छत्तीसगढ़ में 25 साल से चहेते पुलिसकर्मियों को प्रमोशन, हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरकत में गृह विभाग

VINAY VERMA | Jan 14, 2026, 20:16 IST
Share
cg-police-promotion-scam-seniority-ignored-high-court-rebuke
cg-police-promotion-scam-seniority-ignored-high-court-rebuke

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में लंबे समय से चल रही प्रमोशन अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। आरोप है कि करीब 25 वर्षों तक सीनियरिटी को नजरअंदाज कर एसओपी के नाम पर जूनियर और चहेते पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई।

NEWS IN SHORT

  • छत्तीसगढ़ पुलिस में करीब 25 वर्षों से सीनियरिटी नजरअंदाज कर प्रमोशन दिए जाने का आरोप।
  • एसओपी का हवाला देकर जूनियर पुलिसकर्मियों को वरिष्ठों से पहले पदोन्नति दी गई।
  • प्रमोशन विवाद हाईकोर्ट पहुंचा, गृह विभाग को कोर्ट की कड़ी फटकार।
  • हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रमोशन के लिए नए और स्पष्ट नियम बनाने की तैयारी।
  • पुराने प्रमोशन की समीक्षा होने पर कई अधिकारियों की पदोन्नति पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में वर्षों से चल रहे प्रमोशन के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बीते करीब 25 वर्षों से सीनियरिटी को नजरअंदाज कर चहेते पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया जाता रहा है। केवल एसओपी यानी स्टैंडर्ड ऑफ प्रोसीजर का हवाला देकर वरिष्ठता सूची को दरकिनार किया गया और जूनियर्स को आगे बढ़ा दिया गया। यह मामला तब सामने आया, जब एक प्रमोशन विवाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने गृह विभाग को कड़ी फटकार लगाई।

सीनियरिटी दरकिनार, जूनियर्स को प्रमोशन,

राज्य गठन के बाद से पुलिस विभाग में पदोन्नति के स्पष्ट और ठोस नियम तय नहीं किए गए। इसका नतीजा यह हुआ कि विभागीय अफसरों को मनमानी करने का खुला मौका मिल गया। कई मामलों में योग्य और वरिष्ठ पुलिसकर्मी वर्षों तक प्रमोशन का इंतजार करते रहे, जबकि उनसे जूनियर अधिकारी तेजी से ऊंचे पदों पर पहुंचते चले गए। इस प्रक्रिया में न तो पारदर्शिता रही और न ही एक समान मापदंड अपनाए गए।

विवाद के बाद अनियमितता उजागर

विवाद तब गहराया, जब एक वरिष्ठ पुलिसकर्मी ने अपने से कई वर्ष जूनियर अधिकारी को प्रमोशन दिए जाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि प्रमोशन प्रक्रिया में न तो स्पष्ट नियम हैं और न ही सीनियरिटी को प्राथमिक आधार बनाया गया है। कोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए गृह विभाग से सवाल किया कि आखिर 25 साल में प्रमोशन के लिए ठोस नियम क्यों नहीं बनाए गए?

अब नए नियम बनाने की तैयारी

हाईकोर्ट की फटकार के बाद गृह विभाग हरकत में आया है। अब विभाग पुलिसकर्मियों की पदोन्नति के लिए नए और स्पष्ट नियम बनाने की तैयारी कर रहा है। गृह विभाग के अनुसार एसओपी के प्रावधानों को ही नियमों के स्वरुप में ढ़ाल दिया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में सीनियरिटी, सेवा अवधि, वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन विभागीय परीक्षा और योग्यता जैसे बिंदुओं को साफ तौर पर शामिल किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की मनमानी न हो सके।

कई प्रमोशन विवादों में आ सकते हैं

पुलिस महकमे के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि अब तक हुए कई प्रमोशन विवादों के घेरे में आ सकते हैं। यदि नए नियम लागू होने के बाद पुराने मामलों की समीक्षा होती है, तो कई अधिकारियों की पदोन्नति पर सवाल खड़े हो सकते हैं। इससे विभाग में असंतोष और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। क्योंकि कई कांस्टेबल आउट ऑफ प्रमोशन के बल पर अपनी 20 साल के सेवाकाल में 3 से 4 बार प्रमोशन पा चुके हैं।

वरिष्ठ पुलिसकर्मियों का टूटता मनोबल

वरिष्ठ पुलिसकर्मियों का कहना है कि प्रमोशन में पारदर्शिता न होने से न सिर्फ मनोबल टूटता है, बल्कि कार्यकुशलता भी प्रभावित होती है। जब वर्षों की सेवा और अनुभव के बावजूद प्रमोशन नहीं मिलता और जूनियर आगे निकल जाते हैं, तो यह पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। वहीं, कुछ अधिकारियों का यह भी मानना है कि ैव्च् के नाम पर किए गए प्रमोशन असल में ‘चहेतावाद’ का नतीजा रहे हैं।

ड्राफ्ट लगभग तैयार

गृह विभाग के सचिव रमेश शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट (CG High Court) के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। और जल्द ही प्रमोशन से जुड़े नियमों का ड्राफ्ट लगभग तैयार कर लिया गया है। एसओपी के प्रावधानों को नियमों का स्वरुप दे दिया गया है। राज्यपाल के अंतिम मुहर के बाद इसे जिलों को भेज दिया जाएगा।

ये खबरें भी पढ़ें...

राज्य पुलिस सेवा के 7 अधिकारियों को IPS अवार्ड, द सूत्र की खबर पर लगी मुहर

जून में पदोन्नत पुलिस अधिकारियों को मिली पदस्थापना, गृह विभाग ने जारी किया आदेश

IAS अफसरों का प्रभार बदला , IFS अधिकारियों के ट्रांसफर, 131 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रमोशन

आठ साल से प्रमोशन पर ब्रेक, भर्तियों की रफ्तार सुस्त, सरकारी दफ्तरों में आउटसोर्स ही सहारा

Tags:
  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
  • CG High Court
  • छत्तीसगढ़ पुलिस
  • गृह विभाग
  • पुलिसकर्मियों को प्रमोशन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा