बेटे के जन्मदिन पर जेल से छूटे चैतन्य बघेल, कांग्रेस ने मनाया जश्न
Harrison Masih | Jan 03, 2026, 16:44 IST
chaitanya baghel released
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। 170 दिन बाद उनकी रायपुर सेंट्रल जेल से रिहाई हुई। समर्थकों ने जश्न मनाया।
Raipur. छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चैतन्य बघेल करीब 170 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हो गए।
जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा है। चैतन्य के स्वागत में ढोल-नगाड़े बजे, पटाखे फोड़े गए और समर्थकों ने नारेबाजी की।
चैतन्य बघेल की रिहाई से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- “18 जुलाई को मेरे बेटे को उसके जन्मदिन पर गिरफ्तार किया गया था। आज मेरे पोते के जन्मदिन पर उसकी रिहाई हो रही है।”
भूपेश बघेल खुद बेटे को लेने रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। बेटे को जमानत मिलने पर उन्होंने कहा— “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। आज सत्य की जीत हुई है।”
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने पेश की 29,800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट, सौम्या-चैतन्य समेत 81 आरोपी
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की चार्जशीट में तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर का नाम, निलंबन तय, 31 अफसरों के खाते सीज
देखें वीडियो-
चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो / आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ACB/EOW) द्वारा दर्ज मामलों में जमानत मिली है। ED ने जुलाई 2024 में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद सितंबर 2024 में ACB ने भ्रष्टाचार के मामले में उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया, जब वे पहले से जेल में बंद थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच अंजाम दिया गया। इससे राज्य सरकार के खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
ED के आरोप
चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक (Key Beneficiary) थे। उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला
ACB का दावा
चैतन्य बघेल को घोटाले से 200 से 250 करोड़ रुपए का हिस्सा मिला। पूरे शराब घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच ED कर रही है। ED ने इस मामले में ACB में FIR दर्ज कराई, जिसमें 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले, राजनेता, आबकारी विभाग के अधिकारी और कारोबारी के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है।
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व IAS निरंजन दास ने कमाए 16 करोड़, सरकार को हुआ 530 करोड़ का नुकसान
CG liquor scam: अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत,मां की तबीयत खराब,4 दिन रहेंगे परिवार के साथ
ED की जांच में सामने आया है कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में, IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के कथित सिंडिकेट के जरिए शराब की खरीद-बिक्री,. डिस्ट्रीब्यूशन, और कमीशन सिस्टम के माध्यम से घोटाले को अंजाम दिया गया।
चैतन्य बघेल की रिहाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। समर्थकों ने पटाखे फोड़कर खुशी जताई। जेल के बाहर देर तक जश्न का माहौल रहा।
हालांकि जमानत मिलने के बावजूद ED और ACB/EOW की जांच अब भी जारी है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। आगे ट्रायल के दौरान कई बड़े नामों की भूमिका पर फैसला होना है।
जेल के बाहर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा है। चैतन्य के स्वागत में ढोल-नगाड़े बजे, पटाखे फोड़े गए और समर्थकों ने नारेबाजी की।
बेटे की रिहाई पर भावुक हुए भूपेश बघेल
भूपेश बघेल खुद बेटे को लेने रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे। बेटे को जमानत मिलने पर उन्होंने कहा— “सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। आज सत्य की जीत हुई है।”
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED ने पेश की 29,800 पन्नों की फाइनल चार्जशीट, सौम्या-चैतन्य समेत 81 आरोपी
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: ED की चार्जशीट में तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर का नाम, निलंबन तय, 31 अफसरों के खाते सीज
देखें वीडियो-
किन मामलों में मिली जमानत
जांच एजेंसियों के गंभीर आरोप
ED के आरोप
चैतन्य बघेल इस पूरे शराब सिंडिकेट के संरक्षक (Key Beneficiary) थे। उन्होंने करीब 1,000 करोड़ रुपए का लेन-देन व्यक्तिगत रूप से संभाला
ACB का दावा
चैतन्य बघेल को घोटाले से 200 से 250 करोड़ रुपए का हिस्सा मिला। पूरे शराब घोटाले की रकम 3,200 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है।
ED की FIR में 3,200 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का दावा
ये खबर भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: पूर्व IAS निरंजन दास ने कमाए 16 करोड़, सरकार को हुआ 530 करोड़ का नुकसान
CG liquor scam: अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत,मां की तबीयत खराब,4 दिन रहेंगे परिवार के साथ
कैसे हुआ शराब घोटाला
कांग्रेस में जश्न का माहौल
अभी खत्म नहीं हुई कानूनी लड़ाई
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari