भर्ती परीक्षाओं में मुन्नाभाइयों पर नकेल, आवेदन से नियुक्ति तक होगा आधार सत्यापन
Arun Tiwari | Sept 13, 2026, 09:44 IST
CGSSB भर्ती परीक्षा आधार सत्यापन
छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने हेतु कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) बायोमेट्रिक, आईरिस स्कैन और e-KYC के जरिए अभ्यर्थियों व परीक्षा स्टाफ का तीन-स्तरीय आधार सत्यापन लागू कर रहा है।
RAIPUR : छत्तीसगढ़ की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े और डमी अभ्यर्थियों की घुसपैठ को पूरी तरह रोकने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है।
राज्य में नवगठित कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) अब अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण लागू करने की तैयारी में है।
इस नई व्यवस्था के तहत आवेदन फॉर्म भरने से लेकर लिखित परीक्षा केंद्र में प्रवेश और अंतिम नियुक्ति (जॉइनिंग) तक अलग-अलग चरणों में अभ्यर्थियों का प्रमाणीकरण किया जाएगा।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदन करने वाला, परीक्षा में बैठने वाला और अंत में नौकरी जॉइन करने वाला व्यक्ति एक ही हो।
परीक्षा केंद्रों पर अब केवल फोटो पहचान पत्र देखना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आधुनिक डिजिटल माध्यमों से पहचान की पुष्टि की जाएगी:
बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैन: परीक्षा केंद्र और नियुक्ति के समय अभ्यर्थी के उंगलियों के निशान का मिलान किया जाएगा।
आईरिस स्कैन (आंखों की पुतली की जांच): बायोमेट्रिक के साथ-साथ आंखों के स्कैन से भी पहचान सत्यापित होगी।
ई-केवाईसी (e-KYC) ऑथेंटिकेशन: बायोमेट्रिक उपलब्ध न होने की स्थिति में डिजिटल ई-केवाईसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मंडल ने यह स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण में यह प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी और अभ्यर्थी की लिखित सहमति मिलने पर ही आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा।
यदि किसी तकनीकी खराबी, सर्वर समस्या या अन्य वैध कारणों से किसी अभ्यर्थी का आधार वेरीफिकेशन समय पर पूरा नहीं हो पाता, तो उसे चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में ई-केवाईसी या अन्य वैध शासकीय दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान सत्यापित की जाएगी।
सेंधमारी को रोकने के लिए यह व्यवस्था केवल परीक्षार्थियों तक ही सीमित नहीं रहेगी। परीक्षा संचालन और निगरानी कार्य में तैनात अधिकारियों, केंद्र पर्यवेक्षकों और अन्य कर्मचारियों का भी आधार प्रमाणीकरण किया जाएगा।
इससे परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी और भीतर से होने वाली किसी भी गड़बड़ी या मिलीभगत की गुंजाइश खत्म होगी।
छत्तीसगढ़ में कुछ महीनों पहले गठित 'कर्मचारी चयन मंडल' को राज्य के विभिन्न विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की भर्तियों के साथ-साथ प्रवेश व पात्रता परीक्षाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले यह कार्य व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा किया जाता था।
कई बार यह देखा गया है कि परीक्षा कोई और देता है और जॉइनिंग के समय फर्जी उम्मीदवार पहुंच जाता है। परीक्षा केंद्रों में केवल आधार या फोटो आईडी देखकर दिए जाने वाले प्रवेश की वजह से कई डमी कैंडिडेट पकड़ में नहीं आ पाते थे। नई डिजिटल प्रमाणीकरण व्यवस्था लागू होने से फर्जीवाड़े पर तुरंत विराम लगेगा।
दिल्ली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तीन नेताओं का इंटरव्यू, कौन मारेगा बाजी
छत्तीसगढ़ में बैंक बंद : 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर सड़कों पर हजारों कर्मचारी
छत्तीसगढ़ पीएफ डिफॉल्टर मामला : ईपीएफओ ने शुरू की कुर्की और सख्त कार्रवाई
प्राचार्यों को अब रोज पढ़ानी होगी क्लास, छत्तीसगढ़ सरकार का सख्त आदेश
राज्य में नवगठित कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB) अब अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण लागू करने की तैयारी में है।
इस नई व्यवस्था के तहत आवेदन फॉर्म भरने से लेकर लिखित परीक्षा केंद्र में प्रवेश और अंतिम नियुक्ति (जॉइनिंग) तक अलग-अलग चरणों में अभ्यर्थियों का प्रमाणीकरण किया जाएगा।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवेदन करने वाला, परीक्षा में बैठने वाला और अंत में नौकरी जॉइन करने वाला व्यक्ति एक ही हो।
तीन स्तरों पर होगी डिजिटल जांच:
बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैन: परीक्षा केंद्र और नियुक्ति के समय अभ्यर्थी के उंगलियों के निशान का मिलान किया जाएगा।
आईरिस स्कैन (आंखों की पुतली की जांच): बायोमेट्रिक के साथ-साथ आंखों के स्कैन से भी पहचान सत्यापित होगी।
ई-केवाईसी (e-KYC) ऑथेंटिकेशन: बायोमेट्रिक उपलब्ध न होने की स्थिति में डिजिटल ई-केवाईसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अभ्यर्थियों के हित का भी रखा जाएगा ध्यान:
यदि किसी तकनीकी खराबी, सर्वर समस्या या अन्य वैध कारणों से किसी अभ्यर्थी का आधार वेरीफिकेशन समय पर पूरा नहीं हो पाता, तो उसे चयन प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में ई-केवाईसी या अन्य वैध शासकीय दस्तावेजों के आधार पर उसकी पहचान सत्यापित की जाएगी।
परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का भी होगा सत्यापन:
इससे परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता बनी रहेगी और भीतर से होने वाली किसी भी गड़बड़ी या मिलीभगत की गुंजाइश खत्म होगी।
व्यापमं की जगह नई संस्था का गठन:
कई बार यह देखा गया है कि परीक्षा कोई और देता है और जॉइनिंग के समय फर्जी उम्मीदवार पहुंच जाता है। परीक्षा केंद्रों में केवल आधार या फोटो आईडी देखकर दिए जाने वाले प्रवेश की वजह से कई डमी कैंडिडेट पकड़ में नहीं आ पाते थे। नई डिजिटल प्रमाणीकरण व्यवस्था लागू होने से फर्जीवाड़े पर तुरंत विराम लगेगा।
FAQ
- व्यापमं (CG Vyapam) की जगह किस नई संस्था का गठन किया गया है?
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSB - Chhattisgarh Staff Selection Board)। - CGSSB किन श्रेणियों की भर्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है?
राज्य शासन के विभागों में तृतीय (Group C) और चतुर्थ (Group D) श्रेणी के पदों की भर्तियों के साथ-साथ विभिन्न प्रवेश व पात्रता परीक्षाओं का संचालन। - परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की डिजिटल पहचान किन माध्यमों से सुनिश्चित की जाएगी?
बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैन, आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन और ई-केवाईसी (e-KYC) ऑथेंटिकेशन।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ में बैंक बंद : 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर सड़कों पर हजारों कर्मचारी
छत्तीसगढ़ पीएफ डिफॉल्टर मामला : ईपीएफओ ने शुरू की कुर्की और सख्त कार्रवाई
प्राचार्यों को अब रोज पढ़ानी होगी क्लास, छत्तीसगढ़ सरकार का सख्त आदेश
आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े के आरोप में भोपाल के सृष्टि हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ EOW ने दर्ज किया केस
By Sandeep Kumar
प्रेमी को फोन कर मिलने बुलाया, फिर पति के साथ मिलकर काटा गला, बलरामपुर वसीम हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, पति-पत्नी पहुंचे जेल
By Umeshwari Baghel
MP ADPO और IBPS Law Mains की तारीख टकराई, अभ्यर्थी अब किसे चुनें? MPPSC से बदलाव की गुहार
By Sandeep Kumar
लॉरेंस बिश्नोई के नाम 50 करोड़ की फिरौती मांगने वाला शोएब ढेबर फरार, पता बताने वाले को पुलिस देगी 5 हजार रुपए
By VINAY VERMA
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें, MP शिक्षक भर्ती पर गरमाई सियासत, कूनो में फिर गूंजी किलकारी...
By Sandeep Kumar
Rajasthan Top News: 3605 पंचायतों में चुनाव तारीख बदलने की तैयारी: 6 नवंबर को धनतेरस
By Ashish Bhardwaj
EOW ने पेश किया 9500 पन्नों का पूरक चालान,रामगोपाल,देवेंद्र यादव और विनोद तिवारी समेत 12 आरोपी
By Arun Tiwari