ACB की बड़ी कार्रवाई : कोर्ट में पेश किया तीन भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ चालान
समझें क्या है पूरा मामला
Raipur। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने तीन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया है। इन सभी आरोपियों को अलग-अलग मामलों में रिश्वत लेते हुए ACB की टीम ने गिरफ्तार किया था।
ACB की बिलासपुर इकाई ने जांच पूरी करने के बाद दो लिपिक (बाबू) और एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) के खिलाफ विशेष न्यायालय में चालान पेश किया है। अब इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
तीन अलग-अलग मामलों में हुई थी गिरफ्तारी
ACB के अनुसार जिन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा, बिलासपुर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय के बाबू विजय पाण्डेय और सक्ती जिले के चंद्रपुर थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक एसएन मिश्रा शामिल हैं।
जांच में आरोपियों के खिलाफ रिश्वत मांगने और लेने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद ACB ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए इन्हें गिरफ्तार किया था।
पहला मामला: 40 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया बाबू
ACB के मुताबिक पहला मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा का है। यहां बीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू प्रदीप मिश्रा के खिलाफ अमृतलाल बघेल ने शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर 29 मई को ACB की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया।
मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया। जांच पूरी होने के बाद ACB ने विशेष न्यायालय, पीसी एक्ट जिला कोरबा के सामने अभियोग पत्र प्रस्तुत किया है।
दूसरा मामला: ADM कार्यालय के बाबू पर 15 हजार की रिश्वत का आरोप
दूसरा मामला बिलासपुर जिले के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय से जुड़ा है। यहां पदस्थ बाबू विजय पाण्डेय के खिलाफ देवेन्द्र कश्यप ने शिकायत की थी। ACB की टीम ने 10 मई को कार्रवाई करते हुए विजय पाण्डेय को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था।
इसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। अब ACB ने विशेष न्यायालय, पीसी एक्ट जिला बिलासपुर में अभियोग पत्र पेश कर दिया है।
तीसरा मामला: ASI पर 20 हजार रुपए लेने का आरोप
तीसरा मामला सक्ती जिले के चंद्रपुर थाना क्षेत्र का है। यहां सहायक उप निरीक्षक एसएन मिश्रा के खिलाफ शिव बरेठ ने रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने 10 मई को ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान ASI को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया।
मामले में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई की गई। जांच पूरी होने के बाद ACB ने विशेष न्यायालय, पीसी एक्ट जिला जांजगीर-चांपा के समक्ष अभियोग पत्र दाखिल किया है।
अब न्यायालय में होगी आगे की सुनवाई
ACB अधिकारियों के अनुसार तीनों मामलों में जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अभियोग पत्र पेश होने के बाद अब अदालत में आरोपों पर सुनवाई होगी।
भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ACB लगातार कार्रवाई कर रही है। विभाग का कहना है कि रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है और दोष साबित होने पर आरोपियों को कानून के अनुसार सजा मिल सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
बिलासपुर ACB ने तीन रिश्वत मामलों में अभियोग पत्र पेश किया।
कार्रवाई में दो बाबू और एक ASI आरोपी बनाए गए हैं।
प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
विजय पाण्डेय पर 15 हजार रुपए रिश्वत लेने का आरोप है।
ASI एसएन मिश्रा को 20 हजार रुपए लेते ट्रैप किया गया था।
तीनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई।
अब विशेष न्यायालयों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी।
FAQ
- ACB ने किन कर्मचारियों के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया है?
ACB ने दो बाबू और एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया है। - आरोपियों को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
तीनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए ACB की ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया था। - अब इस मामले में आगे क्या होगा?
अभियोग पत्र पेश होने के बाद विशेष न्यायालयों में मामले की सुनवाई शुरू होगी।
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