रविवार को सुरक्षित नहीं रहता छत्तीसगढ़, शुक्रवार दूसरा सबसे खतरनाक दिन; पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों ने खोली परतें
VINAY VERMA | Feb 17, 2026, 18:07 IST
chhattisgarh crime trend sunday friday most dangerous days
छत्तीसगढ़ में 2025 के अपराध आंकड़ों ने चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रविवार को सबसे अधिक अपराध दर्ज हुए हैं। जबकि शुक्रवार भी खतरनाक साबित हुआ। वहीं मंगलवार सबसे सुरक्षित दिन रहा।
News In Short
पुलिस मुख्यालय ट्रेंड का विश्लेषण कर रहा है।
चाकूबाजी की घटनाएं भी पुलिस को परेशान कर रही है।
रोकथाम के लिए पुलिस उपाय कर रही है।
News In Detail
रविवार बना रेड अलर्ट डे
सप्ताह के अन्य दिनों का आंकड़ा इस प्रकार है
| दिन | संख्या |
| रविवार | 427 |
| सोमवार | 496 |
| शनिवार | 502 |
| बुधवार | 504 |
| गुरुवार | 519 |
| शुक्रवार | 540 |
| रविवार | 601 |
इसके पीछे सामाजिक और व्यवहारिक कारण हो सकते हैं। वीकेंड पर लोगों की आवाजाही बढ़ती है। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ अधिक रहती है। सामाजिक कार्यक्रम और पार्टियां आयोजित होती हैं तथा शराब और नशे का सेवन भी बढ़ता है।
रात का समय सबसे ज्यादा संवेदनशील
रात के दौरान हत्या, हत्या का प्रयास हुआ है। चोरी, मारपीट, चाकूबाजी, अवैध नशाखोरी, सड़क दुर्घटना और हिट एंड रन जैसी गंभीर घटनाएं अधिक सामने आईं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात में निगरानी की चुनौतियां और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति इन अपराधों को बढ़ावा देती है। नाइट पेट्रोलिंग के बावजूद कई कारणों से अपराधियों को फायदा मिल रहा है। इसमें प्रकाश व्यवस्था और सीसीटीवी कवरेज की कमी भी शामिल है।
मई, जून और अक्टूबर रहे सबसे संवेदनशील महीने
सबसे गंभीर तथ्य यह है कि इन महीनों में 68% घटनाओं में चाकू या अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल हुआ है। यह प्रवृत्ति बताती है कि छोटे विवाद भी हिंसक रूप ले रहे हैं। साथ ही धारदार हथियार आसानी से उपलब्ध हैं।
सामाजिक कारणों पर भी उठे सवाल
यह आंकड़ा बताता है कि मामूली विवाद भी हिंसक रूप ले रहे हैं। धारदार हथियारों की आसान उपलब्धता और गुस्से पर नियंत्रण की कमी अपराध की गंभीरता बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में आक्रामकता और नशे की प्रवृत्ति भी इस प्रवृत्ति को बढ़ा रही है।
पुलिस रणनीति में बदलाव की तैयारी
चाकू बिक्री पर लगाम का प्रयास
आंकड़े दे रहे चेतावनी का संकेत
अब एक सबसे बड़ी चुनौती है। इन आंकड़ों के आधार पर बनाई जा रही रणनीतियां जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं। यदि डाटा को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जाए, तो आने वाले समय में अपराध के इस ट्रेंड को बदला जा सकता है।
ये खबरें भी पढ़िए...
छत्तीसगढ़ न्यूज: छत्तीसगढ़ में इस दिन होगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल
झूठा शपत्र दिया तो माना जाएगा बड़ा अपराध, पंचायत चुनावों के लिए आया नया फरमान
क्राइम न्यूज: MP में महिला अपराधों की जांच में बड़ा बदलाव, अब ASI भी करेंगी निगरानी
ग्राम सभा के हक पर सुप्रीम मुहर! याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ में एंट्री-बैन बोर्ड पर बड़ा फैसला
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman