छत्तीसगढ़ में सियासत से प्रशासन तक महिलाओं की धाक, विधानसभा से चयन परीक्षाओं तक नारी शक्ति की साख
Arun Tiwari | Mar 08, 2026, 10:00 IST
chhattisgarh women empowerment politics administration success
छत्तीसगढ़ में राजनीति से लेकर प्रशासन तक महिलाओं का दबदबा बढ़ा है। विधानसभा में 19 महिला विधायकों और स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण के साथ नारी शक्ति राज्य के विकास की नई पटकथा लिख रही है।
Raipur. छत्तीसगढ़ में विमन पावर ने अपनी धाक जमाई है। सियासत हो या प्रशासन की रपटीली राहें, हर जगह महिलाओं ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हम आपको बताते हैं कि छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति की साख किस तरह बढ़ रही है।
राज्य की विधानसभा में महिलाओं का दबदबा बढ़ रहा है। 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं। इनमें से 11 कांग्रेस की तो 8 बीजेपी की विधायक हैं।
हाल ही में राज्यसभा के लिए बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा, तो कांग्रेस ने फूलोदेवी नेताम को उम्मीदवार बनाया है। प्रशासन में भी महिलाओं का दखल है। खासतौर पर चयन परीक्षाओं के शीर्ष पदों पर नारी शक्ति अपनी साख बढ़ा रही है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। पंचायतों और नगरीय निकायों से लेकर विधानसभा तक अब महिलाएं अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
वर्तमान विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या बढ़कर लगभग 21 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में इस समय 19 महिला विधायक हैं। इससे पहले यह संख्या कम थी, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में महिलाओं को अधिक अवसर मिलने के कारण राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ा है।
राजनीतिक दल भी अब महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकायों में पहले से ही महिलाओं को 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है।
इसके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं स्थानीय स्तर की राजनीति में सक्रिय हुई हैं। राज्य में प्रशासनिक और न्यायिक सेवाओं में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कई महिलाएं महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं से लेकर चयन परीक्षाओं तक कई अहम संस्थाओं की जिम्मेदारी महिला अधिकारियों के हवाले है।
सरकार का मानना है कि इससे परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और भरोसा बढ़ेगा। राज्य में युवाओं के भविष्य और करियर से जुड़ी प्रमुख परीक्षा एजेंसियों की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथों में है।
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राज्य की विधानसभा में महिलाओं का दबदबा बढ़ रहा है। 90 सदस्यों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में 19 महिला विधायक हैं। इनमें से 11 कांग्रेस की तो 8 बीजेपी की विधायक हैं।
हाल ही में राज्यसभा के लिए बीजेपी ने लक्ष्मी वर्मा, तो कांग्रेस ने फूलोदेवी नेताम को उम्मीदवार बनाया है। प्रशासन में भी महिलाओं का दखल है। खासतौर पर चयन परीक्षाओं के शीर्ष पदों पर नारी शक्ति अपनी साख बढ़ा रही है।
महिलाएं बनी सियासत की शक्ति
वर्तमान विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या बढ़कर लगभग 21 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में इस समय 19 महिला विधायक हैं। इससे पहले यह संख्या कम थी, लेकिन पिछले कुछ चुनावों में महिलाओं को अधिक अवसर मिलने के कारण राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ा है।
राजनीतिक दल भी अब महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पंचायत और नगरीय निकायों में पहले से ही महिलाओं को 50 प्रतिशत तक आरक्षण दिया गया है।
इसके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं स्थानीय स्तर की राजनीति में सक्रिय हुई हैं। राज्य में प्रशासनिक और न्यायिक सेवाओं में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कई महिलाएं महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
बीजेपी की महिला विधायक
- रेणुका सिंह
- लक्ष्मी राजवाड़े
- भावना बोहरा
- शकुंतला सिंह पोर्ते
- उद्धेश्वरी पैकरा
- रायमुनि भगत
- गोमती साय
- लता उसेंडी
कांग्रेस की महिला विधायक
- विद्यावती सिदार
- उत्तरी जांगड़े
- शेषराज हरवंस
- चातुरी नंद
- कविता प्राणलहरे
- अंबिका मरकाम
- संगीता सिन्हा
- अनिला भेड़िया
- यशोदा वर्मा
- हर्षिता स्वामी बघेल
- सावित्री मनोज मंडावी
राज्यसभा की उम्मीदवार
- बीजेपी: लक्ष्मी वर्मा
- कांग्रेस: फूलोदेवी नेताम
चयन परीक्षाओं में महिला साख
सरकार का मानना है कि इससे परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और भरोसा बढ़ेगा। राज्य में युवाओं के भविष्य और करियर से जुड़ी प्रमुख परीक्षा एजेंसियों की कमान अब महिला अधिकारियों के हाथों में है।
सीजीपीएससी (CGPSC)
- अध्यक्ष: रीता शांडिल्य
- सचिव: रीना जामिल
- परीक्षा नियंत्रक: लीना कोसम
व्यापमं (VYAPAM)
- अध्यक्ष: रेणु पिल्लै
- संयुक्त परीक्षा नियंत्रक: ज्योति सिंह
माध्यमिक शिक्षा मंडल
- अध्यक्ष: रेणु पिल्लै
- सचिव: पुष्पा साहू
- उपसचिव: मोनिका सिन्हा
राज्य ओपन स्कूल बोर्ड
- अध्यक्ष: रेणु पिल्लै
- सचिव: पुष्पा साहू
- उपसचिव: नवनीता सिंह
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