80% विशेषज्ञ डॉक्टर गायब, 9,392 पद खाली, छत्तीसगढ़ विधानसभा में खुली सच्चाई

VINAY VERMA | Jul 16, 2026, 15:32 IST
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का भारी अकाल
छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कमी सामने आई है। प्रदेश में 9,392 पद खाली हैं। 2,025 विशेषज्ञ डॉक्टरों में सिर्फ 408 कार्यरत हैं। स्टाफ नर्सों के 2,745 पद रिक्त हैं। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया जारी होने की बात कही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • 9,392 पद स्वास्थ्य विभाग में खाली।
  • 2,025 में सिर्फ 408 विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत।
  • 80% से ज्यादा विशेषज्ञों के पद रिक्त।
  • 2,745 स्टाफ नर्सों की कमी से अस्पताल प्रभावित।
  • सरकार बोली- भर्ती जारी है, लेकिन समय सीमा तय नहीं।

Raipur। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर उतनी चमकदार नहीं है, जितनी सरकारी दावों में दिखाई जाती है। विधानसभा में रखे गए आंकड़ों ने सरकारी अस्पतालों की असली हालत सामने ला दी है। डॉक्टर कम हैं। विशेषज्ञ और भी कम हैं। नर्सों की कमी अलग है। कुल मिलाकर 9,392 पद खाली पड़े हैं। यानी मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन इलाज करने वाले हाथ कम पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल गांव और आदिवासी इलाकों में है।



20 फीसदी विशेषज्ञों के भरोसे पूरा प्रदेश

सबसे चिंताजनक तस्वीर विशेषज्ञ डॉक्टरों की है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 2,025 स्वीकृत पद हैं। लेकिन इनमें सिर्फ 408 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। बाकी 1,626 पद खाली हैं। मतलब जरूरत के सिर्फ 20 फीसदी विशेषज्ञ ही अस्पतालों में मौजूद हैं। बाकी 80 फीसदी कुर्सियां खाली हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को या तो रेफर किया जाता है या फिर लंबा इंतजार करना पड़ता है।



नर्स कम, डॉक्टर कम... इलाज कैसे होगा?

सिर्फ विशेषज्ञ ही नहीं, अस्पतालों की रीढ़ मानी जाने वाली स्टाफ नर्सों की भी भारी कमी है। प्रदेश में 6,827 स्वीकृत पदों में सिर्फ 4,082 नर्सें कार्यरत हैं। 2,745 पद खाली पड़े हैं। चिकित्सा अधिकारियों के 2,699 पदों में 308 रिक्त हैं। वहीं ग्रामीण चिकित्सा सहायकों के 817 पदों में 193 खाली हैं। यानी अस्पतालों में हर स्तर पर स्टाफ की कमी साफ दिखाई दे रही है।



विधानसभा में उठा सवाल, सरकार ने मानी कमी

विधानसभा में विधायक उमेश पटेल ने स्वास्थ्य विभाग में खाली पदों का मुद्दा उठाया। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने माना कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया चला रही है। उनका दावा है कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित न होने देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।



छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का भारी अकाल


अब भर्ती, बांड और टेलीमेडिसिन का सहारा

सरकार ने विधानसभा में अपना एक्शन प्लान भी बताया। बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए 100 विशेषज्ञ डॉक्टर और 100 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती लोक सेवा आयोग के जरिए की जा रही है। 525 तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पद भी भरे जाएंगे। डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए एनएचएम के तहत संविदा नियुक्तियां की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेज से निकलने वाले डॉक्टरों को बांड के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। जहां डॉक्टर नहीं हैं, वहां टेलीमेडिसिन से इलाज की व्यवस्था की जा रही है।



लेकिन सवाल अब भी वही... इलाज कौन करेगा?

सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को निरंतर बताया है। लेकिन मरीजों की चिंता वर्तमान की है, भविष्य की नहीं। जब अस्पतालों में विशेषज्ञ ही नहीं होंगे तो ऑपरेशन कौन करेगा? जब नर्सें कम होंगी तो मरीजों की देखभाल कौन करेगा? जब ग्रामीण अस्पताल खाली होंगे तो गांव का मरीज कहां जाएगा? विधानसभा में आए आंकड़े बता रहे हैं कि स्वास्थ्य विभाग की सबसे बड़ी बीमारी अब डॉक्टरों और स्टाफ की कमी बन चुकी है।



IMP FACTS

कुल खाली पद: 9,392


विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत पद: 2,025


कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टर: 408


खाली विशेषज्ञ डॉक्टर पद: 1,617 (करीब 80%)


स्टाफ नर्स के स्वीकृत पद: 6,827


कार्यरत स्टाफ नर्स: 4,082


खाली स्टाफ नर्स पद: 2,745


चिकित्सा अधिकारियों के स्वीकृत पद: 2,699


खाली चिकित्सा अधिकारी पद: 308


ग्रामीण चिकित्सा सहायकों के स्वीकृत पद: 817


खाली ग्रामीण चिकित्सा सहायक पद: 193



सरकार का भर्ती प्लान

बस्तर और सरगुजा संभाग के लिए 100 विशेषज्ञ डॉक्टर + 100 चिकित्सा अधिकारी भर्ती प्रक्रिया में।


525 तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पदों पर भर्ती प्रस्तावित।


NHM के जरिए संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति जारी।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में कितने पद खाली हैं?
    छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में कुल 9,392 पद खाली हैं। इनमें डॉक्टर, विशेषज्ञ डॉक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के पद शामिल हैं।
  2. प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थिति क्या है?
    प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 2,025 स्वीकृत पद हैं। इनमें सिर्फ 408 विशेषज्ञ डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि 1,617 पद खाली हैं।
  3. स्वास्थ्य विभाग ने कमी दूर करने के लिए क्या कदम बताए हैं?
    सरकार ने बताया है कि 100 विशेषज्ञ डॉक्टर, 100 चिकित्सा अधिकारी और 525 तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा NHM के जरिए संविदा नियुक्तियां भी की जा रही हैं।

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