स्वास्थ्य विभाग के नए एडमिशन नियम पर हाईकोर्ट की रोक, मेरिट को ही मिलेगी प्राथमिकता

VINAY VERMA | Nov 21, 2025, 18:53 IST
cg-high-court-strikes-down-domicile-based-reservation-medical-pg-admission
छत्तीसगढ़ मेें मेडिकल पीजी प्रवेश के लिए सरकार द्वारा बनाए नए नियम को हाईकोर्ट ने नकार दिया है। एक याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पीजी एडमिशन के लिए मेरिट के आधार पर ही प्राथमिकता मिलेगी।

Raipur. छत्तीसगढ़ मेें मेडिकल पीजी प्रवेश के लिए सरकार द्वारा बनाए नए नियम को हाईकोर्ट ने नकार दिया है। एक याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पीजी एडमिशन के लिए मेरिट के आधार पर ही प्राथमिकता मिलेगी। डोमिसाइल आधारित आरक्षण को लेकर दायर याचिका पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा व जस्टिस बीडी गुरु की डबल बेंच सुनवाई कर रही थी। बेंच ने कोर्ट ने डोमिसाइल आधारित आरक्षण को असंवैधानिक करार देते हुए पूरी तरह रद्द कर दिया है।



क्या कहा हाईकोर्ट ने

सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने स्पष्ट कहा कि पीजी मेडिकल में डोमिसाइल आधारित आरक्षण अस्वीकार्य है। संस्थान आधारित 50ः वरीयता दी जा सकती है, लेकिन डोमिसाइल आधारित नहीं। “हायर और स्पेशल मेडिकल कोर्स में प्रवेश योग्यता के आधार पर होना चाहिए। डोमिसाइल आधारित आरक्षण से पेशेवर उत्कृष्टता से समझौता होगा।”



ये खबर भी पढ़ें...



छत्तीसगढ़ NEET-UG काउंसलिंग में नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन, छात्रों को मिला बड़ा फायदा.



UP NEET UG 2025: MBBS और BDS के लिए 200 सीटों पर काउंसलिंग शुरू, पूरा शेड्यूल देखें



डॉ. समृद्धि दुबे ने दायर की थी याचिका

याचिकाकर्ता डॉ. समृद्धि दुबे ने अपने वकीलों वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, अधिवक्ता संदीप दुबे, मानस वाजपेयी और कैफ अली रिजवी के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि सरकार का नया आदेश मेडिकल पीजी प्रवेश नियम 2025 का उल्लंघन करता है राज्य सरकार मेडिकल पीजी में डोमिसाइल आधारित भेदभाव कर रही है। याचिकाकर्ता ने नीट-पीजी 2025 में ऑल इंडिया रैंक 75068 प्राप्त की है और नियमों के कारण उन्हें नुकसान हो रहा।



क्या था विवाद?

नियम में ही यह प्रावधान था कि प्रवेश छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस करने वालों को मिलेगा। बाहर से एमबीबीएस करने वाले छत्तीसगढ़ मूल निवासी छात्रों को बाद में मौका मिलता था। याचिकाकर्ता के अनुसार यह सीधे-सीधे समानता के अधिकार का उल्लंघन है।



ये खबर भी पढ़ें...



मेडिकल पीजी में सिर्फ मध्य प्रदेश के अभ्यर्थियों को मिल रहा मौका, 50% से अधिक आरक्षण असंवैधानिक: HC



हाईकोर्ट ने रद्द किया स्टाइफंड नियम; अब 14,580 शिक्षकों को ज्वाइनिंग डेट से मिलेगा पूरा वेतन



Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • जस्टिस रमेश सिन्हा
  • मेडिकल पीजी प्रवेश