SIR को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल,बीजेपी पर भी साधा निशाना
Deepak Baij questions SIR: छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर से तीखे बयानबाजी का दौर देखने को मिला। शनिवार को पीसीसी चीफ दीपक बैज ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) की प्रक्रिया पर चुनाव आयोग से कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव, नगरीय निकाय या फिर पंचायत चुनाव के लिए हो रहा है।
बैज ने मांग की कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए क्योंकि पहले कई बार इस प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। उनका कहना था कि चुनाव आयोग को किसी भी प्रक्रिया की शुरुआत से पहले सभी राजनीतिक दलों से विचार-विमर्श करना चाहिए ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।
बीजेपी का कार्टून पोस्टर और कांग्रेस पर हमला
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ईडी और केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप
बैज ने ईडी और केंद्रीय एजेंसियों को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसकी समर्थित एजेंसियों के पास कांग्रेस नेताओं को डराने के अलावा कोई काम नहीं है। झूठे आरोप लगाकर कांग्रेस के नेताओं को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन कांग्रेस नेताओं को इनसे डराने की कोशिश नाकाम साबित होगी।
कोषाध्यक्ष लापता होने पर तंज
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष के लापता होने के सवाल पर बैज ने कटाक्ष करते हुए कहा – “अगर कोषाध्यक्ष गायब है तो भाजपा जाकर ढूंढ ले। किरण देव और बाकी नेता मिलकर खोजें।” उन्होंने इसे भाजपा की रणनीति बताते हुए कहा कि पार्टी कांग्रेस के मजबूत कार्यक्रमों से घबराई हुई है।
छत्तीसगढ़ राजनीति की 5 मुख्य बातें
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नक्सली चिट्ठी पर बैज का बयान
हाल ही में नक्सलियों द्वारा लिखी गई कथित चिट्ठी को लेकर भी दीपक बैज ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर स्पष्ट करना चाहिए कि इसमें कितनी सच्चाई है। बैज का कहना था कि सरकार का नक्सलियों को कमजोर आंकना ओवर कॉन्फिडेंस है, और यही आत्मविश्वास खतरनाक साबित हो रहा है। इसी कारण हाल ही में एक एडिशनल एसपी और एक अतिथि शिक्षक की जान चली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को लापरवाही और आत्मविश्वास में नहीं रहना चाहिए।
यह पूरा घटनाक्रम छत्तीसगढ़ की राजनीति को एक बार फिर गरमा गया है। एक तरफ जहां कांग्रेस चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग कर रही है, वहीं भाजपा पोस्टर पॉलिटिक्स के जरिए कांग्रेस पर निशाना साध रही है।