28 साल पुराने हाउसिंग लोन घोटाले में कार्रवाई, भोपाल में आवास संघ के पूर्व प्रबंधक प्रदीप नीखरा गिरफ्तार

Arun Tiwari | Apr 14, 2026, 12:01 IST
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छत्तीसगढ़ में 28 साल पुराने गृह निर्माण ऋण गबन मामले में ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। भोपाल से आरोपी प्रदीप कुमार नीखरा को गिरफ्तार किया गया है। 1995-98 के बीच हाउसिंग योजना के तहत 1 करोड़ 86 लाख रूपए का ऋण लेकर घोटाला किया गया था।

Raipur/Bhopal. छत्तीसगढ़ में 28 साल पुराने गृह निर्माण ऋण गबन मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। ACB की टीम ने भोपाल से प्रदीप कुमार नीखरा को हिरासत में लिया।



वह उस समय सहकारी आवास संघ, भोपाल में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले 18 मार्च 2026 को इस मामले में थावरदास माधवानी और बसंत कुमार साहू को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य नामजद आरोपियों का पहले ही निधन हो चुका है।



28 साल पुराना हाउसिंग लोन घोटाला:

जांच के अनुसार 1995 से 1998 के बीच सरकार की हाउसिंग योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को मकान बनाने के लिए ऋण दिया जाता था। इसी योजना का दुरुपयोग करते हुए ‘आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित, रायपुर’ के 186 कथित सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रूपए के हिसाब से कुल 1 करोड़ 86 लाख करोड़ रूपए का लोन मंजूर कराया गया।



जमीन पर नहीं मिले मकान, दस्तावेज निकले फर्जी:

जब अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की, तो पता चला कि जिन स्थानों पर मकान बनने का दावा किया गया था, वहां कोई निर्माण (Housing loan scam) नहीं हुआ था। साथ ही, जिन लोगों के नाम पर ऋण लिया गया था, वे भी वास्तविक रूप से मौजूद नहीं पाए गए। जांच में फर्जी दस्तावेजों और जाली प्रमाणपत्रों के जरिए पूरी रकम के गबन की पुष्टि हुई।



मिलकर रची गई साजिश:

ACB जांच में सामने आया कि उस समय के अध्यक्ष, आवास पर्यवेक्षक और प्रबंधक ने मिलकर सुनियोजित तरीके से फर्जी ऋण प्रकरण तैयार किए। प्रदीप कुमार नीखरा पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए दस्तावेजों में हेरफेर किया और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर करोड़ों रूपए का गबन किया।



इन धाराओं में मामला दर्ज:

इस केस में भारतीय दंड संहिता की धाराएं 120बी, 406, 409, 420, 467, 468, 471 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(c) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।



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