भारतमाला घोटाले का मास्टरमाइंड निर्भय साहू गिरफ्तार, जमीनों की बंदरबांट कर कमाया माल
Raipur. छत्तीसगढ़ में हुए भारतमाला घोटाले का मास्टरमाइंड तत्कालीन एसडीएम निर्भय साहू गिरफ्तार हो गया है। निर्भय साहू लंबे समय से फरार था और जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू के हाथ नहीं आ रहा था। निर्भय साहू ने दलालों और कारोबारियों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट में आ रही जमीनों के छोटे छोटे टुकड़े करवाए और करोड़ों का मुआवजा बांटा।
पुलिस रिमांड पर निर्भय:
निर्भय साहू ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जिसे निरस्त कर दिया गया था। इसके और अन्य फरार चल रहे लोकसेवकों के विरूद्ध पहले ही विशेष न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था।
आरोपी निर्भय कुमार साहू लगातार फरार चल रहा था। जिसकी तलाश लगातार की जा रही थी। आरोपी निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए विशेष न्यायालय, रायपुर में पेश किया गया। जहां उसे 30 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
निर्भय पर ये धाराएं:
इस संबंध में अपराध क्रमांक 30/2025 दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग), 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(सी) और 12 भी लगाई गई हैं।
आरोप है कि अभनपुर के तत्कालीन SDM निर्भय कुमार साहू ने अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक और जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी सहित अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची।
जांच में सामने आया है कि अभनपुर तहसील के ग्राम नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की जमीनों को पिछली तारीख (बैक डेट) में छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया। इसके बाद इन जमीनों के बदले वास्तविक मुआवजे से कई गुना ज्यादा रकम बांटी गई।
इतना ही नहीं, नायकबांधा जलाशय की वह जमीन जो पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी, उसे दोबारा भारतमाला परियोजना के नाम पर अधिग्रहित दिखाकर फिर से मुआवजा दे दिया गया।
इस पूरे घोटाले (Bharatmala scam) से शासन को करोड़ों रूपए का नुकसान हुआ है। मामले का मुख्य आरोपी निर्भय कुमार साहू फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं और इसमें शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
ये खबरें भी पढ़ें...
Bharatmala project scam: डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार समेत पांच अधिकारियों की संपत्ति होगी कुर्क
भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला में तीन पटवारी गिरफ्तार, हाईकोर्ट की रोक हटते ही EOW ने की बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ भारतमाला घोटाला: हाईकोर्ट ने ठुकराई अधिकारियों की जमानत याचिकाएं, 600 करोड़ की जांच जारी