सीएम साय बोले रात की बैठक आपातकालीन नहीं, मंत्रियों से पूछा क्या चल रहा है
Arun Tiwari | Jun 19, 2026, 17:17 IST
छत्तीसगढ़ में मंत्रियों की आपातकालीन बैठक 2026
छत्तीसगढ़ के सीएम हाउस में गुरुवार आधी रात को हुई 5 घंटे की बैठक ने प्रदेश में सियासी पारा बढ़ा दिया है। रात 2 बजे तक चली इस गुप्त चर्चा को लेकर फेरबदल की अटकलें तेज हैं, वहीं सीएम साय और डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसे रूटीन बैठक बताया है।
Raipur. सीएम हाउस में गुरुवार को आधी रात में सीएम की मंत्रियों से कुछ बात हुई। बात बड़ी थी, इसीलिए उसे पूरा करने में पांच घंटे लग गए। इस मीटिंग के बाद मंत्रियों ने इशारों में ही सही कुछ-कुछ तो बता दिया। मंत्रियों ने जो भी बताया हो, लेकिन सीएम विष्णुदेव साय ने स्पष्ट करने की कोशिश की। सीएम बोले कि रात की बैठक कोई आपातकालीन बैठक नहीं थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर उनकी उपलब्धियां घर घर तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। इसके लिए मंत्री,विधायकों,कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की गई और उनसे पूछा गया कि वे इस बारे में कितना काम कर पा रहे हैं। वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह रुटीन बैठक थी और रिकॉर्ड समय पीएम रहने वाले नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में जो परिवर्तन आया है उसे जन जन तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
सीएम हाउस में
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी निवास में बुधवार रात आयोजित मंत्रियों की लंबी बैठक ने प्रदेश की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। करीब पांच घंटे तक चली इस बैठक का समापन रात दो बजे के बाद हुआ। भले ही इस बैठक को रुटीन बैठक और प्रधानमंत्री के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रम के बारे में चर्चा बताई जा रही हो लेकिन यह बैठक इतनी सामान्य नहीं थी।
सूत्र कहते हैं कि देर रात तक चली इस मैराथन बैठक को लेकर सत्ता और संगठन के बीच बढ़ती दूरी, मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक से बाहर निकलने वाले मंत्रियों ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए इसे नियमित समीक्षा बैठक बताया।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश सरकार के सभी प्रमुख मंत्री मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार बैठक में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति, प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह कोई असाधारण बैठक नहीं थी, बल्कि हर तीन महीने में आयोजित होने वाली नियमित समीक्षा बैठक थी। उन्होंने बताया कि मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में चल रहे विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
जब उनसे मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है और इस संबंध में वही उचित टिप्पणी कर सकते हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बैठक को पूरी तरह नियमित बताया और किसी भी तरह के राजनीतिक संदेश या फेरबदल की अटकलों को निराधार बताया। मंत्री रामविचार नेताम ने भी मुस्कुराते हुए कहा कि सभी प्रकार की अटकलें बेबुनियाद हैं और लोगों को अनावश्यक कयास लगाने से बचना चाहिए।
छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और रिजल्ट ओरिएन्टेड बनाने की दिशा में काम करने के लिए मंत्रियों को ट्रेनिंग देने जा रही है। जुलाई में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में दो दिनों का चिंतन शिविर 3.0 का आयोजन करने जा रही है।
इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ कैबिनेट के सभी सदस्य भाग लेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मंत्रियों की कार्यशैली को अधिक दक्ष, आधुनिक और जनहित केंद्रित बनाना है, ताकि शासन की योजनाओं और नीतियों का लाभ आम लोगों तक और अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सके।
चिंतन शिविर के दौरान प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्धारण, सुशासन, तकनीकी नवाचार, जनसेवा और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन किया जाएगा। देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और विषय विशेषज्ञ मंत्रियों को बदलते प्रशासनिक परिदृश्य के अनुरूप नई कार्यप्रणालियों और बेहतर प्रबंधन के गुर सिखाएंगे।
शिविर में विशेष रूप से इस बात पर चर्चा होगी कि शासन व्यवस्था को किस प्रकार अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीक आधारित बनाया जाए। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, जन अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय प्रक्रिया तथा बेहतर सेवा वितरण जैसे विषय भी प्रमुखता से शामिल रहेंगे।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूरे होने पर उनकी उपलब्धियां घर घर तक पहुंचाने पर चर्चा हुई। इसके लिए मंत्री,विधायकों,कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की गई और उनसे पूछा गया कि वे इस बारे में कितना काम कर पा रहे हैं। वहीं डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह रुटीन बैठक थी और रिकॉर्ड समय पीएम रहने वाले नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में जो परिवर्तन आया है उसे जन जन तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
सीएम हाउस में मैराथन बैठक :
सूत्र कहते हैं कि देर रात तक चली इस मैराथन बैठक को लेकर सत्ता और संगठन के बीच बढ़ती दूरी, मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और कार्यकर्ताओं की नाराजगी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक से बाहर निकलने वाले मंत्रियों ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए इसे नियमित समीक्षा बैठक बताया।
बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश सरकार के सभी प्रमुख मंत्री मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार बैठक में मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों की स्थिति, प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा और संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
क्या बोले मंत्री :
जब उनसे मंत्रिमंडल में संभावित बदलाव को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री के अधिकार क्षेत्र का विषय है और इस संबंध में वही उचित टिप्पणी कर सकते हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी बैठक को पूरी तरह नियमित बताया और किसी भी तरह के राजनीतिक संदेश या फेरबदल की अटकलों को निराधार बताया। मंत्री रामविचार नेताम ने भी मुस्कुराते हुए कहा कि सभी प्रकार की अटकलें बेबुनियाद हैं और लोगों को अनावश्यक कयास लगाने से बचना चाहिए।
अब मंत्रियों को ट्रेनिंग :
इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ कैबिनेट के सभी सदस्य भाग लेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मंत्रियों की कार्यशैली को अधिक दक्ष, आधुनिक और जनहित केंद्रित बनाना है, ताकि शासन की योजनाओं और नीतियों का लाभ आम लोगों तक और अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सके।
चिंतन शिविर के दौरान प्रशासनिक प्रबंधन, नीति निर्धारण, सुशासन, तकनीकी नवाचार, जनसेवा और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मंथन किया जाएगा। देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और विषय विशेषज्ञ मंत्रियों को बदलते प्रशासनिक परिदृश्य के अनुरूप नई कार्यप्रणालियों और बेहतर प्रबंधन के गुर सिखाएंगे।
शिविर में विशेष रूप से इस बात पर चर्चा होगी कि शासन व्यवस्था को किस प्रकार अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और तकनीक आधारित बनाया जाए। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय, जन अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय प्रक्रिया तथा बेहतर सेवा वितरण जैसे विषय भी प्रमुखता से शामिल रहेंगे।
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