छत्तीसगढ़ नान घोटाला: रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा ED रिमांड पर,16 अक्टूबर तक होगी पूछताछ
CG NAN Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाले मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। रिटायर्ड IAS अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला शुक्रवार को तीसरी बार ईडी की विशेष कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, जहां कोर्ट ने उनके सरेंडर आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही अदालत ने आलोक शुक्ला और सह आरोपी अनिल टुटेजा को 16 अक्टूबर तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। ईडी की टीम अब दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाने की तैयारी कर रही है।
मामले की पृष्ठभूमि
आज की कार्रवाई
आलोक शुक्ला (IAS Alok Shukla) आज कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे। उन्होंने पहले दो हफ्ते ED कस्टडी और उसके बाद दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहने का सामना करना है। रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा (IAS Anil Tuteja) की गिरफ्तारी के लिए प्रोडक्शन वारंट कोर्ट में दायर किया गया है। वह पूर्व से जेल में हैं। कोर्ट ने आरोपियों की सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
ईडी की टीम ने आलोक शुक्ला के भिलाई स्थित घर में 18 सितंबर को दबिश दी थी। हालांकि, उस दिन कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश अपलोड न होने का हवाला देते हुए सरेंडर रोक दिया। बाद में सुनवाई टल गई।
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आरोप और संदिग्ध गतिविधियां
आलोक शुक्ला उस समय नान के चेयरमैन थे और अनिल टुटेजा सचिव। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने EOW की जांच प्रभावित करने की कोशिश की। जांच के अनुसार, भूपेश सरकार में दोनों अधिकारियों को पॉवरफुल पोस्टिंग दी गई थी, जिसमें नान घोटाले की जांच को प्रभावित करने के आरोप लगे। अन्य आरोपियों में पूर्व महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा भी शामिल हैं।