पूर्व मंत्री के भाई की पत्नी ने बदल लिया पति, भारतमाला का मुआवजा लेने मारी गई मति
Arun Tiwari | Jun 09, 2026, 15:15 IST
भारतमाला मुआवजा घोटाला छत्तीसगढ़
भारतमाला एक्सप्रेस-वे मुआवजा घोटाले में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के रिश्तेदारों के नाम सामने आए। दिप्ती चंद्राकर ने मुआवजा सूची में पति का नाम बदला, परिवार ने करोड़ों की बंदरबांट की। ईडी के पास दस्तावेज।
NEWS IN SHORT
- मुआवजे के लिए बदल गया पति
- जमीन खरीदते समय दिप्ती चंद्राकर के पति का नाम भूपेंद्र चंद्राकर दर्ज था।
- मुआवजा सूची में पति का नाम जितेंद्र चंद्राकर दर्ज ।
- पर कलेक्टर के पिता, माता, भाई और भाभियों के नाम पर भूमि के हिस्से किए गए।
- भारतमाला परियोजना में बड़ा फर्जीवाड़ा
NEWS IN DETAIL
उनके चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर ने भी फर्जी मुआवजा लिया है। उनके ठिकानों पर तो ईडी तक पहुंच चुकी है। कमाल की बात ये है कि भूपेंद्र चंद्राकर ने अपनी पत्नी के नाम पर जो मुआवजा लिया है उसमें पति के नाम पर खुद की जगह दूसरे का नाम लिखवा दिया।
यानी भूपेंद्र चंद्राकर की पत्नी ने मुआवजे के लिए पति का नाम ही बदल दिया। उन्होंने इससे करोड़ों का मुआवजा कमाया है। वहीं इसी परिवार के अपर कलेक्टर के पूरे घर ने मुआवजे की बंदरबांट कर ली। यह सब सरकार की रिपोर्ट में दर्ज है जो ईडी के पास है। भारतमाला मुआवजे के फर्जीवाड़ की एक और कड़ी।
पैसे ने बदला पति
यह बात सरकारी जांच में सामने आई। जो जमीन अधिग्रहण में आने वाली थी उसे खरीद कर छोटे छोटे टुकड़ों में नामांतरण कर लिया गया। सरकारी रिपोर्ट कहती है कि जब जमीन खरीदी गई थी तब दिप्ती चंद्राकर के पति का नाम भूपेंद्र चंद्राकर लिखा गया था।
लेकिन जब मुआवजा सूची सामने आई तो दिप्ती चंद्राकर के पति का नाम जितेंद्र चंद्राकर लिखा गया। यह पूरा मामला राजनांदगांव के देवादा गांव का है।
पति-पत्नी ने इतना लिया फर्जी मुआवजा
दिप्ती/जितेंद्र चंद्राकर - 803814.00 रुपए
दिप्ती/जितेंद्र चंद्राकर - 1607628.00 रुपए
दिप्ती/जितेंद्र चंद्राकर - 1929153.60 रुपए
भूपेंद्र चंद्राकर - 1929153.60 रुपए
भूपेंद्र चंद्राकर - 1607628.00 रुपए
भूपेंद्र चंद्राकर - 1929153.60 रुपए
भूपेंद्र चंद्राकर - 1929153.60 रुपए
भूपेंद्र चंद्राकर - 1929153.60 रुपए
कुल मुआवजा राशि - 1,55,93,991.60 रुपए
भूपेंद्र चंद्राकर और रोशन चंद्राकर ने अभनपुर में कमाए 5 करोड़
भूपेंद्र चंद्राकर - 1259/3
भूपेंद्र चंद्राकर - 1259/4
रोशन चंद्राकर - 1259/5
रोशन चंद्राकर - 1259/6
रोशन चंद्राकर - 1502/5
कुल मुआवजा - 5 करोड़ 44 लाख 30 हजार 765 रुपए
अफसर बेटे के माता पिता ने की कमाई
अफसर के परिवार ने किए जमीन के टुकड़े
भरतलाल - पिता - 357/11
सुषमा - भाभी - 357/12
योगेश - भाई - 357/3
रेखा - भाभी - 357/8
मीना बाई - मां - 357/9
क्या है भारतमाला प्रोजेक्ट
रसूखदारों ने अफसरों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट के आस पास की जमीन खरीद लीं और ज्यादा मुआवजा पाने के लिए जमीनों के छोटे छोटे टुकड़े कर दिए गए। यह सब भारतमाला प्रोजेक्ट के एनाउंस होने के बाद हुआ। इसी घोटाले की जांच ईओडब्ल्यू और ईडी के द्वारा की जा रही है।
निष्कर्ष
FAQ
- भारतमाला घोटाले में क्या हुआ?
रसूखदारों ने भारतमाला एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहण होने वाली जमीनें पहले से खरीद लीं और छोटे-छोटे टुकड़ों में नामांतरण कर करोड़ों का मुआवजा हड़प लिया। - पति का नाम बदलने का मामला क्या है?
जमीन खरीद के दस्तावेजों में दिप्ती चंद्राकर के पति का नाम भूपेंद्र चंद्राकर था, लेकिन मुआवजा सूची में पति का नाम जितेंद्र चंद्राकर दर्ज किया गया-यानी अतिरिक्त मुआवजा पाने के लिए पति का नाम ही बदल दिया गया। - कुल कितना फर्जी मुआवजा लिया गया?
दिप्ती/जितेंद्र और भूपेंद्र चंद्राकर ने मिलकर देवादा गांव में करीब 1.55 करोड़ और अभनपुर में 5.44 करोड़ का मुआवजा लिया।
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