अयोध्या के रामलला मंदिर में गूंजा नारा, छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम
Arun Tiwari | Jul 13, 2024, 16:36 IST
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे।
रायपुर. अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में श्री रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान श्री राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी।
वहीं साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा पूरी हो गई। सीएम समेत उनके मंत्रिमंडल ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भांचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर और पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू समेत कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रभु श्री राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं। फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है। हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे। उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह और प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूं।
रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की है।
वहीं साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा पूरी हो गई। सीएम समेत उनके मंत्रिमंडल ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भांचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर और पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू समेत कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।
छत्तीसगढ़ के भांजे हैं राम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं। फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।
छत्तीसगढ़ सिर्फ राज्य नहीं राम का ननिहाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह और प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूं।
रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की है।
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