BJP प्रत्याशी ने आदिवासी समाज पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, केस दर्ज
BJP Leader Pawan Agrawal Controversial Statement : बीजेपी पार्षद प्रत्याशी पवन अग्रवाल ने आदिवासी समाज का अपमान किया। मामले में प्रत्याशी पवन अग्रवाल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दरअसल, पार्षद प्रत्याशी ने आदिवासी समाज के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें 'गोंड-गंवार' कहकर संबोधित किया। ये खबर भी पढ़िए... बिना वोटिंग के जीत रही BJP... 23 जगह लहराया परचम
एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पार्षद प्रत्याशी पवन अग्रवाल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि एसडीएम सभागार में एक बैठक के दौरान उन्होंने आदिवासी समाज के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें 'गोंड-गंवार' कहकर संबोधित किया।
गोंडवाना पार्टी के नेता लाल बहादुर कोर्राम की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। कोर्राम के अनुसार, रिटर्निंग अफसर के सामने जब नियमों की जानकारी दी जा रही थी, तब पवन अग्रवाल ने कहा कि "हमें समझाने की जरूरत नहीं है, गोंड गंवार नहीं है।" इस टिप्पणी के बाद सभागार में जमकर हंगामा हुआ और विरोध प्रदर्शन किया गया।
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आदिवासी नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ की शिकायत
आदिवासी नेताओं ने कटघोरा थाने में पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। वार्ड क्रमांक 6 से बीजेपी प्रत्याशी पवन अग्रवाल पर सत्ताधारी दल के नेता होने का दबाव बनाने का भी आरोप है। उनकी इस टिप्पणी से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। पवन अग्रवाल पहले भी विभिन्न विवादों में शामिल रहे हैं।
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FAQ
- बीजेपी प्रत्याशी पवन अग्रवाल के खिलाफ किस आरोप में केस दर्ज किया गया?
पवन अग्रवाल के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने एक बैठक के दौरान आदिवासी समाज के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें 'गोंड-गंवार' कहकर संबोधित किया, जिससे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुईं। - पवन अग्रवाल के बयान का विरोध किसने किया और क्या कार्रवाई हुई?
गोंडवाना पार्टी के नेता लाल बहादुर कोर्राम ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद आदिवासी नेताओं ने कटघोरा थाने में पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। - पवन अग्रवाल की टिप्पणी के बाद क्या प्रतिक्रिया हुई?
उनकी टिप्पणी के बाद एसडीएम सभागार में हंगामा हुआ और विरोध प्रदर्शन किया गया। आदिवासी समाज के नेताओं ने नाराजगी जताई और भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, पवन अग्रवाल पर सत्ताधारी दल के नेता होने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है।
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