पीसीसी अध्यक्ष को लेकर घमासान, सोशल मीडिया पर उमेश पटेल के नाम की खींचतान

Arun Tiwari | Aug 02, 2026, 15:17 IST
पायलट तक पहुंची असंतोष की आंच
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अरुण मालाकार पर कार्रवाई के बाद अंदरूनी विवाद बढ़ गया है। कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई और मामला सचिन पायलट तक पहुंच गया। पीसीसी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं और संगठन में गुटबाजी की चर्चा तेज है।

Raipur : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर एक बार फिर अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी द्वारा कांग्रेस नेता अरुण मालाकार पर की गई कार्रवाई के बाद कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सोशल मीडिया पर खुलकर नाराजगी जताई है। मामला अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसकी शिकायत पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट तक भी पहुंच गई है। इससे संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी और असहमति की चर्चा तेज हो गई है।



क्या है मसला

अरुण मालाकार के खिलाफ पार्टी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद उनके समर्थक खुलकर मैदान में उतर आए। कई कार्यकर्ताओं ने फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट लिखकर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाए। समर्थकों का कहना है कि कार्रवाई एकतरफा है और बिना सभी पक्षों को सुने निर्णय लिया गया है। उनका आरोप है कि संगठन में कुछ नेताओं के खिलाफ अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।



प्रदेश नेतृत्व पर सवाल

सोशल मीडिया पर लगातार सामने आ रही प्रतिक्रियाओं के बीच कुछ नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि अनुशासन के नाम पर कार्रवाई की जा रही है तो सभी मामलों में समान नीति अपनाई जानी चाहिए। केवल चुनिंदा नेताओं पर कार्रवाई करने से कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा है और संगठन की एकजुटता प्रभावित हो रही है।



सचिन पायलट तक शिकायत

इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट तक भी पहुंचाई गई है। कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं किया गया तो इसका असर संगठन की गतिविधियों और भविष्य की राजनीतिक तैयारियों पर पड़ सकता है।



कांग्रेस कुनबे में कलह

बताया जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। संगठन के भीतर यह चर्चा है कि बढ़ते असंतोष को शांत करने के लिए प्रदेश नेतृत्व को जल्द ही पहल करनी पड़ सकती है। हालांकि अब तक पार्टी की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी तैयारियों के दौर में इस तरह के विवाद कांग्रेस के लिए चुनौती बन सकते हैं। यदि असंतुष्ट नेताओं और कार्यकर्ताओं को समय पर नहीं मनाया गया तो संगठनात्मक मजबूती पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर, पार्टी नेतृत्व अनुशासन बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बता रहा है और इसी आधार पर कार्रवाई को उचित ठहराने की बात भी सामने आ रही है।



FAQ

  1. छत्तीसगढ़ कांग्रेस में विवाद किस मामले को लेकर बढ़ा है?
    कांग्रेस नेता अरुण मालाकार पर हुई कार्रवाई के बाद कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। इसी को लेकर संगठन में असंतोष की चर्चा तेज हुई है।
  2. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी शिकायत किससे की है?
    कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले की जानकारी छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट तक पहुंचाई है और निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।
  3. इस विवाद का कांग्रेस पर क्या असर पड़ सकता है?
    राजनीतिक जानकारों के अनुसार चुनावी तैयारियों के बीच अंदरूनी कलह संगठन की एकजुटता और राजनीतिक रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

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