मातृशक्ति की जिंदगी में बदलाव की वो शुरुआत, जिसने छत्तीसगढ़ की सामाजिक तस्वीर बदल दी
The Sootr | May 29, 2025, 18:33 IST
Photograph: (the sootr)
छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना ने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मार्च 2024 में योजना शुरू की। 70 लाख महिलाओं को हर माह 1000 रुपए मिल रहे हैं।
RAIPUR. यदि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर प्रभावी ढंग से हो तो तस्वीर बदलने में देर नहीं लगती। ऐसी ही योजना है छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना...। इस स्कीम ने लाखों महिलाओं के जीवन को नई दिशा दी है, उम्मीद दी है और आत्मनिर्भरता का वो रास्ता दिखाया है जिससे नए छत्तीसगढ़ की बुनियाद रखी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरुआत कर पहली किस्त ट्रांसफर की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह योजना जन-जन तक पहुंची। आज की तारीख़ में यह योजना करीब 70 लाख महिलाओं तक पहुंच चुकी है।
हर पात्र महिला के खाते में प्रतिमाह 1000 रुपए की राशि ट्रांसफर की जा रही है। अब तक 15 महीने में महिलाओं के खाते में 15-15 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर हो चुकी है।
![38212595-672]()
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रहने वाली महिलाएं जो पहले सामाजिक और आर्थिक सीमाओं के चलते आत्मनिर्भरता की कल्पना भी नहीं कर पाती थीं, आज उसी योजना के जरिए अपने परिवार, बच्चों और भविष्य के लिए फैसले खुद ले रही हैं।
सुकमा जिले की ग्राम फुलबगड़ी की अनिता माड़वी अब हर महीने मिलने वाली सहायता राशि को अपनी बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। अनिता का कहना है, पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ पा रही हूं। यह योजना मेरे लिए सिर्फ पैसा नहीं, उम्मीद की पूंजी है।
डौंडी विकासखंड की मंजूलता और सविता टेकाम की कहानियां बताती हैं कि कैसे एक-एक हजार रुपए की राशि किसी परिवार की आर्थिक धुरी बन सकती है। मंजूलता का बेटा सरकारी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। पहले पढ़ाई में रुकावटें थीं, अब नियमित पैसा आने से पढ़ाई का सिलसिला सहजता से चल रहा है। सविता टेकाम का परिवार मजदूरी पर निर्भर है। वे बताती हैं कि योजना की यह राशि बच्चों की पढ़ाई का संबल बन गई है।
![d5ef2610-c8e]()
सिरपुर की केंवरा कमार पहले बांस शिल्प पर निर्भर थीं, आर्थिक तंगी के चलते इस कारीगरी को लगभग छोड़ चुकी थीं। फिर आई महतारी वंदन योजना। इससे मिलने वाली राशि ने उन्हें फिर से अपने हुनर को बाजार तक पहुंचाने की ताकत दी है। अब वे बांस, रस्सी और अन्य सामग्री खरीद कर व्यवसाय चला रही हैं और अपने बच्चों को शिक्षा दे रही हैं।
![e84bd9a3-bba]()
आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की ठोस कोशिश है। महतारी वंदन योजना सिर्फ पैसे की योजना नहीं है, यह मातृशक्ति कोसिरपुर की भामिनी गोस्वामी अपनी बेटी के लिए हर महीने मिलने वाले हजार रुपए सुकन्या योजना में जमा कर रही हैं। वे कहती हैं, पहले तो इतनी भी बचत नहीं थी कि बेटी के भविष्य के बारे में सोच पाते। अब हर महीने छोटी-सी राशि जोड़कर हम उसके लिए मजबूत आधार तैयार कर पा रहे हैं।
महतारी वंदन योजना में उन्हीं महिलाओं को राशि दी जाती है, जो 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग में हैं। पारदर्शी व्यवस्था के तहत राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे खातों में भेजी जा रही है।
योजना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति का आत्मसम्मान हमारे लिए सर्वोपरि है। जब मां-बहनें खुश होती हैं, आत्मनिर्भर बनती हैं तो राज्य का हर परिवार मजबूत होता है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं की जिंदगी बदली है। समाज में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है।
Artical RO 13257/1
thesootr links
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरुआत कर पहली किस्त ट्रांसफर की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह योजना जन-जन तक पहुंची। आज की तारीख़ में यह योजना करीब 70 लाख महिलाओं तक पहुंच चुकी है।
हर पात्र महिला के खाते में प्रतिमाह 1000 रुपए की राशि ट्रांसफर की जा रही है। अब तक 15 महीने में महिलाओं के खाते में 15-15 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर हो चुकी है।
आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी योजना
38212595-672
छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में रहने वाली महिलाएं जो पहले सामाजिक और आर्थिक सीमाओं के चलते आत्मनिर्भरता की कल्पना भी नहीं कर पाती थीं, आज उसी योजना के जरिए अपने परिवार, बच्चों और भविष्य के लिए फैसले खुद ले रही हैं।
सुकमा जिले की ग्राम फुलबगड़ी की अनिता माड़वी अब हर महीने मिलने वाली सहायता राशि को अपनी बेटियों के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। अनिता का कहना है, पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे जोड़ पा रही हूं। यह योजना मेरे लिए सिर्फ पैसा नहीं, उम्मीद की पूंजी है।
डौंडी विकासखंड की मंजूलता और सविता टेकाम की कहानियां बताती हैं कि कैसे एक-एक हजार रुपए की राशि किसी परिवार की आर्थिक धुरी बन सकती है। मंजूलता का बेटा सरकारी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र है। पहले पढ़ाई में रुकावटें थीं, अब नियमित पैसा आने से पढ़ाई का सिलसिला सहजता से चल रहा है। सविता टेकाम का परिवार मजदूरी पर निर्भर है। वे बताती हैं कि योजना की यह राशि बच्चों की पढ़ाई का संबल बन गई है।
d5ef2610-c8e
परंपरागत व्यवसायों को भी मिला नया जीवन
महिलाओं के सशक्तिकरण की क्रांति
e84bd9a3-bba
आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की ठोस कोशिश है। महतारी वंदन योजना सिर्फ पैसे की योजना नहीं है, यह मातृशक्ति कोसिरपुर की भामिनी गोस्वामी अपनी बेटी के लिए हर महीने मिलने वाले हजार रुपए सुकन्या योजना में जमा कर रही हैं। वे कहती हैं, पहले तो इतनी भी बचत नहीं थी कि बेटी के भविष्य के बारे में सोच पाते। अब हर महीने छोटी-सी राशि जोड़कर हम उसके लिए मजबूत आधार तैयार कर पा रहे हैं।
पात्रता भी और पारदर्शिता भी
योजना को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति का आत्मसम्मान हमारे लिए सर्वोपरि है। जब मां-बहनें खुश होती हैं, आत्मनिर्भर बनती हैं तो राज्य का हर परिवार मजबूत होता है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं की जिंदगी बदली है। समाज में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की शुरुआत हो चुकी है।
Artical RO 13257/1
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari