छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों की हड़ताल को BJP सांसद विजय बघेल का समर्थन, सियासत गर्म, स्वास्थ्य सेवाएं ठप
Krishna Kumar Sikander | Aug 31, 2025, 19:38 IST
BJP MP Vijay Baghel supports NHM employees strike Chhattisgarh politics heats health services halted
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के 16,000 से ज़्यादा कर्मचारी पिछले दो हफ्तों से अपनी 10-सूत्रीय मांगों, जैसे नियमितीकरण और वेतन वृद्धि, को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे राज्य की स्वास्थ्य सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM)के 16,000 से अधिक कर्मचारियों कीअनिश्चितकालीनहड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को ठप करने के साथ-साथ सियासी तूफान भी खड़ा कर दिया है। पिछले पखवाड़े से अपनी 10 सूत्रीयमांगोंजिनमें नियमितीकरण,संविलियन, ग्रेडपे, और 27% लंबित वेतन वृद्धि प्रमुख हैंको लेकरआंदोलनरतकर्मचारियों को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP)के सांसद विजय बघेल का समर्थन मिला है। बघेल ने कर्मचारियों कीमांगोंको जायज ठहराते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देवसायऔर स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, विपक्षी कांग्रेस ने इस मामले को लेकर भाजपा पर चुनावी वादाखिलाफी का आरोप लगाकर सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
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NHMकर्मचारियों ने अपनीमांगोंको बुलंद करने के लिएप्रदेशभरमें धरना, प्रदर्शन और रैलियों का सिलसिला तेज कर दिया है।कोण्डागांवमें शनिवार शाम को कर्मचारियों ने मशाल रैली औरकैंडलमार्च निकाला, जोडीएनकेमैदान से शुरू होकर सामुदायिक भवन, कांग्रेस भवन, और अंबेडकर चौक तक पहुंचा। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकरनारेबाजीकी और अपनीमांगोंपर तत्काल कार्रवाई की अपील की।NHMकर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कृष्णा पटेल ने साफ शब्दों में कहा, "नियमितीकरण औरवेतनमानजैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।"
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BJPसांसद विजय बघेल ने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि उनकी मांगें जायज हैं और वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाएंगे। बघेल के इस बयान ने आंदोलन को नया बल तो दिया, लेकिन साथ ही सियासी रंग भी चढ़ा दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्रीसत्यनारायणशर्मा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र मेंNHMकर्मचारियों की मांगें पूरी करने का वादा किया था, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद वे अपने वादों से मुकर गए हैं। त्योहारों के मौसम में हजारों कर्मचारी, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं हैं, अपने परिवारों से दूर धरने पर बैठे हैं। यह उनके लिए अभिशाप से कम नहीं है।"
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हड़ताल का सबसे बड़ा असर ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, और कई जगह स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हुए हैं। एक कर्मचारी ने कहा, "हम दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं, लेकिन हमारी मेहनत का कोई सम्मान नहीं। नियमितीकरण और उचित वेतन हमारा हक है।"
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NHMकर्मचारियों की 10 सूत्रीयमांगोंमें शामिल प्रमुख बिंदु हैं।
नियमितीकरण औरसंविलियन: अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग।
27%लंबित वेतन वृद्धि: लंबे समय से रुकी हुई वेतन वृद्धि को लागू करना।
ग्रेडपेमें सुधार: कर्मचारियों के लिए उचित ग्रेडपेकी व्यवस्था।
समान काम, समान वेतन: अन्य सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं।
सुरक्षा औरकार्यस्थलसुधार: बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग।
सांसद विजय बघेल के समर्थन के बाद यह मुद्दा अब सियासी रंग ले चुका है। जहां एक ओर भाजपा सरकार पर अपने ही सांसद का दबाव बढ़ रहा है, वहीं कांग्रेस इसे वादाखिलाफी का मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश में है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या ठोस आश्वासन नहीं मिला है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसमें बड़े स्तर पर प्रदर्शन औरअनिश्चितकालीनहड़ताल शामिल हो सकती है।
NHMकर्मचारियों की हड़ताल ने छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को गहरे संकट में डाल दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। दूसरी ओर, कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और वर्षों की उपेक्षा ने उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर किया है। सवाल यह है कि क्या सरकार इस संकट का समाधान निकाल पाएगी, या यह आंदोलन और उग्र होकर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावित करेगा?
NHM कर्मचारियों की हड़ताल | nhm strike chhattisgarh | संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन
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स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट
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मांगों का केंद्र 10 सूत्रीय एजेंडा
नियमितीकरण औरसंविलियन: अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करने की मांग।
27%लंबित वेतन वृद्धि: लंबे समय से रुकी हुई वेतन वृद्धि को लागू करना।
ग्रेडपेमें सुधार: कर्मचारियों के लिए उचित ग्रेडपेकी व्यवस्था।
समान काम, समान वेतन: अन्य सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं।
सुरक्षा औरकार्यस्थलसुधार: बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग।
सियासी घमासान और सरकार की चुप्पी
स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मचारियों का भविष्य
NHM कर्मचारियों की हड़ताल | nhm strike chhattisgarh | संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन
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