PMO के निर्देश पर CBI ने शुरु की जांच, छत्तीसगढ़ DMF घोटाले के आरोपियों में मचा हड़कंप
VINAY VERMA | Dec 07, 2025, 15:00 IST
Photograph: (the sootr)
CBI ने छत्तीसगढ़ के DMF घोटाले की जांच शुरू की है। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की शिकायत पर कार्रवाई की गई। DMF के टेंडरों में अनियमितताएं और रिश्वतखोरी के आरोप लगे हैं।
RAIPUR. छत्तीसगढ़ के चर्चित DMF यानि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन घोटाले की जांच अब CBI करेगी। छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर के प्रधानमंत्री कार्यालय से शिकायत के बाद यह कार्रवाई शुरु हुई है। ननकी राम कंवर ने पीएमओ के अलावा CBI डायरेक्टर को शिकायत की थी। शिकायत के बाद CBI ने डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए है।
इस घोटाले को लेकर ननकीराम कंवर ने सनसनीखेज आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि DMF का पैसा जनता की भलाई के लिए था। लेकिन अधिकारियों ने इसे अपनी पसंद के लोगों को फायदा पहुंचाने में लगा दिया। नियमों को ताक पर रखकर चहेते ठेकेदारों को करोड़ों के काम बांटे गए। बिना तकनीकी मंजूरी के ही कई बड़ी परियोजनाओं को धड़ल्ले से पास कर दिया गया।
कंवर ने आरोप लगाया कि इसमें बड़े पैमाने पर कमीशन का खेल हुआ है। अब CBI ने इन सभी प्रोजेक्ट्स की पूरी प्रोग्रेस रिपोर्ट तलब की है। जांच एजेंसी यह देखेगी कि आखिर पैसा किस काम के लिए निकाला गया था। अगर काम जमीन पर नहीं दिखा, तो कई बड़े नाम इसमें फंस सकते हैं। यह जांच अब राज्य की राजनीति में नया भूचाल लाने वाली है।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ के जशपुर में दर्दनाक हादसा : खड़े ट्रेलर से भिड़ी तेज रफ्तार कार, एक ही गांव के 5 लोगों की मौत
छत्तीसगढ़ की डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्यार धोखा और ब्लैकमेलिंग का आरोप, आशिकी में गए ढाई करोड़ रुपए
CBI के आने से पहले ED ने भी इस मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। ED की शुरुआती जांच में ही घोटाले की परतें खुलने लगी थीं। जांच में पता चला कि टेंडर प्रक्रिया में बहुत बड़ा खेल खेला गया है। ठेकेदारों को अवैध लाभ देने के लिए सिस्टम का पूरा दुरुपयोग किया गया। इसके बदले में अफसरों तक मोटी रिश्वत और कमीशन पहुंचाने की बात सामने आई है।
EOW ने ED की रिपोर्ट के आधार पर पहले ही केस दर्ज कर लिया था। अब तक की कार्रवाई में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
इस घोटाले में सिर्फ सरकारी बाबू ही नहीं, बल्कि कई प्राइवेट खिलाड़ी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को मिले दस्तावेजों में कई ठेकेदारों और बिचौलियों के नाम मिले हैं। ED और EOW की रडार पर जो मुख्य नाम हैं, वे इस प्रकार हैं:
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू, जानें कैसे और कहां सकते हैं आवेदन
छत्तीसगढ़ में नए साल से लागू होगा स्मार्ट-PDS, सिर्फ स्कैन करके किसी भी राशन दुकान से ले सकेंगे अनाज
इस घोटाले का असर छत्तीसगढ़ की राजनीति पर भी पड़ा है। जहां एक ओर ननकीराम कंवर ने इस घोटाले का खुलासा कर सरकार को घेरने की कोशिश की। वहीं दूसरी ओर कई अन्य नेता इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं। हालांकि, CBI की जांच के बाद यह साफ हो जाएगा कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व गृहमंत्री का आरोप: जनता का पैसा, अपनों पर लुटाया
कंवर ने आरोप लगाया कि इसमें बड़े पैमाने पर कमीशन का खेल हुआ है। अब CBI ने इन सभी प्रोजेक्ट्स की पूरी प्रोग्रेस रिपोर्ट तलब की है। जांच एजेंसी यह देखेगी कि आखिर पैसा किस काम के लिए निकाला गया था। अगर काम जमीन पर नहीं दिखा, तो कई बड़े नाम इसमें फंस सकते हैं। यह जांच अब राज्य की राजनीति में नया भूचाल लाने वाली है।
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ के जशपुर में दर्दनाक हादसा : खड़े ट्रेलर से भिड़ी तेज रफ्तार कार, एक ही गांव के 5 लोगों की मौत
छत्तीसगढ़ की डीएसपी कल्पना वर्मा पर प्यार धोखा और ब्लैकमेलिंग का आरोप, आशिकी में गए ढाई करोड़ रुपए
डीएमएफ घोटाले पर पूर्व गृहमंत्री की शिकायत को ऐसे समझें
|
ED की रेड ने खोले राज: नकदी और फर्जी फर्मों का जाल
EOW ने ED की रिपोर्ट के आधार पर पहले ही केस दर्ज कर लिया था। अब तक की कार्रवाई में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
- जांच टीमों को छापों में 76.50 लाख रुपये नकद मिले हैं।
- आठ अलग-अलग बैंक खातों में जमा 35 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं।
- कई फर्जी फर्मों के दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए हैं।
किन नामों पर है शक की सुई?
- संजय शिंदे
- अशोक अग्रवाल
- मुकेश अग्रवाल
- ऋषभ सोनी
- मनोज द्विवेदी
- रवि शर्मा
- पीयूष सोनी और पीयूष साहू
- अब्दुल और शेखर
यह खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ ओपन स्कूल बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू, जानें कैसे और कहां सकते हैं आवेदन
छत्तीसगढ़ में नए साल से लागू होगा स्मार्ट-PDS, सिर्फ स्कैन करके किसी भी राशन दुकान से ले सकेंगे अनाज
DMF घोटाले का असर और राजनीति
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari