बस्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय सम्मान, 130 स्वास्थ्य संस्थानों को नेशनल गुणवत्ता प्रमाण
छत्तीसगढ़ में कभी नक्सलवाद (Naxalism) का गढ़ कहा जाने वाला बस्तर संभाग (Bastar Region) अब पूरे भारत में अपनी एक अलग सकारात्मक पहचान बनाता हुआ नजर आ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) के कवरेज को भी गति दी जा रही है। योजना के तहत बस्तर संभाग (Bastar Region) में महज एक साल में ही 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस उपबल्धि के लिए बस्तर को राष्ट्रीय सम्मान, 130 स्वास्थ्य संस्थानों को नेशनल गुणवत्ता प्रमाण मिला है।
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50 फीसदी से ज्यादा कवरेज
अब तक 52.6 प्रतिशत कवरेज हो चुका है और 6 हजार 816 हितग्राहियों को 8 करोड़ 22 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता मिल चुकी है। इसी क्रम में 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक केवल बस्तर संभाग में ही कुल 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके साथ ही, 65 अन्य संस्थाओं का प्रमाणीकरण काम चल रहा है।
बस्तर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
पिछले डेढ़ साल के दौरान सरकार ने बस्तर संभाग (Bastar Region) में 117 मेडिकल ऑफिसर , 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट और 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की । राज्य स्तर से 75 और जिला स्तर से 307 स्टाफ के साथ ही मैनेजमेंट के पदों पर भर्ती की गई है। जबकि 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में शानदार परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब बस्तर जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाके में भी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की पहुंच में हैं।
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| 1. आयुष्मान कार्ड कवरेज में तेजी बस्तर संभाग में 'नियद नेल्लानार योजना' के तहत अब तक 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे 52.6% आबादी को कवर किया जा चुका है। 2. मरीजों को बड़ी राहत अब तक 6,816 लोगों को आयुष्मान योजना के तहत 8.22 करोड़ रुपये की मुफ्त चिकित्सा सहायता मिल चुकी है। 3. गुणवत्ता प्रमाणन में बड़ी उपलब्धि जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS प्रमाणन मिला है, जिसमें जिला अस्पताल, PHC और सब-सेंटर शामिल हैं। 4. स्वास्थ्य स्टाफ की भर्ती में तेजी पिछले 18 महीनों में 117 मेडिकल ऑफिसर, 33 विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य स्टाफ की भर्ती की गई है। साथ ही 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। 5.सीएम साय का विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में हुए इस बदलाव पर खुशी जताते हुए मितानिनों और स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की और कहा कि बस्तर पर सरकार का विशेष ध्यान रहेगा। |
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सीएम साय ने दी बधाई
FAQ
- सवाल 1. बस्तर संभाग में आयुष्मान कार्ड योजना के तहत अब तक कितने कार्ड बनाए गए हैं?
जवाब: बस्तर संभाग में नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत महज एक साल में 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे वहां के नागरिकों को मुफ्त और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। - सवाल 2. बस्तर में स्वास्थ्य संस्थानों को कौन सा गुणवत्ता प्रमाणन मिला है?
जवाब: जनवरी 2024 से 16 जून 2025 के बीच बस्तर संभाग के कुल 130 स्वास्थ्य संस्थानों को NQAS (National Quality Assurance Standards) के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है। इनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। - सवाल 3. बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कितनी नियुक्तियां की गई हैं?
जवाब: पिछले डेढ़ सालों में बस्तर संभाग में 117 मेडिकल ऑफिसर, 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट, 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा राज्य और जिला स्तर पर कुल 382 स्टाफ की भर्ती भी हुई है, जबकि 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। - सवाल 4. बस्तर संभाग के कितने लोगों को चिकित्सा सहायता का लाभ मिला है?
जवाब: अब तक 6,816 हितग्राहियों को आयुष्मान योजना के तहत लगभग ₹8 करोड़ 22 लाख की चिकित्सा सहायता दी जा चुकी है, जो जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। - सवाल 5. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर क्या कहा?
जवाब: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य सेवाओं में हो रहे सुधार पर प्रसन्नता जताई और कहा कि मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और भागीदारी से ही यह परिवर्तन संभव हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर सरकार की विशेष प्राथमिकता में है।
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