109 शहीदों के स्मारक बनेंगे, QR कोड खोलेगा नक्सल हिंसा का इतिहास

VINAY VERMA | Aug 11, 2026, 18:48 IST
Share
नक्सल हिंसा पीड़ितों के लिए राहत
नक्सल हिंसा पीड़ितों के लिए राहत

छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल हिंसा में शहीद 109 जवानों और नागरिकों के स्मारक बनाएगी। हर स्मारक पर QR कोड लगेगा, जिससे शहीदों की पूरी जानकारी मिलेगी। साथ ही शहीद परिवारों की मदद, पुनर्वासित युवाओं के केस और लंबित मामलों की समीक्षा होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले 109 शहीदों के स्मारक बनाए जाएंगे। इनमें सुरक्षाबलों के जवानों के साथ नक्सली हिंसा में मारे गए नागरिक भी शामिल हैं। सरकार अब इन शहादतों को सिर्फ स्मारक तक सीमित नहीं रखना चाहती। हर स्मारक को एक ऐसी पहचान देने की तैयारी है, जहां आने वाली पीढ़ियां जान सकें कि किसने, कब और किस घटना में जान गंवाई।

स्मारक पर लगेगा QR कोड

सरकार इन स्मारकों के लिए एक जैसा मानक डिजाइन तैयार करा रही है। खास बात यह होगी कि स्मारक पर QR कोड लगाया जाएगा। मोबाइल से कोड स्कैन करते ही संबंधित शहीद की पूरी जानकारी सामने आएगी। घटना की तारीख, स्थान, शहादत की परिस्थितियां और योगदान जैसी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी। यानी इतिहास सिर्फ पत्थर पर नहीं, मोबाइल की स्क्रीन पर भी दर्ज होगा।

स्कूल से चौक तक शहीदों का नाम

शहीदों को सम्मान देने के लिए सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। शहीदों के नाम पर स्कूल, चौक-चौराहे और सरकारी भवनों का नामकरण तेज किया जाएगा। जहां विभागीय अनुमति की जरूरत है, वहां अनुमति लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है। सरकार का मकसद साफ है-शहीदों के नाम सिर्फ सरकारी फाइलों में नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई दें।

मुआवजे से छूटे परिवार अब खोजे जाएंगे

नक्सली हिंसा में प्रभावित हर परिवार तक सरकारी मदद पहुंची है या नहीं, इसकी भी पड़ताल होगी। राज्य गठन से अब तक के पुराने मामलों की समीक्षा की जाएगी। जिन परिवारों को अब तक राहत नहीं मिली, उनकी पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। अधिकारियों को मौके पर जाकर आवेदन लेने और पात्र परिवारों को सहायता दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। संदेश साफ है-पुरानी फाइलों में दबे मामले अब बाहर निकालने होंगे।

पुनर्वासित युवाओं को केस से राहत

माओवादी गतिविधियां छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवाओं के मामलों की भी समीक्षा की गई। सरकार ने कहा है कि यूएपीए और जनहानि जैसे गंभीर मामलों को छोड़कर बाकी प्रकरणों का जल्द निपटारा किया जाए। इसके लिए पेशेवर अधिवक्ताओं और अभियोजन अधिकारियों की टीम बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हर केस की प्रकृति अलग करके आगे की कार्रवाई तय होगी। मकसद है कि पुनर्वास के बाद भी कानूनी पेंच में फंसे युवाओं को बेवजह इंतजार न करना पड़े।

शहीद परिवारों की नौकरी पर भी नजर

बैठक में शहीद परिवारों को अनुकंपा नियुक्ति और सरकारी सेवा देने की स्थिति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों को कहा गया कि शहीद परिवारों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। साथ ही नक्सल प्रभावित परिवारों, पुनर्वासित लोगों और सहायता से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए एसआईबी डैशबोर्ड को लगातार अपडेट करने को कहा गया। सरकार अब आंकड़ों के जरिए हर केस की मॉनिटरिंग करना चाहती है।

सिर्फ समीक्षा नहीं, टाइमलाइन भी

नवा रायपुर के महानदी भवन में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति का हिसाब लिया। निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाया जाए। शहीदों के स्मारक हों या प्रभावित परिवारों की मदद, सरकार अब इन मामलों को केवल बैठक और कागजी कार्रवाई तक सीमित रखने के मूड में नहीं दिख रही। असली परीक्षा अब मैदान में होगी।

FAQ

  1. छत्तीसगढ़ में कितने शहीदों के स्मारक बनाए जाएंगे?
    छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले 109 शहीदों के स्मारक बनाए जाएंगे।
  2. स्मारकों पर QR कोड लगाने का उद्देश्य क्या है?
    QR कोड स्कैन करने पर शहीद की घटना, तारीख, स्थान और योगदान जैसी पूरी जानकारी डिजिटल रूप में मिलेगी।
  3. नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए सरकार क्या करेगी?
    सरकार पुराने मामलों की समीक्षा कर छूटे परिवारों की पहचान करेगी और पात्र लोगों को सहायता दिलाने का अभियान चलाएगी।

ये खबरें भी पढ़े....

नवा रायपुर में सरकारी इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल, नवंबर तक होगा तैयार?

महानदी जल विवाद: छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की जल्द होगी बैठक

सीएम रायपुर में फहराएंगे तिरंगा, रमन राजनांदगांव में मनाएंगे आजादी पर्व

विकास राशि के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के पास पहुंचे सरपंच

Tags:
  • इतिहास
  • नक्सली हिंसा
  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
  • नक्सल हिंसा
  • नवा रायपुर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज