एम्बुलेंस लापरवाही पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार और रेलवे को मुआवजे का आदेश
Krishna Kumar Sikander | Jul 29, 2025, 17:10 IST
Chhattisgarh High Court strict on ambulance negligence the sootr
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एम्बुलेंस सेवाओं की कथित लापरवाही के कारण हुई दो मौतों के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार और रेलवे दोनों को मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एम्बुलेंस सेवाओं की लापरवाही से हुई दो मौतों के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और रेलवे को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एक गरीब आदिवासी की मौत के लिए राज्य सरकार को 2 लाख रुपये और ट्रेन में कैंसर पीड़िता की मौत के लिए रेलवे को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने एम्बुलेंस के देरी से पहुंचने और शव वाहन के लिए घंटों इंतजार को "संवेदनहीनता की पराकाष्ठा" करार दिया। कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को मृत्यु के बाद सम्मानजनक विदाई का अधिकार है। अगर राज्य सरकार और रेलवे यह भी सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है?
रेलवे ने दावा किया कि कैंसर पीड़िता के परिवार का पता नहीं चल रहा, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार करते हुए सख्त निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि रेलवे को एक महीने के भीतर परिवार को ढूंढकर मुआवजा देना होगा या राशि शासकीय कैंसर अस्पताल में जमा करनी होगी।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के हलफनामे को लापरवाह और गैर-जिम्मेदाराना बताया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाना पर्याप्त नहीं है। राज्य सरकार और रेलवे दोनों को अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी लेनी होगी।
कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त 2025 की तारीख तय की है। इस फैसले से न केवल लापरवाही पर सवाल उठे हैं, बल्कि आम लोगों के लिए बेहतर सेवाओं की उम्मीद भी जगी है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट एम्बुलेंस मुआवजा | राज्य सरकार मुआवजा | रेलवे मुआवजा मौत | एम्बुलेंस लापरवाही मौत | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट फैसला
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
रेलवे की दलील खारिज
राज्य सरकार के हलफनामे पर सवाल
अगली सुनवाई 28 अगस्त को
FAQ
- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एम्बुलेंस लापरवाही के मामले में किसे मुआवजा देने का आदेश दिया है और कितनी राशि?
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक गरीब आदिवासी की मौत के लिए 2 लाख रुपये और रेलवे को ट्रेन में कैंसर पीड़िता की मौत के लिए 1 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। - कोर्ट ने एम्बुलेंस और शव वाहन सेवा में देरी पर क्या टिप्पणी की?
कोर्ट ने इसे "संवेदनहीनता की पराकाष्ठा" करार दिया और कहा कि हर व्यक्ति को मृत्यु के बाद सम्मानजनक विदाई का अधिकार है। - रेलवे की कौन-सी दलील कोर्ट ने खारिज कर दी, और उसे क्या निर्देश दिए गए?
रेलवे ने कहा कि मृतक कैंसर पीड़िता के परिवार का पता नहीं चल रहा, लेकिन कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी और निर्देश दिया कि रेलवे एक महीने में परिवार को ढूंढे या मुआवजा राशि शासकीय कैंसर अस्पताल में जमा करे।
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट एम्बुलेंस मुआवजा | राज्य सरकार मुआवजा | रेलवे मुआवजा मौत | एम्बुलेंस लापरवाही मौत | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट फैसला
जयपुर में EPFO का प्रवर्तन अधिकारी एक लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ पकड़ा
By Jyoti Mahender Bhardwaj
अजमेर निगम कमिश्नर को कांग्रेस ने दिया लीगल नोटिस, विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग
By Jyoti Mahender Bhardwaj
भरतपुर नगर निगम में फर्जी पट्टों का खेल! 15 निरस्त, 25 को नोटिस; जेईएन पर भी कार्रवाई
By Ashish Bhardwaj
पेंशनर्स के लिए काम की खबर: सिर्फ इतने रुपए में घर बैठे बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, बैंकों में लाइन लगाने से मुक्ति!
By Umeshwari Baghel
कलेक्टर की कुर्सी पर कुर्की का खतरा! कोर्ट का वारंट लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे वकील, अधिकारियों में मची हलचल
By Neel Tiwari
राजस्थान में सर्दी बढ़ने के साथ हवा जहरीली, भिवाड़ी का AQI 281; सीकर-फतेहपुर में माउंट आबू जैसी ठंड
By Jyoti Mahender Bhardwaj
MP में भर्ती निकली, मेरिट बनी, चॉइस फिलिंग भी हुई, लेकिन जॉइनिंग का इंतजार खत्म नहीं! 770 अभ्यर्थियों की नियुक्ति कब?
By Atul Dwivedi