साधारण परिवार से अफसरी तक का सफर है आईएएस प्रकाश सर्वे का
Anjali Dwivedi | Mar 07, 2026, 15:28 IST
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प्रकाश सर्वे की यात्रा एक साधारण पृष्ठभूमि से आईएएस अधिकारी बनने तक संघर्ष, मेहनत और समर्पण की प्रेरणा देती है, जो युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करती है।
छत्तीसगढ़ के युवा प्रशासनिक अधिकारियों में आईएएस प्रकाश सर्वे का नाम तेजी से उभरा है। मेहनत, स्पष्ट सोच और जमीनी स्तर पर काम करने की शैली ने उन्हें राज्य के प्रशासनिक तंत्र में एक अलग पहचान दी है।
उनकी कहानी सिर्फ एक अफसर बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष, धैर्य और समर्पण की कहानी है जो एक साधारण छात्र को देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंचाती है। उनका सफर उनके जीवन, शिक्षा, संघर्ष और प्रशासनिक दक्षता को विस्तार से प्रस्तुत करता है।
प्रकाश सर्वे का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिताजी पटवारी थे। तहसीलदार और बड़े अफसरों के साथ उनके पिताजी का आना-जाना था। इन अफसरों को देखकर वे भी प्रेरित हुए और अफसर बनने की ठान ली। सामाजिक समस्याओं को लेकर प्रकाश अक्सर विचलित हो जाते हैं। यही कारण है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही यह तय कर लिया कि उन्हें सरकारी सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना है।
परिवार में शिक्षा को महत्व दिया जाता था और इसी वातावरण ने उनके भीतर पढ़ाई के प्रति गंभीरता पैदा की। बचपन से ही वे अनुशासित और मेहनती छात्र रहे। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने यह समझ लिया था कि अगर जीवन में बड़ा लक्ष्य हासिल करना है तो लगातार मेहनत करनी होगी।
आईएएस प्रकाश सर्वे ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं के सरकारी स्कूल से पूरी की। पढ़ाई के दौरान वे हमेशा मेधावी छात्रों में गिने जाते थे। कॉलेज तक आते-आते उनका लक्ष्य पूरी तरह स्पष्ट हो चुका था। उन्होंने सीजीपीएससी परीक्षा पास करके आईएएस बनने का लक्ष्य बनाया।
प्रकाश सर्वे ने पूरी लगन से तैयारी शुरू की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार प्रयास और मजबूत आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने आखिरकार सफलता हासिल की।
CGPSC पास होने के बाद उन्होंने 2008 में सर्विस जॉइन की। अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ते चले गए। आखिरकार 2019 में उन्हें आईएएस अवार्ड हुआ। छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य है जहां प्रशासनिक चुनौतियां भी हैं और विकास की अपार संभावनाएं भी हैं। ऐसे राज्य में काम करना किसी भी युवा अधिकारी के लिए एक बड़ा अवसर माना जाता है। प्रकाश ने
प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और जनसेवा के कई पहलुओं को करीब से समझा।
शुरुआती दौर में उन्होंने कई जिलों और विभागों में काम करते हुए प्रशासनिक अनुभव हासिल किया। उनकी कार्यशैली की खासियत यह रही कि वे हमेशा जमीनी स्तर पर जाकर समस्याओं को समझने की कोशिश करते हैं। वे मानते हैं कि किसी भी योजना की सफलता तभी संभव है जब प्रशासन जनता से सीधा संवाद बनाए रखे।
प्रशासनिक फेरबदल के बाद उन्हें कुछ समय पहले ही बिलासपुर में नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह पद किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, जल प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी इसी पद पर होती है। बिलासपुर छत्तीसगढ़ का रायपुर के बाद दूसरा बड़ा शहर भी है।
नगर निगम में काम करते हुए उन्होंने शहरी विकास से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। शहर की सफाई व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर काम किया।
प्रकाश सर्वे की कार्यशैली को तीन प्रमुख विशेषताओं से समझा जा सकता है…
1. जमीनी दृष्टिकोण- वे दफ्तर में बैठकर निर्णय लेने के बजाय फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति को समझना पसंद करते हैं।
2. पारदर्शिता और जवाबदेही- वे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता को बहुत महत्व देते हैं और चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।
3. टीमवर्क- उनका मानना है कि प्रशासनिक सफलता अकेले संभव नहीं होती। इसके लिए पूरी टीम का सहयोग जरूरी होता है।
प्रकाश सर्वे की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कठिन से कठिन मंजिल भी हासिल की जा सकती है। युवाओं को प्रकाश सरवे का सफर यह संदेश देता है कि धैर्य और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है।
प्रकाश सर्वे का मानना है कि प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। एक आईएएस अधिकारी का काम केवल सरकारी आदेशों को लागू करना नहीं होता, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होता है। वे विकास योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देने के पक्षधर हैं।
आईएएस प्रकाश सर्वे की जीवन यात्रा संघर्ष, मेहनत और समर्पण की कहानी है। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आज वे छत्तीसगढ़ प्रशासन में एक सक्रिय और जिम्मेदार अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं और राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
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उनकी कहानी सिर्फ एक अफसर बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष, धैर्य और समर्पण की कहानी है जो एक साधारण छात्र को देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंचाती है। उनका सफर उनके जीवन, शिक्षा, संघर्ष और प्रशासनिक दक्षता को विस्तार से प्रस्तुत करता है।
साधारण पृष्ठभूमि
बड़ा लक्ष्य रखा सामने
CGPSC की तैयारी
प्रकाश सर्वे ने पूरी लगन से तैयारी शुरू की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार प्रयास और मजबूत आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने आखिरकार सफलता हासिल की।
सपना हुआ साकार
प्रशासनिक व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं और जनसेवा के कई पहलुओं को करीब से समझा।
- जन्म: साधारण परिवार (पिता पटवारी थे)।
- करियर शुरुआत: 2008 में राज्य सेवा से प्रशासनिक सफर शुरू।
IAS अवार्ड: साल 2025 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में।- वर्तमान पद: आयुक्त, नगर निगम बिलासपुर।
- कार्यशैली: जमीनी दृष्टिकोण, पारदर्शिता और टीमवर्क।
प्रशासनिक करियर की शुरुआत
बिलासपुर नगर निगम में जिम्मेदारी
नगर निगम में काम करते हुए उन्होंने शहरी विकास से जुड़ी कई योजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। शहर की सफाई व्यवस्था, बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर काम किया।
कैरियर पाथ
- डिप्टी कलेक्टर नारायणपुर 2008 से 2013 तक
- एसडीएम भानुप्रतापुर 2013 से 2015
- एसडीएम रायगड़ 2015 से 2017
- एडीएम जगदलपुर 2017 -2019
- जिला पंचायत सीईओ बेमेतरा 2019- 2020
- निगम आयुक्त वैशाली नगर, भिलाई और दुर्ग 2021-2023
- जिला पंचायत सीईओ जगदलपुर 2023-2025
- एडीएम सारंगढ़ 2025-2026
- निगम आयुक्त बिलासपुर जनवरी 2026
प्रशासनिक कार्यशैली
1. जमीनी दृष्टिकोण- वे दफ्तर में बैठकर निर्णय लेने के बजाय फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति को समझना पसंद करते हैं।
2. पारदर्शिता और जवाबदेही- वे प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता को बहुत महत्व देते हैं और चाहते हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।
3. टीमवर्क- उनका मानना है कि प्रशासनिक सफलता अकेले संभव नहीं होती। इसके लिए पूरी टीम का सहयोग जरूरी होता है।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
समाज और प्रशासन के प्रति दृष्टिकोण
संघर्ष और समर्पण की कहानी
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