भारतमाला: जमीनों के खेल में बेल पर छूटे आरोपी फिर जाएंगे जेल, नेता-अफसरों के गिरेबान तक पहुंचा जांच एजेंसी का हाथ
Arun Tiwari | Jan 21, 2026, 16:41 IST
cg-bharatmala-project-scam-ias-officers-under-eow-ed-probe
छत्तीसगढ़ में कॅरप्शन का कॉरीडोर बना भारतमाला प्रोजेक्ट की जांच मनी लांड्रिंग तक पहुंच गई है। रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में भूमि अधिग्रहण के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के घोटाले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
NEWS IN SHORT
. नेता-अफसरों के गिरेबान तक पहुंचा जांच एजेंसी का हाथ
. चार आईएएस आए जांच के दायरे में
. बेल पर छूटे आरोपी फिर जाएंगे जेल
NEWS IN DETAIL
कॅरप्शन का कॉरीडोर :
जांच में तेजी आने से जमानत पर छूटे आधा दर्जन आरोपी दोबारा जेल की सलाखों के पीछे जा सकते हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड जमीनों का दलाल हरमीत खनूजा था। उसने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया था।
जांच में सामने आया है कि जमीनें भ्रष्टाचार से अर्जित रकम से तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे की पत्नी के साथ मिलकर एक फर्म बनाकर खरीदी गई थीं। इसी फर्म के नाम पर 1.37 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई थी।
इसके अलावा आदिवासियों की करीब आठ एकड़ जमीन भी फर्म के नाम पर कराई गई थी। कई किसानों की जमीन अपने नाम पर करवा ली गई, लेकिन उन्हें पूरा भुगतान नहीं किया गया। खनूजा ने तहसीलदार की पत्नी के नाम रजिस्ट्री कर ली थी।
तहसीलदार की पत्नी के नाम मुआवजा :
अब जांच एजेंसी उन सभी जिलों में जांच की तैयारी में है जहां पर जमीन का अधिग्रहण हुआ है। सूत्रों के मुताबिक कुछ आईएएस अधिकारी और कुछ नेतओं से भी इस बारे में पूछताछ हो सकती है। करीब महीने भर पहले रायपुर संभागायुक्त ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसके बाद अब कार्यवाही का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।
78 करोड़ का भुगतान :
अभनपुर क्षेत्र के ग्राम नायकबांधा और उरला में जमीनों को 159 खसरों में विभाजित कर दिखाया गया। मुआवजा पाने की इस प्रक्रिया से 80 ग्राम पंचायतों में शामिल 559.69 एकड़ भूमि की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई, जबकि राजस्व विभाग के मुताबिक वास्तविक मुआवजा करीब 29.5 करोड़ रुपये ही बनता था।
राज्य सरकार के निर्देश पर ईओडब्ल्यू की जांच शुरू की गई। पहले जगदलपुर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त निर्भय साहू को निलंबित किया गया। फिर कोरबा के डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को भी निलंबन की कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
ये हैं मुख्य आरोपी :
निर्भय कुमार साहू - तत्कालीन एसडीएम
शशिकांत कुर्रे - तत्कालीन तहसीलदार
रोशन लाल वर्मा - तत्कालीन राजस्व निरीक्षक (आरआई)
लखेश्वर प्रसाद किरण - नायब तहसीलदार
दिनेश पटेल - पटवारी
लेखराम देवांगन - पटवारी
बसंती धृतलहरे - पटवारी
जितेंद्र साहू - पटवारी
विजय जैन - कारोबारी
खेमराज कोसले - कारोबारी
केदार तिवारी - बिचौलिया
दीपक देव - अधिकारी, जल संसाधन
गोपाल राम वर्मा - रिटायर्ड अधिकारी
नरेंद्र कुमार नायक - ग्रामीण
पुनुराम देशलहरे - ग्रामीण
भोजराम साहू - ग्रामीण
कुंदन बघेल - ग्रामीण
Important Points :
. नेता-अफसरों के गिरेबान तक पहुंचा जांच एजेंसी का हाथ
. चार आईएएस आए जांच के दायरे में
. बेल पर छूटे आरोपी फिर जाएंगे जेल
Sootr Knowledge :
अब आगे क्या :
निष्कर्ष :
ये खबरें भी पढ़ें...
भारतमाला घोटाला: हाईकोर्ट ने ठुकराई अधिकारियों की जमानत याचिकाएं, 600 करोड़ की जांच जारी
Bharatmala project scam: SDM समेत 6 राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने जारी की उद्घोषणा
भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला में 150 संदिग्ध खाताधारकों पर जांच की तलवार, पूछताछ तेज
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari