बलौदाबाजार में पटवारी हड़ताल को तहसीलदारों का समर्थन, संघ बोला मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल
Umeshwari Baghel | Oct 26, 2026, 19:59 IST
राजस्व पटवारी संघ का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में आज सोमवार को पटवारियों के धरने को नया समर्थन मिला। राज्य कनिष्ठ प्रशासनिक संघ के तहसीलदारों ने पटवारियों की मांगों को जायज ठहराया। राजस्व पटवारी संघ 13 अक्टूबर से प्रांतव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। संघ पीवी एप का विरोध कर रहा है। साथ ही वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग भी रखी गई है।
यह समर्थन तब आया, जब पटवारी हड़ताल को करीब दो हफ्ते हो चुके हैं। संघ साफ कर चुका है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन नहीं रुकेगा।
प्रांताध्यक्ष पेखन टोण्डे अपने साथियों के साथ बलौदाबाजार के दशहरा मैदान पहुंचे। वहां पटवारी संघ का धरना चल रहा था। टोण्डे ने धरनास्थल पर पटवारियों को समर्थन दिया।
राज्य कनिष्ठ प्रशासनिक संघ तहसीलदारों से जुड़ा संगठन है। टोण्डे इसके प्रांताध्यक्ष (राज्य स्तर के अध्यक्ष) हैं। पटवारी और तहसीलदार, दोनों राजस्व विभाग से जुड़े हैं।
पटवारी संघ के संरक्षक कृष्ण कुमार मिरी ने भी समर्थन का जिक्र किया। तहसीलदारों के समर्थन की खबर आज 26 अक्टूबर 2026 को सामने आई।
पेखन टोण्डे, प्रांताध्यक्ष, राज्य कनिष्ठ प्रशासनिक संघ ने कहा आपकी मांगें जायज हैं और शासन को तत्काल आपकी मांगों को पूरा करना चाहिए। आपकी मांगों को पूरा करना बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है। शासन इन्हें तत्काल पूरा कर सकता है। आपकी जो वेतन विसंगति है, उसे तत्काल दूर किया जा सकता है। आपकी पदोन्नति की जा सकती है।
टोण्डे के मुताबिक शासन राय मांगे, तो संघ तत्काल समर्थन देगा। गिरदावरी राजस्व विभाग का काम है। टोण्डे के मुताबिक संघ इसे पूरी ईमानदारी से करता है।
पीवी एप पर दोनों संघों के सुर करीब एक जैसे हैं। टोण्डे ने कहा कि पीवी एप में बहुत कुछ सुधार हुआ है। मिरी ने भी माना कि काफी हद तक सुधार हुआ है। सुधार की बात दोनों ने कही। फिर भी हड़ताल अब भी चल रही है।
संघ की मांगें तीन हैं। पीवी एप का विरोध, वेतन विसंगति और पदोन्नति।
वेतन विसंगति एक पुरानी मांग है। पदोन्नति भी वर्षों से लंबित है।
टोण्डे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को काफी संवेदनशील बताया। उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री तत्काल संज्ञान लेकर मांगें पूरी करेंगे। टोण्डे ने कहा यह आंदोलन पटवारियों का नहीं, किसानों का है।
प्रांतव्यापी यानी पूरे प्रदेश में फैली। बलौदाबाजार का धरना इसी हड़ताल का हिस्सा है। 13 अक्टूबर से चल रही पटवारी हड़ताल को सोमवार को नया साथ मिला। छत्तीसगढ़ पटवारी आंदोलन के साथ अब राज्य के तहसीलदारों का संघ खड़ा है।
पीवी एप में काफी हद तक सुधार हुआ है, पर इसके अतिरिक्त हमारी वर्षों से लंबित मांगें हैं, जिनमें वेतन विसंगति और पदोन्नति शामिल हैं। जब तक ये पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। आज हमारे कनिष्ठ प्रशासनिक संघ ने हमारी मांगों का समर्थन दिया है।– कृष्ण कुमार मिरी, संरक्षक, पटवारी संघ
मिरी के मुताबिक वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांगें वर्षों से लंबित हैं। सोचिए एक बार। वर्षों का इंतजार अब हड़ताल के दो हफ्तों में बदल चुका है। तहसीलदारों के संघ ने पटवारियों की मांगों को सही बताया। उसके मुताबिक वेतन विसंगति दूर और पदोन्नति तत्काल हो सकती है।
तहसीलदारों ने सरकार से मांगें तत्काल पूरी करने को कहा है। टोण्डे के मुताबिक यह बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है। छत्तीसगढ़ पटवारी हड़ताल पर अब सरकार के फैसले का इंतजार है।
पटवारी राजस्व विभाग में गांव और किसान से सीधे जुड़े कर्मचारी हैं। टोण्डे ने भी इस आंदोलन को किसानों से जोड़ा है। इसलिए हड़ताल लंबी खिंचने पर सबकी नजर सरकार के फैसले पर रहेगी। कर्मचारी संगठन बनाकर मांगें रखना लोकतांत्रिक अधिकार है। संविधान का अनुच्छेद 19(1)(c) संगठन बनाने का अधिकार देता है। सरकार के सामने तीन साफ मांगें हैं। पीवी एप, वेतन विसंगति और पदोन्नति। लोकतंत्र में संवाद से हल निकलना सबके हित में है।
FAQ:
सवाल: पटवारियों की हड़ताल कब से चल रही है?
जवाब: पटवारियों की प्रांतव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल 13 अक्टूबर से चल रही है। यह राजस्व पटवारी संघ की ओर से हो रही है। संघ पीवी एप के विरोध के साथ वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग उठा रहा है।
सवाल: पटवारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
जवाब: वेतन विसंगति दूर करना और पदोन्नति मुख्य मांगें हैं। संघ पीवी एप का भी विरोध कर रहा है। मिरी के मुताबिक ये मांगें वर्षों से लंबित हैं।
सवाल: तहसीलदारों ने हड़ताल का समर्थन कब और कहां किया?
जवाब: तहसीलदारों ने आज सोमवार को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में समर्थन दिया। प्रांताध्यक्ष पेखन टोण्डे साथियों के साथ धरनास्थल पहुंचे।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्व पटवारी संघ 13 अक्टूबर से प्रांतव्यापी हड़ताल पर है।
- यह अनिश्चितकालीन हड़ताल है और मांगें पूरी होने तक चलेगी।
- राजस्व पटवारी संघ पीवी एप का विरोध कर रहा है।
- संघ की वेतन विसंगति और पदोन्नति से जुड़ी मांगें भी हैं।
- सोमवार को राज्य कनिष्ठ प्रशासनिक संघ के तहसीलदारों ने इसे समर्थन दिया।
बलौदाबाजार धरनास्थल पर क्या हुआ
राज्य कनिष्ठ प्रशासनिक संघ तहसीलदारों से जुड़ा संगठन है। टोण्डे इसके प्रांताध्यक्ष (राज्य स्तर के अध्यक्ष) हैं। पटवारी और तहसीलदार, दोनों राजस्व विभाग से जुड़े हैं।
तहसीलदार अब पटवारियों के साथ खड़े हैं।
मांगें जायज, तत्काल पूरी करे सरकार
टोण्डे के मुताबिक शासन राय मांगे, तो संघ तत्काल समर्थन देगा। गिरदावरी राजस्व विभाग का काम है। टोण्डे के मुताबिक संघ इसे पूरी ईमानदारी से करता है।
पीवी एप पर दोनों संघों का सुर
वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग
वेतन विसंगति एक पुरानी मांग है। पदोन्नति भी वर्षों से लंबित है।
मुख्यमंत्री साय से संज्ञान की उम्मीद
छत्तीसगढ़ पटवारी हड़ताल कब तक?
पटवारी संघ का रुख: हड़ताल रहेगी जारी
मिरी के मुताबिक वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांगें वर्षों से लंबित हैं। सोचिए एक बार। वर्षों का इंतजार अब हड़ताल के दो हफ्तों में बदल चुका है। तहसीलदारों के संघ ने पटवारियों की मांगों को सही बताया। उसके मुताबिक वेतन विसंगति दूर और पदोन्नति तत्काल हो सकती है।
तहसीलदारों ने सरकार से मांगें तत्काल पूरी करने को कहा है। टोण्डे के मुताबिक यह बहुत बड़ा मुद्दा नहीं है। छत्तीसगढ़ पटवारी हड़ताल पर अब सरकार के फैसले का इंतजार है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ:
सवाल: पटवारियों की हड़ताल कब से चल रही है?
जवाब: पटवारियों की प्रांतव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल 13 अक्टूबर से चल रही है। यह राजस्व पटवारी संघ की ओर से हो रही है। संघ पीवी एप के विरोध के साथ वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांग उठा रहा है।
सवाल: पटवारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
जवाब: वेतन विसंगति दूर करना और पदोन्नति मुख्य मांगें हैं। संघ पीवी एप का भी विरोध कर रहा है। मिरी के मुताबिक ये मांगें वर्षों से लंबित हैं।
सवाल: तहसीलदारों ने हड़ताल का समर्थन कब और कहां किया?
जवाब: तहसीलदारों ने आज सोमवार को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में समर्थन दिया। प्रांताध्यक्ष पेखन टोण्डे साथियों के साथ धरनास्थल पहुंचे।
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