Cyclone Arnab का छत्तीसगढ़ में असर, इन जिलों में रेड अलर्ट, घर से निकलने से पहले जान लें ये जरूरी सावधानियां
Harrison Masih | Oct 28, 2026, 12:08 IST
छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का असर
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone Arnab) का असर दिखने लगा है। कहीं सुबह से बारिश हो रही है तो कहीं तेज हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और कोंडागांव में रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इन इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने और लोगों को बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम बदल गया है। रायपुर और रायगढ़ में सुबह से हल्की बूंदाबांदी हो रही है। वहीं, गरियाबंद में देर रात से लगातार बारिश हो रही है। यहां ठंडी हवाएं भी चल रही हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान का सबसे ज्यादा असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में पड़ सकता है। बस्तर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।
प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ के किन जिलों में
मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए दक्षिण छत्तीसगढ़ के चार जिलों में Red Alert जारी किया है। इनमें बस्तर, कोंडागांव, सुकमा और दंतेवाड़ा शामिल हैं।
इन जिलों और आसपास के इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर 200 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। यानी एक ही दिन में करीब 20 सेंटीमीटर पानी गिर सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
रायपुर सहित मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर को भी खराब मौसम से राहत मिलने की उम्मीद कम है। मौसम विभाग ने इस दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
तूफान के कमजोर होकर उत्तर दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान है। ऐसा होने पर सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ जिलों में बारिश बढ़ सकती है।
इन इलाकों में 100 मिलीमीटर तक बारिश होने की आशंका जताई गई है। यानी करीब 10 सेंटीमीटर तक पानी गिर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।
खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के रेड अलर्ट वाले जिलों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं। कमजोर मकानों और पुराने भवनों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है।
लगातार भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भर सकता है। कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
खराब मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए कई जिलों में 28 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है।
बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। इसमें जगदलपुर के स्कूल भी शामिल हैं।
गरियाबंद और दुर्ग में भी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर और राजनांदगांव में भी 28 अक्टूबर को स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
संबंधित जिलों के कलेक्टरों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारियों ने अवकाश के आदेश जारी किए हैं।
धमतरी में बुधवार, 28 अक्टूबर को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश दिया गया है।
वहीं, बालोद जिले में सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
इस आदेश में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।
प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। अभिभावकों को भी मौसम सामान्य होने तक बच्चों को तेज बारिश और हवाओं के दौरान बाहर नहीं भेजने की सलाह दी गई है।
खराब मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। तेज बारिश से खेतों और खुले मैदान में रखी फसलों को नुकसान हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए Weather Advisory जारी की है।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें खुले मैदान में न छोड़ें। कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढकी हुई जगह पर रखें।
बारिश का पानी फसल तक न पहुंचे, इसके लिए जरूरी इंतजाम पहले ही कर लें।
खासकर जिन किसानों की फसल कटकर खेतों में पड़ी है, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है।
तेज हवाओं और भारी बारिश से बागवानी की फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
फल, सब्जी और दूसरी उद्यानिकी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं के कारण पौधों और फलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, लगातार बारिश होने पर खेतों में पानी भरने की परेशानी बढ़ सकती है।
ऐसे में किसान मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखकर अपनी फसलों को बचाने की तैयारी करें।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।
छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। दक्षिणी जिलों में 28 अक्टूबर को ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है। वहीं, 29 अक्टूबर को उत्तरी हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम करने और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें। किसान अपनी फसल सुरक्षित रखें और आम लोग प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
छत्तीसगढ़ में कहां-कहां हो रही बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान का सबसे ज्यादा असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में पड़ सकता है। बस्तर संभाग के कई जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।
प्रदेश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ के किन जिलों में रेड अलर्ट जारी?
इन जिलों और आसपास के इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर 200 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। यानी एक ही दिन में करीब 20 सेंटीमीटर पानी गिर सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज बारिश के साथ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
रायपुर सहित मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की संभावना है।
29 अक्टूबर को इन जिलों में बढ़ सकती है बारिश
तूफान के कमजोर होकर उत्तर दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान है। ऐसा होने पर सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ जिलों में बारिश बढ़ सकती है।
इन इलाकों में 100 मिलीमीटर तक बारिश होने की आशंका जताई गई है। यानी करीब 10 सेंटीमीटर तक पानी गिर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
तज हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा
खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के रेड अलर्ट वाले जिलों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं। कमजोर मकानों और पुराने भवनों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा है।
लगातार भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भर सकता है। कुछ जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
छत्तीसगढ़ के किन जिलों में स्कूलों की छुट्टी?
बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। इसमें जगदलपुर के स्कूल भी शामिल हैं।
गरियाबंद और दुर्ग में भी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इसके अलावा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर और राजनांदगांव में भी 28 अक्टूबर को स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
संबंधित जिलों के कलेक्टरों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारियों ने अवकाश के आदेश जारी किए हैं।
धमतरी और बालोद में क्या आदेश जारी हुए?
वहीं, बालोद जिले में सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
इस आदेश में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।
प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। अभिभावकों को भी मौसम सामान्य होने तक बच्चों को तेज बारिश और हवाओं के दौरान बाहर नहीं भेजने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए मौसम विभाग ने क्या सलाह दी?
मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए Weather Advisory जारी की है।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें खुले मैदान में न छोड़ें। कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढकी हुई जगह पर रखें।
बारिश का पानी फसल तक न पहुंचे, इसके लिए जरूरी इंतजाम पहले ही कर लें।
खासकर जिन किसानों की फसल कटकर खेतों में पड़ी है, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है।
फल और सब्जी की खेती करने वाले किसान क्या करें?
फल, सब्जी और दूसरी उद्यानिकी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों को जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं के कारण पौधों और फलों को नुकसान हो सकता है। वहीं, लगातार बारिश होने पर खेतों में पानी भरने की परेशानी बढ़ सकती है।
ऐसे में किसान मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखकर अपनी फसलों को बचाने की तैयारी करें।
भारी बारिश और तूफानी हवाओं के दौरान क्या सावधानी बरतें?
- - बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- - तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- - कमजोर मकानों और पुरानी इमारतों के आसपास खड़े न हों।
- - नदी-नालों और पानी से भरी सड़कों को पार करने की कोशिश न करें।
- - बिजली के टूटे तार दिखाई देने पर उनसे दूर रहें और विभाग को सूचना दें।
- - बच्चों को बारिश और तेज हवाओं के दौरान बाहर खेलने न भेजें।
- - घर से निकलने से पहले मौसम विभाग का Weather Update जरूर देखें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से मदद लेने की सलाह दी गई है।
अगले दो दिन छत्तीसगढ़ के लिए अहम
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम करने और लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे मौसम की जानकारी लेते रहें। किसान अपनी फसल सुरक्षित रखें और आम लोग प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।
जल संसाधन विभाग के रिटायर्ड सब इंजीनियरों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, शुरुआती नौकरी भी पेंशन में जुड़ेगी
By Neel Tiwari
ओबीसी आरक्षण केस में 87-13 पर रोक के बाद भी क्यों आया असिस्टेंट टाउन प्लानर भर्ती का रिजल्ट, ये है वजह...
By Sanjay Gupta
पंचायतीराज चुनाव दूसरे चरण में 22 जिलों में वोटिंग जारी, कोटा और डूंगरपुर में ईवीएम खराब होने की शिकायत
By Jageshwar Prasad
जयपुर में पुलिसकर्मी ने दोस्तों को फंसाने के लिए रची साजिश; शराब पार्टी के बहाने सरकारी क्वार्टर बुलाया
By Jyoti Mahender Bhardwaj
RSS के महाकौशल प्रांत में बदलेगा संगठनात्मक ढांचा, 34 जिलों के लिए बनेगी नई व्यवस्था, कटनी की बैठक में होगा फैसला
By Aman Vaishnav
एमपी के इन जिलों में ट्रेन से सफर हुआ आसान, 10 रुपए में मिलेगा टिकट, जानें कौन से हैं स्टेशन
By Kaushiki
राजस्थान में 140 स्थाई कोचों की भर्ती की तैयारी, 700 अस्थाई कोच भी लगाए जाएंगे
By Jyoti Mahender Bhardwaj