नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म्स से छत्तीसगढ़ में किसानों को राहत, ट्रैक्टर से लेकर हार्वेस्टर तक कीमतों में कमी
The Sootr | Mar 24, 2026, 15:26 IST
Impact Feature
छत्तीसगढ़ में 'नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म्स' के लागू होने से कृषि उपकरणों की कीमतों में भारी कमी आई है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य मशीनों पर किसानों को दो लाख रुपए तक की बचत हो रही है।
Raipur. छत्तीसगढ़ में कृषि से जुड़े लाखों किसानों के लिए नेक्स्ट जेन GST रिफॉर्म्स बड़ी राहत लेकर आए हैं। राज्य की करीब 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है और ऐसे में कृषि उपकरणों व इनपुट्स की कीमतों में आई कमी का सीधा फायदा किसानों तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इन सुधारों को अन्नदाताओं के लिए राहत भरा कदम बताया है।
GST ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां 4 स्लैब थे, अब उन्हें घटाकर 2 कर दिया गया है। अब केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब लागू हैं। पहले 28 प्रतिशत टैक्स वाली श्रेणी को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस बदलाव से कृषि उपकरणों और मशीनों की कीमतों में साफ गिरावट आई है, जिससे खेती की लागत कम हो रही है।
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GST में कटौती का सबसे ज्यादा असर ट्रैक्टर और कृषि उपकरणों पर देखने को मिल रहा है। 35 एचपी ट्रैक्टर पर करीब 41 हजार रुपए की बचत हो रही है। 45 एचपी ट्रैक्टर अब 45 हजार रुपए सस्ता हो गया है। 50 एचपी ट्रैक्टर पर 53 हजार रुपए और 75 एचपी ट्रैक्टर पर 63 हजार रुपए तक की बचत हो रही है। छोटे ट्रैक्टर, जो बागवानी और निराई-गुड़ाई में इस्तेमाल होते हैं, उनकी कीमतों में भी कमी आई है। इससे छोटे किसानों को भी राहत मिल रही है।
GST रिफॉर्म्स के बाद कई जरूरी कृषि उपकरणों के दाम घटे हैं। पावर वीडर (7.5 एचपी) अब 5,495 रुपए सस्ता मिल रहा है। सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल (11 टाइन) की कीमत 10,500 रुपए कम हुई है, जबकि 13 टाइन ड्रिल 3,220 रुपए सस्ती हो गई है। हार्वेस्टर कंबाइन पर 4,375 रुपए की बचत हो रही है। 14 फीट कटर बार की कीमत में 1,87,500 रुपए की बड़ी कमी आई है। स्ट्रॉ रीपर 21,875 रुपए, सुपर सीडर 16,875 रुपए और हैप्पी सीडर 10,625 रुपए सस्ते हो गए हैं।
इसके अलावा रोटावेटर (6 फीट) पर 7,812 रुपए, स्क्वायर बेलर पर 93,750 रुपए और मल्चर (8 फीट) पर 11,562 रुपए की बचत हो रही है।
न्यूमैटिक प्लांटर (4 पंक्ति) 32,812 रुपए कम कीमत में मिल रहा है और 400 लीटर क्षमता वाला ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर 9,375 रुपए सस्ता हो गया है। धान रोपण यंत्र और बहुफसली थ्रेसर जैसे उपकरण भी हजारों रुपए सस्ते हुए हैं, जिससे खेती के हर चरण में लागत घट रही है।
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राज्य सरकार ने GST में कमी के लाभ को किसानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया है। अलग-अलग संचार माध्यमों के जरिए किसानों को बताया जा रहा है कि वे इन रियायतों का फायदा कैसे उठा सकते हैं। GST में कमी का असर अब बाजार में साफ दिख रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देवपुरी स्थित एक ट्रैक्टर शोरूम का औचक निरीक्षण किया और वहां किसानों से सीधे बातचीत की।
इस दौरान अभनपुर के बिरोदा निवासी किसान रवि कुमार साहू को नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी गई। रवि साहू ने बताया कि उन्हें नए हार्वेस्टर की खरीदी में करीब 2 लाख रुपए की बचत हुई है। पहले वे सेकेंड हैंड मशीन खरीदने की सोच रहे थे, लेकिन अब नया हार्वेस्टर लेना संभव हो गया है। इसी तरह अभनपुर कोलर के किसान ज्ञानिक राम साहू ने बताया कि उन्हें ट्रैक्टर खरीदने पर करीब 60 हजार रुपए की बचत हुई है।
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ट्रैक्टर शोरूम संचालकों का कहना है कि GST में कटौती के बाद बिक्री में तेजी आई है। ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है और किसान अब नए उपकरण खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं। एक शोरूम संचालक के अनुसार, जो ट्रैक्टर पहले 10.25 लाख रुपए का मिलता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि उपकरण सस्ते होने से खेती की लागत कम होगी और किसानों की आय पर सकारात्मक असर पड़ेगा। मशीनों के उपयोग से काम भी तेज होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू GST 2.0 से आम लोगों के साथ किसानों को भी राहत मिली है। कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी से खेती आसान और सस्ती हो रही है।
उन्होंने कहा कि GST बचत उत्सव के कारण उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका असर दिखाई दे रहा है।
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GST ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां 4 स्लैब थे, अब उन्हें घटाकर 2 कर दिया गया है। अब केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के स्लैब लागू हैं। पहले 28 प्रतिशत टैक्स वाली श्रेणी को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इस बदलाव से कृषि उपकरणों और मशीनों की कीमतों में साफ गिरावट आई है, जिससे खेती की लागत कम हो रही है।
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ट्रैक्टर और मशीनों की कीमतों में गिरावट
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कृषि उपकरणों पर बड़ा फायदा
इसके अलावा रोटावेटर (6 फीट) पर 7,812 रुपए, स्क्वायर बेलर पर 93,750 रुपए और मल्चर (8 फीट) पर 11,562 रुपए की बचत हो रही है।
न्यूमैटिक प्लांटर (4 पंक्ति) 32,812 रुपए कम कीमत में मिल रहा है और 400 लीटर क्षमता वाला ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर 9,375 रुपए सस्ता हो गया है। धान रोपण यंत्र और बहुफसली थ्रेसर जैसे उपकरण भी हजारों रुपए सस्ते हुए हैं, जिससे खेती के हर चरण में लागत घट रही है।
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किसानों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर
इस दौरान अभनपुर के बिरोदा निवासी किसान रवि कुमार साहू को नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी गई। रवि साहू ने बताया कि उन्हें नए हार्वेस्टर की खरीदी में करीब 2 लाख रुपए की बचत हुई है। पहले वे सेकेंड हैंड मशीन खरीदने की सोच रहे थे, लेकिन अब नया हार्वेस्टर लेना संभव हो गया है। इसी तरह अभनपुर कोलर के किसान ज्ञानिक राम साहू ने बताया कि उन्हें ट्रैक्टर खरीदने पर करीब 60 हजार रुपए की बचत हुई है।
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बाजार में बढ़ा उत्साह, बिक्री में इजाफा
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खेती की लागत घटेगी, आय बढ़ने की उम्मीद
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू GST 2.0 से आम लोगों के साथ किसानों को भी राहत मिली है। कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी से खेती आसान और सस्ती हो रही है।
उन्होंने कहा कि GST बचत उत्सव के कारण उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसका असर दिखाई दे रहा है।
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