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NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में लाखों क्विंटल धान गायब होने का मामला राजनीतिक तूल पकड़ चुका है।
- कवर्धा जिले से 26 हजार क्विंटल धान गायब होने को अधिकारियों ने “चूहों द्वारा खाने” का दावा किया।
- जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इस दावे के खिलाफ ‘वांटेड चूहा’ अभियान शुरू किया।
- जोगी कांग्रेस का आरोप है कि करीब 30 करोड़ रुपए के धान का गबन किया गया है।
- प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी धान केंद्र पहुंचकर प्रतीकात्मक कार्रवाई करने वाले हैं।
NEWS IN DETAIL
धान गायब, राजनीति गरमाई
छत्तीसगढ़ के चूहे अब सियासी चूहे हो गए हैं। सवाल यह है कि ये 4 पैर वाले चूहे हैं या फिर दो पैर वाले चूहे। भूपेश बघेल कहते हैं कि ये चूहे गुजरात और नागपुर के हैं। अमित जोगी वांटेड चूहों की तलाश में कवर्धा जाने वाले हैं। सियासत के इतर चूहों पर अब पोस्टर लगने लगे हैं। इस पोस्टर में मुसवा मैन की तलाश है। यानी जो चूहों की आड़ में धान खा गए वो वांटेड हैं।
‘चूहों ने खा लिया धान’ पर सवाल
कवर्धा जिले के धान संग्रहण केंद्रों से करीब 26 हजार क्विंटल धान गायब होने की बात सामने आई है। प्रशासनिक स्तर पर यह तर्क दिया गया कि धान को चूहों ने खा लिया। इसी तरह महासमुंद, जशपुर और बस्तर जिलों में भी धान के नुकसान के लिए चूहों को जिम्मेदार बताया गया है। इन सभी मामलों में धान की अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
जोगी कांग्रेस का ‘वांटेड चूहा’ अभियान
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने इस दावे के खिलाफ अनोखा विरोध शुरू किया है। पार्टी कार्यकर्ता जिलों में ‘वांटेड चूहा’ लिखे पोस्टर लगा रहे हैं और प्रतीकात्मक रूप से चूहों की तलाश का अभियान चला रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह भ्रष्टाचार को छुपाने का हास्यास्पद तरीका है।
*करोड़ों का धान खा गए चूहे!* अब छत्तीसगढ़ के इस जिले में शुरू हुई ‘वांटेड चूहों’ की तलाश, जगह-जगह लगे पोस्टरhttps://t.co/aBoDoJsMzIpic.twitter.com/tr9vzg3dGn
— 𝐀𝐦𝐢𝐭 𝐀𝐣𝐢𝐭 𝐉𝐨𝐠𝐢 (@AmitJogi) January 14, 2026
7 करोड़ का धान गायब ! जवाब से संतुष्ट नहीं सरकार थमा दिया निलंबन ऑर्डर | CG NEWS
जिला अध्यक्ष का तीखा बयान
जोगी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुनील केसरवानी ने कहा कि कबीरधाम जिले में ही 7 से 8 करोड़ रुपए मूल्य का धान गायब हुआ है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर इतना बड़ा नुकसान अधिकारियों को छोटा लगता है और वे इसे चूहों का काम बता रहे हैं, तो पार्टी उन चूहों की तलाश करेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि ये चूहे चार पैर वाले हैं या दो पैर वाले।
अमित जोगी करेंगे मौके पर प्रदर्शन
पार्टी ने ऐलान किया है कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी स्वयं कवर्धा पहुंचेंगे। वे धान संग्रहण केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और प्रतीकात्मक रूप से जाल लेकर “चूहा पकड़ो अभियान” चलाएंगे। जोगी कांग्रेस का कहना है कि कलेक्टर के सामने पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
Sootr Knowledge
- धान खरीदी केंद्रों पर भंडारण और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है।
- भंडारण में नुकसान होने पर वैज्ञानिक और भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
- चूहों से नुकसान सीमित मात्रा में होता है, हजारों क्विंटल असामान्य है।
- धान खरीदी में गड़बड़ी पहले भी छत्तीसगढ़ में विवाद का विषय रही है।
- राजनीतिक दल ऐसे मामलों में प्रतीकात्मक विरोध के जरिए दबाव बनाते हैं।
Sootr Alert
- यदि धान नुकसान की वास्तविक जांच नहीं हुई तो मामला बड़े घोटाले में बदल सकता है।
- किसानों के भुगतान और खाद्य सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
IMP FACTS
- कवर्धा में गायब धान: करीब 26,000 क्विंटल
- अनुमानित नुकसान: लगभग 30 करोड़ रुपए
- प्रभावित जिले: कवर्धा, महासमुंद, जशपुर, बस्तर
- विरोध करने वाली पार्टी: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)
आगे क्या
- विपक्षी दलों द्वारा प्रशासनिक जांच और FIR की मांग तेज होगी।
- प्रदेश स्तर पर धान भंडारण की ऑडिट प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं।
- सरकार की ओर से स्पष्टीकरण या जांच कमेटी बन सकती है।
निष्कर्ष
धान के हजारों क्विंटल गायब होने और उसके लिए “चूहों” को जिम्मेदार ठहराने का मामला अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक और सार्वजनिक विश्वास का सवाल बन गया है। जोगी कांग्रेस का प्रतीकात्मक ‘वांटेड चूहा’ अभियान इस विवाद को और धार दे रहा है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस गंभीर आरोपों पर क्या ठोस जवाब देते हैं।
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