ईसाई से हिंदू बने 35 आदिवासी परिवार, जूदेव ने पैर धोकर कराई घर वापसी

Pravesh Shukla | Aug 06, 2025, 15:44 IST
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छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण-धर्मांतरण विवाद के बीच सक्ती जिले में ईसाई धर्म अपना चुके 35 परिवारों की घर वापसी हो गई है। बीजेपी नेता और अखिल भारतीय घर वापसी संगठन के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने पैर धोकर सहसम्मान उनकी सनातन धर्म में वापसी कराई।

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण-धर्मांतरण विवाद (conversion controversy) के बीचसक्तीजिले में ईसाई धर्म अपना चुके 35 परिवारों की घर वापसी हो गई है। बीजेपी नेता और अखिल भारतीय घर वापसी संगठन के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंहजूदेवने पैर धोकरसहसम्मानउनकी सनातन धर्म में वापसी कराई।

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आस-पास के गांव के हैं सभी

यह सभीसपरेलीऔर आस-पास के गांव के हैं। बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंहजूदेवने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा कि, वर्तमान के माहौल में यह उन धर्मांतरण-मतांतरणकराने वाले एजेंटों के लिए बड़ा संदेश है।

ये लोग स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं:जूदेव

अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंहजूदेवने कहा कि,मिशनरीहमारे लिए चुनौती है। ये लोग स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। एक कड़ा कानून जोदोषियोंको सजा दे सके अत्यंत जरूरी है।कांग्रेस ने साजिश के तहत बड़ीशातिरानातरीके से शिक्षा और स्वास्थ्यमिशनरियोंको सौंप दिया। जिन्होंने सेवा के बदले सौदा की नीति के तहत धर्मांतरण का खेल खेला। समाज को संगठित कर धर्मांतरण के खिलाफ अभियानजनजागृतिका होना बहुत आवश्यक है।

'बहला फुसलाकर कराते हैं धर्मांतरण-मतांतरण'

संगठन के सदस्यों ने बताया कि, पूरे छत्तीसगढ़ मेंमसीहीसमाज के लोग धर्मांतरण-मतांतरणकरा रहे हैं। लोगों को बहला फुसलाकर और हिंदू धर्म की गलत जानकारी देकर उनकोबरगलायाजाता है औरकन्वर्जनकिया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन देवी देवताओं का अपमान करके सेवा के नाम पर ये सौदा करते है। शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर पैसे देकर लोगों का धर्मांतरण-मतांतरणकरने वाले लोग पूरे प्रदेश में सक्रिय है।जनजातीयइलाके मेंमसीहीसमाज के एजेंटबडीसंख्या में इस काम को अंजाम दे रहे है।

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'सेवा के बदले सौदा करना गलत, हम इसका विरोध करेंगे'

संगठन ने कहा कि, धर्म का प्रचार करना अलग चीज है। दूसरे धर्म का अपमान करना,दुष्प्रचारकरना गलत है। आप मानव कल्याण पर काम करें, दूसरे के धर्म को क्योंबदलवारहे है। सेवा के बदले सौदा करना गलत है। हम इसके विरूद्ध है। और हम इसके लिए लगातारलड़ेगे।

'मुझे बरगलाया, मैं अपने पूर्वजों के धर्म से जुड़ रही'

सपरेलीकी रहने वाली कविता सुमन ने ईसाई धर्म छोड़कर वापस सनातन धर्म में वापसी की है। उन्होंने समाज के लोगों को बताया कि,मसीहीसमाज के लोग आते थे और अपने धर्म की बात बताते थे। कहते थे तुम लोग क्या कर रहे हो? मुझे बोले हम तुम्हारी मदद करेंगे। उनकी बात सुनकर मैं धर्मांतरित हो गई? लेकिन अब सनातन धर्म में वापस आ रही हूं।

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11 साल में 15 हजार लोगों की करवा चुके घर वापसी

अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख और बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंहजूदेवअपने संगठन की मदद से अब तक 15 हजार लोगों की घर वापसी करा चुके है। संगठन के सदस्यों का कहना है कि, हरवोव्यक्ति जिसके पूर्वज सनातनी थे और किसी वजह से दूसरे धर्म को अपनाए थे,वोसनातन धर्म में वापस लौट सकते है, उनका स्वागत है।


5 प्वॉइंट में समझें पूरी खबर

1. 35 परिवारों की 'घर वापसी'

  • सक्ती जिले के सपरेली और आसपास के गांवों के 35 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर फिर से सनातन (हिंदू) धर्म को अपनाया।
  • यह प्रक्रिया प्रबल प्रताप सिंह जूदेव (बीजेपी नेता और अखिल भारतीय घर वापसी संगठन के प्रमुख) ने पैर धोकर सहसम्मान संपन्न कराई।

2. धर्मांतरण पर संगठन की प्रतिक्रिया

  • संगठन का दावा है कि मसीही समाज के लोग शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मदद के नाम पर लोगों का धर्मांतरण करवा रहे हैं।
  • उन्होंने इसे "सेवा के बदले सौदा" बताया और कहा कि यह सांस्कृतिक एवं धार्मिक रूप से खतरनाक है।

3. स्लीपर सेल और एजेंटों का आरोप

  • प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने मिशनरियों को "स्लीपर सेल" की तरह काम करने वाला बताया।
  • उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने शिक्षा और स्वास्थ्य मिशनरियों को सौंपकर धर्मांतरण को बढ़ावा दिया।

4. धर्म परिवर्तन के अनुभव

  • घर वापसी करने वालों में एक महिला कविता सुमन ने कहा कि उन्हें बहलाया-फुसलाया गया और गलत जानकारी देकर धर्मांतरण कराया गया।
  • अब वह अपने पूर्वजों के धर्म (सनातन धर्म) में लौटने पर संतोष जताती हैं।

5. घर वापसी अभियान का आंकड़ा और समर्थन

  • संगठन के मुताबिक, पिछले 11 वर्षों में करीब 15,000 लोगों की घर वापसी कराई जा चुकी है।
  • कार्यक्रम में कई संत, कथा वाचक, और धर्माचार्य शामिल हुए, जिससे इसे धार्मिक समर्थन भी प्राप्त हुआ।

झोबा आश्रम में हुआ था आयोजन

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कथावाचिकादीदी प्रज्ञा भारती,झोबाआश्रम के संरक्षक स्वामीदिव्यानंद(ओम बाबा), स्वामीकौशलेन्द्रकृष्ण महाराज, अंजूजयनारायणगबेल(सनातन सेविका), आयुष शर्मा, परमहंस अग्रज, कपिल शास्त्री, आचार्य राकेश, राजासक्तिधर्मेंद्र सिंह सहित अनेक धर्माचार्य और सहयोगी मौजूद रहे।

FAQ

  1. 1 धर्मांतरण (conversion) क्या है और घर वापसी (ghar vapsi) क्या होती है?
    धर्मांतरण (conversion) वह प्रक्रिया है जिसमें किसी व्यक्ति का धर्म बदलता है। घर वापसी (ghar vapsi) वही लोग फिर से अपने मूल धर्म जैसे सनातन धर्म में आते हैं।
  2. 2 . छत्तीसगढ़ में यह विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
    यह विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें जनजातीय इलाकों में मिशनरियों की भूमिका और कानून की आवश्यकता पर प्रश्न उठते हैं, तथा 35 परिवारों की घर वापसी (ghar vapsi) इसे व्यापक स्तर पर दर्शाती है।
  3. 3 भविष्य में धर्मांतरण (conversion) पर कानूनी रोक की क्या अपेक्षा है?
    संगठन और बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्लीपर सेल जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए कठोर कानून की मांग की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और धर्मांतरण एजेंटों की सक्रियता रोकी जा सके।

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