेगरी बनाई गई है। इस एप पर योजना की प्लानिंग से लेकर उसके क्रियान्वयन तक पूरी जानकारी रहेगी। विभागीय अफसर योजनाओं के क्रियान्वयन के अच्छी रिपोर्ट सरकार को सौंपते हैं लेकिन उनकी असलियत कुछ और ही होती है। इसी गैप को दूर करने के लिए यह अटल एप बनाई गई है। अटल एप के जरिए योजनाओं पर सीएम की पैनी और सीधी नजर रहेगी।
सीएम ने जब से जनदर्शन शुरु किया है तब से उनके सामने नौकरशाही के कामकाज की असलियत सामने आ गई। जनदर्शन में लोग सीएम के सामने छोटी छोटी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। यानी लोगों की छोटी से छोटी समस्या का समाधान उनके वॉर्ड,तहसील या ब्लॉक कार्यालय में नहीं हो रहा है। जो समस्याएं पार्षद और तहसीलदार से दूर हो सकती हैं वे सीएम तक आ रही हैं।
राशन कार्ड से लेकर पेंशन न मिलने और सड़क,बिजली,पानी जैसे बुनियादी जरुरतों के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। सीएम ने लोगों से ये भी जाना है कि उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। छोटे छोटे काम के लिए पैसे देने पड़ते हैं। उनका राशन कोई बीच में ही खा लेता है। इन समस्याओं से दो चार हुए सीएम ने अब योजनाओं की मॉनीटरिंग का जिम्मा खुद उठाया है। इसी करण अटल एप का कांसेप्ट सामने आया है।
_ अलग से सुशासन विभाग का गठन किया गया।
_ योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अटल मॉनिटरिंग एप तैयार किया गया है।
_ हर विभाग में 266 करोड़ के आईटी टूल्स का इस्तेमाल।
_ विभागों में विजिलेंस सेल का गठन।
_ सीएम का जनदर्शन कार्यक्रम।
_ जन समस्या निवारण पखवाड़ा।
_ हर जिले का जिम्मा एक आईएएस अफसर के हाथों में।
_ खनिजों के परिवहन के लिए ई ट्रांजिट पास।
_ सरकारी विभागों में जैम पोर्टल से ही खरीदी।
_ तहसीलदार को दिया राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान का अधिकार।
_ आबाकारी नीति में शराब की सीधी खरीदी कंपनियों के माध्यम से।
सीएम के इन कदमों से क्या आम आदमी को मिलेगी राहत। यह सवाल इसलिए है क्योंकि सरकार कोशिश तो करती है लेकिन उनकी इस कोशिश पर नौकरशाही पानी फेर देती है। सीएम के सुशासन के प्रयासों की तारीफ तो तभी है जब ये सारे प्रयोग कामयाब हो पाएं और आम आदमी को समस्याओं से निजात मिल सके।
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कैसे काम करेगी अटल मॉनिटरिंग एप
नई सरकार बनने के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने सुशासन दिवस यानी भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंति पर गुड गवर्नेंस का संकल्प लिया था। इसके तहत ही अटल मॉनिटरिंग एप लांच की गई है। इस एप का पूरा कंट्रोल सीएम सचिवालय के हाथों में रहेगा। सीएम के सचिव आईएएस पी दयानंद, आईपीएस राहुल भगत और आईएएस बसवराजू एस के कंट्रोल में अटल एप का पूरा सिस्टम काम करेगा। इस एप के जरिए सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रखी जाएगी।
सीएम की फ्लैगशिप योजनाओं की अलग केटेगरी बनाई गई है। इस एप पर योजना की प्लानिंग से लेकर उसके क्रियान्वयन तक पूरी जानकारी रहेगी। विभागीय अफसर योजनाओं के क्रियान्वयन के अच्छी रिपोर्ट सरकार को सौंपते हैं लेकिन उनकी असलियत कुछ और ही होती है। इसी गैप को दूर करने के लिए यह अटल एप बनाई गई है। अटल एप के जरिए योजनाओं पर सीएम की पैनी और सीधी नजर रहेगी।
क्यों पड़ी इसकी जरुरत
सीएम ने जब से जनदर्शन शुरु किया है तब से उनके सामने नौकरशाही के कामकाज की असलियत सामने आ गई। जनदर्शन में लोग सीएम के सामने छोटी छोटी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। यानी लोगों की छोटी से छोटी समस्या का समाधान उनके वॉर्ड,तहसील या ब्लॉक कार्यालय में नहीं हो रहा है। जो समस्याएं पार्षद और तहसीलदार से दूर हो सकती हैं वे सीएम तक आ रही हैं।
राशन कार्ड से लेकर पेंशन न मिलने और सड़क,बिजली,पानी जैसे बुनियादी जरुरतों के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। सीएम ने लोगों से ये भी जाना है कि उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। छोटे छोटे काम के लिए पैसे देने पड़ते हैं। उनका राशन कोई बीच में ही खा लेता है। इन समस्याओं से दो चार हुए सीएम ने अब योजनाओं की मॉनीटरिंग का जिम्मा खुद उठाया है। इसी करण अटल एप का कांसेप्ट सामने आया है।
सुशासन के लिए उठाए ये कदम
_ अलग से सुशासन विभाग का गठन किया गया।
_ योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अटल मॉनिटरिंग एप तैयार किया गया है।
_ हर विभाग में 266 करोड़ के आईटी टूल्स का इस्तेमाल।
_ विभागों में विजिलेंस सेल का गठन।
_ सीएम का जनदर्शन कार्यक्रम।
_ जन समस्या निवारण पखवाड़ा।
_ हर जिले का जिम्मा एक आईएएस अफसर के हाथों में।
_ खनिजों के परिवहन के लिए ई ट्रांजिट पास।
_ सरकारी विभागों में जैम पोर्टल से ही खरीदी।
_ तहसीलदार को दिया राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान का अधिकार।
_ आबाकारी नीति में शराब की सीधी खरीदी कंपनियों के माध्यम से।
क्या आम आदमी को मिलेगी राहत
सीएम के इन कदमों से क्या आम आदमी को मिलेगी राहत। यह सवाल इसलिए है क्योंकि सरकार कोशिश तो करती है लेकिन उनकी इस कोशिश पर नौकरशाही पानी फेर देती है। सीएम के सुशासन के प्रयासों की तारीफ तो तभी है जब ये सारे प्रयोग कामयाब हो पाएं और आम आदमी को समस्याओं से निजात मिल सके।
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