अवैध खनन से हुए गड्ढों में डूबकर तीन बच्चियों की मौत का मामला, हाईकोर्ट ने दिए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
The Sootr CG | Oct 11, 2023, 24:00 IST
अवैध खनन से हुए गड्ढों में डूबकर तीन बच्चियों की मौत का मामला, हाईकोर्ट ने दिए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
अवैध खनन से हुए गड्ढों में भरे पानी में डूबकर तीन बच्चियों की मौत, हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू कर दी है, प्रकरण की अगली सुनवाई 6 नवम्बर को होगी
BILASPUR. बिलासपुर के अरपा नदी में डूबकर हुई तीन बच्चियों की मौत के मामले में चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि अवैध खनन से हुए गड्ढों में भरे पानी में डूबकर सेंदरी के पास तीन बच्चियों की मौत हुई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले में सुनवाई शुरू कर दी है। वहीं अवैध खनन और अरपा की दुर्दशा को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर भी सुनवाई चल रही है। जानकारी के मुताबिक प्रकरण की अगली सुनवाई 6 नवम्बर को होगी।
डिवीजन बेंच ने इसके पहले 22 अगस्त को सुनवाई के दौरान सख्ती दिखाते हुए कोर्ट प्रशासन से पूछा था कि नदी में अवैध खनन रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? कोर्ट ने यह भी कहा था कि सिर्फ पेनाल्टी से काम नहीं चलेगा, एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। वहीं मुख्य सचिव और खनिज सचिव से इस संदर्भ में शपथपत्र के साथ जवाब देने को गहा गया था, लेकिन मंगलवार शाम को सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने एफआईआर के संबन्ध में सवाल पूछा तो पता चला, कि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
कोर्ट ने मामले से संबंधित चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश पुलिस प्रशासन को दिए हैं। जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने इस मामले में बच्ची के परिजन को 12 लाख रुपए का मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है। बता दें कि अभी तक न किसी प्रकार की मामले की जांच हुई है और न ही दोषियों पर कार्रवाई की गई। जनहित याचिका का कहना है कि अरपा नदी में अवैध उत्खनन जानलेवा साबित हो रहा है, साथ ही रेत उत्खनन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों की भी खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है।
दो साल में
गौरतलब है कि याचिका में अरपा के किनारे पौधारोपण करने, अवैध घाटों को बंद करने की मांग की गई है। पिछली बार सुनवाई में खनिज विभाग की ओर से शपथपत्र में बताया गया था कि पिछले दो सालों में 654 अवैध परिवहन के प्रकरण दर्ज हुए हैं, जिनमें पेनाल्टी लगाई गई है। 6 अवैध खनन के प्रकरणों पर कोनी थाने में एफआईआर भी दर्ज है। कोर्ट ने अवैध खनन पर एफआईआर की कम संख्या पर भी सवाल उठाए थे।
एफआईआर दर्ज कराई जाए : कोर्ट
प्रशासन ने दिया 12 लाख का मुआवजा
दो साल में 654 अवैध परिवहन प्रकरण दर्ज
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari