OTP बताते ही ब्लॉक हुआ ATM, LIC अफसर का एक सेकंड में अकाउंट खाली
Bilaspur Cyber Crime News : छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में एलआईसी अफसर ही ठगी का शिकार हो गए। फोन कॉल पर ओटीपी बताते ही अफसर का एटीएम ब्लॉक हो गया। इसके कुछ देर बाद अकाउंट से 28 लाख रुपए पार हो गए। दरअसल, ठगों ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) अफसर को ऑनलाइन केवाईसी कराने की सलाह दी। इस वजह से अफसर ठगों के जाल में फंस गए।
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अपडेट कराने के लिए बैंक आ जाइए - ठग
ठगों ने फोन पर इस तरीके से बात किया कि, अफसर को ठगी की भनक भी नहीं लगी। ठगों ने अफसर को कॉल करके कहा कि, फोन कर ठगों ने कहा कि, केवाईसी अपडेट कराने के लिए बैंक आ जाइए। जब उन्होंने व्यस्त होने की बात कही, तो ठग ने ऑनलाइन केवाईसी कराने की सलाह दी। दस्तावेज लेकर ओटीपी पूछा और बताते ही खाते से 28 लाख रुपए पार हो गए।
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अंजान कॉल पर भरोसा करना पड़ गया महंगा
यह पूरा मामला बिलासपुर जिले के सकरी थाना क्षेत्र का है। नेचर सिटी निवासी जानसन एक्का भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रशासनिक अधिकारी हैं। उनके पास 7 दिसंबर की दोपहर अनजान नंबर से कॉल आया। एलआईसी अधिकारी जब ऑनलाइन केवाईसी के लिए राजी हुए तो ठगों ने उन्हें दूसरे नंबर से वॉट्सऐप कॉल किया।
इस दौरान एलआईसी अफसर ने उन्हें अपनी गोपनीय जानकारी, एटीएम कार्ड और पेन कार्ड के नंबर सब बताए। इसके कुछ ही देर बाद ओटीपी बताते ही उनका एटीएम कार्ड ब्लॉक हो गया। जब एलआईसी अधिकारी अकाउंट और एटीएम की जानकारी लेने बैंक पहुंचे, तब उन्हें पता चला कि, उनके खाते से ना सिर्फ लोन लेकर खरीदारी की गई है। बल्कि, उनके क्रेडिट कार्ड से खरीदी कर ली गई है। साथ ही उनके खाते से रुपए भी ट्रांसफर किए गए हैं।
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FAQ
- एलआईसी अधिकारी ठगी का शिकार कैसे हुए और कितनी राशि का नुकसान हुआ?
एलआईसी अधिकारी को एक अनजान कॉल आया, जिसमें ठगों ने ऑनलाइन केवाईसी अपडेट कराने की सलाह दी। ओटीपी बताने के बाद उनका एटीएम ब्लॉक हो गया और खाते से 28 लाख रुपए पार हो गए। - ठगों ने किस तरीके से एलआईसी अधिकारी को अपने जाल में फंसाया?
ठगों ने एलआईसी अधिकारी को बैंक जाकर केवाईसी अपडेट करने की बात कही। जब अधिकारी ने व्यस्तता जताई, तो ठगों ने ऑनलाइन केवाईसी कराने की सलाह दी और व्हाट्सऐप कॉल के जरिए गोपनीय जानकारी जैसे एटीएम कार्ड, पेन कार्ड नंबर और ओटीपी प्राप्त कर ठगी की। - ठगी का पता एलआईसी अधिकारी को कब चला और क्या नुकसान हुआ?
ठगी का पता तब चला जब एलआईसी अधिकारी बैंक पहुंचे। उन्होंने पाया कि उनके खाते से लोन लेकर खरीदारी की गई, क्रेडिट कार्ड से खर्च किया गया और खाते से पैसे ट्रांसफर भी कर लिए गए हैं।
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