पुनर्वास नीति पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, जमीन अधिग्रहण की तारीख पर प्रभावी नियम के हिसाब से ही मिलेगा लाभ
Pravesh Shukla | Aug 05, 2025, 16:24 IST
secl-rehabilitation-policy-high-court-verdict the sootr
बिलासपुर। एसईसीएल के खिलाफ पुनर्वास नीति के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दायर की गई अपील पर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए कहा कि जमीन के अधिग्रहण की तारीख पर प्रभावशील पुनर्वास नीति के मुताबिक ही प्रभावितों को फायदा मिलेगा ।
बिलासपुर। एसईसीएल के खिलाफ पुनर्वास नीति के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दायर की गई अपील पर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए साफ कर दिया कि जमीन के अधिग्रहण की तारीख पर प्रभावशील पुनर्वास नीति के मुताबिक ही प्रभावितों को फायदा मिलेगा ।
पढ़ें: भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला, संभागायुक्त ने दी 15 अगस्त की डेडलाइन, लापरवाह अफसरों पर संकट
अपने आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत भूमि अधिग्रहण से प्रभावितों को रोजगार देना एसईसीएल की जिम्मेदारी है। इसके लिए यह नहीं देखा जाएगा कि अधिग्रहण किस नियम के तहत हुआ है। जमीन अधिग्रहण की तारीख पर जो नीति प्रभावशील थी, उसके मुताबिक पात्र व्यक्तियों को रोजगार और पुनर्वास का लाभ मिलना चाहिए। मामले में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस विभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने साफ किया कि एसईसीएल की ओर से दायर इस अपील में उठाए गए मुद्दे पहले ही प्यारे लाल मामले में निचली अदालत द्वारा तय किए जा चुके हैं और उस फैसले को चुनौती भी नहीं दी गई है। ऐसे में अपील में उठाए गए तर्कों में कोई नवीनता नहीं है, जिससे डिवीजन बेंच को पूर्व के निर्णय से अलग रुख अपनाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
पढ़ें: बीजेपी की टीम में हो सकती है अभिषेक सिंह की इंट्री, युवा मोर्चा के भगत की छुट्टी, नंदन,पवन बरकरार
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट कोर्ट ने अपने फैसले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया, जिसमें यह साफ किया गया है कि पुनर्वास और रोजगार का अधिकार भूमि अधिग्रहण के साथ जुड़ा मौलिक अधिकार है और इसे किसी भी प्रकार की नीति में बदलाव के आधार पर छीना नहीं जा सकता।
पढ़ें: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का मिड-डे मील में लापरवाही पर सख्त रुख, शिक्षा सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश
डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि SECL की अपील में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे दिए पिछले वक्त में दिए गए आदेशों में हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि पूर्व निर्णय दिनांक 29 जुलाई 2025 के अनुसार ही इस प्रकरण का निपटारा किया जाएगा।
पढ़ें: नवोदय स्कूल में अभी भी ले सकते हैं एडमिशन... आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
पढ़ें: भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला, संभागायुक्त ने दी 15 अगस्त की डेडलाइन, लापरवाह अफसरों पर संकट
पात्र व्यक्तियों को मिले रोजगार और पुनर्वास
'अलग रुख अपनाने की जरूरत नहीं'
पढ़ें: बीजेपी की टीम में हो सकती है अभिषेक सिंह की इंट्री, युवा मोर्चा के भगत की छुट्टी, नंदन,पवन बरकरार
पुनर्वास और रोजगार मौलिक अधिकार
|
नियम के मुताबिक हो प्रकरण का निपटारा: HC
पढ़ें: नवोदय स्कूल में अभी भी ले सकते हैं एडमिशन... आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी
FAQ
- सवाल 1: हाईकोर्ट में किस मुद्दे पर अपील दायर की गई थी?
जवाब: एसईसीएल (SECL) के खिलाफ यह अपील पुनर्वास नीति के उल्लंघन के आरोप को लेकर दायर की गई थी। आरोप था कि प्रभावितों को रोजगार और पुनर्वास का लाभ नहीं दिया गया। - सवाल 2: हाईकोर्ट ने इस अपील पर क्या फैसला सुनाया?
हाईकोर्ट ने यह कहते हुए अपील को खारिज कर दिया कि प्रभावितों को वही लाभ मिलेगा जो जमीन जवाब: अधिग्रहण की तारीख पर प्रभावशील पुनर्वास नीति के तहत निर्धारित था। कोर्ट ने कहा कि उस तारीख की नीति ही मान्य होगी। - सवाल 3: कोर्ट ने पुनर्वास और रोजगार को किस रूप में माना है?
जवाब: कोर्ट ने पुनर्वास और रोजगार को मौलिक अधिकार (Fundamental Right) माना है और कहा कि इसे किसी भी नीति परिवर्तन के आधार पर छीना नहीं जा सकता। - सवाल 4 : एसईसीएल की अपील को क्यों खारिज किया गया?
जवाब: एसईसीएल की अपील में कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया था। पूर्व में "प्यारे लाल" मामले में इसी तरह का निर्णय दिया जा चुका था, जिसे चुनौती भी नहीं दी गई थी। इसलिए कोर्ट ने नया रुख अपनाने से इनकार किया। - सवाल 5 : यह फैसला किस न्यायिक पीठ ने सुनाया?
जवाब: यह निर्णय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनाया, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस विभु दत्ता गुरु शामिल थे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari