छत्तीसगढ़ में 11 अफसरों ने कर दिया 13 लोगों को मालामाल, नहर प्रोजेक्ट में बिना बात के बांट दिए 24 करोड़
NEWS IN SHORT
- बिलासपुर में खोदी भ्रष्टाचार की नहर
- राजस्व और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की करतूत
- 13 लोगों को कर दिया मालामाल
- मुआवजे से 24 करोड़ रुपए ज्यादा दे दिए
NEWS IN DETAIL
नहर में 24 करोड़ का घोटाला :
बिलासपुर की अरपा भैंसाझार नहर परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस नहर से 25 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इस नहर बनाने में जल संसाधन और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लोगों के साथ मिलकर बेखौफ होकर मुआवजा बांटने में खुलेआम भ्रष्टाचार किया।
इसमें 12 लोगों को मुआवजे से 24 करोड़ रुपए ज्यादा दे दिए। इसमें तीन तरह से भ्रष्टाचार किया गया। जो जमीन नहर के अलाइनमेंट में नहीं आ रही थी उस पर भी मुआवजा दे दिया गया। कम जमीन को ज्यादा और असिंचित जमीन को सिंचित बताकर ज्यादा मुआवजा बांटा गया। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने माना कि नहर प्रोजेक्ट में इस तरह का भ्रष्टाचार हुआ है। जिन लोगों के पास ज्यादा मुआवजा पहुंचा है उनसे अतिरिक्त राशि की वसूली की जाएगी।
इन लोगों को मिली ज्यादा मुआवजा राशि :
शिवकुमार
मनोज अग्रवाल
बंशीलाल
नंदलाल
मनोज अग्रवाल
माया दुबे
रोहिणी तिवारी
अंकिता चड्ढा
चंदलाल
शरदा अग्रवाल
तुलसीराम
पवन अग्रवाल
संजय अग्रवाल
इस तरह नियमों के उलट बांटा गया मुआवजा :
जो जमीन नहर एलाइनमेंट में नहीं आई - 5 करोड़ 46 लाख रुपए
जो जमीन असिंचित थी उसे सिंचित बताया - 6 करोड़ 72 लाख रुपए
कम जमीन को ज्यादा बताया - 11 करोड़ 76 लाख रुपए
कुल राशि जो मुआवजे से ज्यादा दी गई - 23 करोड़ 94 लाख रुपए
घोटाले में ये अधिकारी शामिल :
आनंदरुप तिवारी, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, निलंबित
कीर्तिमान सिंह राठौर, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी, ईओडब्ल्यू में प्रकरण
मोहन साय सिदार, तत्कालीन नायब तहसीलदार,रिटायर
मुकेश साहू, पटवारी, सेवा से बर्खास्त
आरएस नायडू, तत्कालीन ईई, ईओडब्ल्यू में कार्यवाही प्रक्रियाधीन
एके तिवारी,तत्कालीन ईई, ईओडब्ल्यू में कार्यवाही प्रक्रियाधीन
राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी,ईओडब्ल्यू में कार्यवाही प्रक्रियाधीन
आरपी द्वेदी,तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी,ईओडब्ल्यू में कार्यवाही प्रक्रियाधीन
Sootr knowledge :
बिलासपुर जिले का यह नहर प्रोजेक्ट है। इस नहर से 25 हजार हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी। जिससे बड़ी संख्या में किसानों को फायदा होगा। इस भ्रष्टाचार के कारण यह नहर प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया है। अब सरकार इसे तेजी से पूरा करने की कोशिश कर रही है।
important points :
. बिलासपुर का नहर प्रोजेक्ट
. 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई होगी
. नहर से बाहर की जमीन को दिया मुआवजा
. असिंचित से सिंचित बताकर बांटा मुआवजा
. कम को ज्यादा जमीन बताकर भी दिए करोड़ों रुपए
अब आगे क्या :
सरकार ने घोटाले में शामिल कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट में मॉनिटरिंग बढ़ाने का दावा किया गया है। सरकार जांच रिपोर्ट के बाद अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई करेगी।
निष्कर्ष :
सरकार की एक और परियोजना भ्रष्टाचार (Arpa Bhainsajhar land scam) की भेंट चढ़ गई। 13 लोगों के साथ अधिकारियों ने सांठ गांठ कर 24 करोड़ रुपए जेब में भर लिए। यह घोटाला भी भारतमाला प्रोजेक्ट की तरह हुआ। जो जमीन नहर के आस पास भी नहीं थी उसका मुआवजा बांट दिया। कम जमीन को ज्यादा बताया गया और असिंचित जमीन को दो फसलीय बताकर 24 करोड़ रुपए ज्यादा मुआवजा ले लिया।
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