मंत्री केदार कश्यप की बैठक: छत्तीसगढ़ में जल्द बढ़ सकता है बसों का किराया
Umeshwari Baghel | Sept 09, 2026, 18:40 IST
छत्तीसगढ़ में जल्द बढ़ सकता है बसों का किराया
छत्तीसगढ़ में बस किराया बढ़ाने, स्लीपर बस टैक्स में बदलाव और ऑनलाइन परमिट जैसे मुद्दों पर परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बस संचालकों के साथ बैठक की। महिला सुरक्षा, बसों की समय-सारिणी और आधुनिक तकनीक से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई।
Raipur। छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों से जुड़ी सुविधाओं और बस संचालकों की समस्याओं को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और प्रदेशभर से आए बस संचालकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में यात्री किराया बढ़ाने, स्लीपर बसों के टैक्स, बसों की समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और महिला यात्रियों की सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में बस संचालकों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों और व्यावहारिक परेशानियों को मंत्री के सामने रखा। परिवहन मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को नियमों के अनुसार समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
बैठक में बस संचालकों ने यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग रखी। फेडरेशन की ओर से साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग की गई। इसके अलावा 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को वापस लेने का मुद्दा भी उठाया गया।
बस संचालकों का कहना है कि बढ़ते ईंधन खर्च, रखरखाव लागत और अन्य खर्चों के कारण मौजूदा किराए में बस संचालन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने किराए के नए निर्धारण की जरूरत बताई।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस मामले में जल्द निर्णय लेने का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किराया निर्धारण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर उचित कार्रवाई की जाए।
बैठक में स्लीपर बसों पर लगने वाले टैक्स का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। बस संचालकों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में एक स्लीपर को दो सीटों के बराबर मानकर टैक्स लिया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि एक स्लीपर को एक सीट के बराबर मानते हुए टैक्स की गणना की जाए।
बस संचालकों ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को टैक्स व्यवस्था के तकनीकी, व्यावहारिक और राजस्व से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्टेज कैरिज बसों के संचालन और समय-सारिणी को लेकर भी चर्चा हुई। बस संचालकों ने सुझाव दिया कि मुख्य मार्गों पर चलने वाली बसों के बीच कम से कम 10 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों के मार्गों पर 30 मिनट का अंतर तय किया जाना चाहिए।
उनका कहना था कि समय-सारिणी व्यवस्थित होने से बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा कम होगी और यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि बसों का संचालन इस तरह होना चाहिए कि यात्रियों को पर्याप्त विकल्प मिलें और परिवहन व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में बस परमिट सहित परिवहन विभाग की सेवाओं को ऑनलाइन करने पर भी चर्चा हुई। विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्टेज कैरिज बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि परिवहन विभाग की अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन किया जाना चाहिए। इससे बस संचालकों और आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने ऑनलाइन व्यवस्था को और आसान बनाने तथा आवेदनों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में बसों में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। परिवहन मंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, कैमरे और अन्य सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखा जाए।
मंत्री ने कहा कि यदि बस में पहली या आखिरी यात्री महिला है तो उसकी सुरक्षा के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। महिला यात्री के सुरक्षित पहुंचने तक बस की स्थिति पर निगरानी रखने की तकनीकी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बसें लोगों के आने-जाने का मुख्य साधन हैं।
उन्होंने कहा कि बस संचालकों की समस्याओं का समाधान जरूरी है, लेकिन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनहित से जुड़ा बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों की समीक्षा कर जिन मामलों में विभाग स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है, उनमें जल्द कार्रवाई की जाए।
बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष और बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के संरक्षक संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा बस ऑनर फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल पूसदकर, अजय सिंह गिल, भावेश दुबे, सत्यानंद पाण्डेय, सुदीप शुक्ला सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए बस संचालक प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
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बैठक में बस संचालकों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों और व्यावहारिक परेशानियों को मंत्री के सामने रखा। परिवहन मंत्री ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को नियमों के अनुसार समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
बस किराया बढ़ाने की मांग पर जल्द होगा फैसला
बस संचालकों का कहना है कि बढ़ते ईंधन खर्च, रखरखाव लागत और अन्य खर्चों के कारण मौजूदा किराए में बस संचालन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने किराए के नए निर्धारण की जरूरत बताई।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इस मामले में जल्द निर्णय लेने का भरोसा दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किराया निर्धारण से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर उचित कार्रवाई की जाए।
स्लीपर बस टैक्स व्यवस्था में बदलाव पर विचार
बस संचालकों ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को टैक्स व्यवस्था के तकनीकी, व्यावहारिक और राजस्व से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए।
बसों की समय-सारिणी को व्यवस्थित करने पर जोर
उनका कहना था कि समय-सारिणी व्यवस्थित होने से बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा कम होगी और यात्रियों को भी बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि बसों का संचालन इस तरह होना चाहिए कि यात्रियों को पर्याप्त विकल्प मिलें और परिवहन व्यवस्था सुचारू बनी रहे। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
परिवहन सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि परिवहन विभाग की अधिक से अधिक सेवाओं को ऑनलाइन किया जाना चाहिए। इससे बस संचालकों और आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
उन्होंने ऑनलाइन व्यवस्था को और आसान बनाने तथा आवेदनों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
मंत्री ने कहा कि यदि बस में पहली या आखिरी यात्री महिला है तो उसकी सुरक्षा के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। महिला यात्री के सुरक्षित पहुंचने तक बस की स्थिति पर निगरानी रखने की तकनीकी व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा को मजबूत करने पर जोर
उन्होंने कहा कि बस संचालकों की समस्याओं का समाधान जरूरी है, लेकिन यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनहित से जुड़ा बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों की समीक्षा कर जिन मामलों में विभाग स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है, उनमें जल्द कार्रवाई की जाए।
बैठक में ये अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
इसके अलावा बस ऑनर फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल पूसदकर, अजय सिंह गिल, भावेश दुबे, सत्यानंद पाण्डेय, सुदीप शुक्ला सहित प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए बस संचालक प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।
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