दिल्ली ने ओके किया ओबीसी मंत्री का नाम, लेकिन लेना पड़ेगा एक इस्तीफा, सतनामी और सामान्य समीकरण सीएम पर

Arun Tiwari | Jun 26, 2024, 16:13 IST
Share
THESOOTR
THESOOTR

छत्तीसगढ़ सीएम को यदि जातीय संतुलन साधना है तो एक ओबीसी मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ेगा। वहीं एक सामान्य वर्ग और एससी के मंत्री के लिए फैसला सीएम पर ही छोड़ दिया गया है। सीएम इस कैबिनेट विस्तार में सतनामी समीकरण भी साध सकते हैं।

RAIPUR. सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली से रायपुर लौट आए हैं। सीएम की वापसी से एक सवाल खड़ा हो गया है कि उनके लिफाफे में वो कौन से नाम हैं जिनको मंत्री की कुर्सी मिलने वाली है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में छत्तीसगढ़ सीएम की कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चा हई है। सीएम जो आठ नाम ले गए थे उनमें से ओबीसी वर्ग के नाम को केद्रीय नेतृत्व ने ओके कर दिया है। लेकिन सीएम को यदि जातीय संतुलन साधना है तो एक ओबीसी मंत्री का इस्तीफा लेना पड़ेगा। वहीं एक सामान्य वर्ग और एससी के मंत्री के लिए फैसला सीएम पर ही छोड़ दिया गया है। सीएम इस कैबिनेट विस्तार में सतनामी समीकरण भी साध सकते हैं।

लिफाफे में किसका नाम


सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ में एक और ओबीसी मंत्री बनाया जा सकता है। ओबीसी में भी खासतौर पर यादव समाज का नाम है। दुर्ग से आने वाले विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाया जा सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि दिल्ली में उनके नाम को ओके कर दिया गया है। केंद्रीय नेतृत्व मंत्री के रूप में नए चेहरे को तवज्जो दे रहा है। यही कारण है कि गजेंद्र यादव का नाम लगभग तय माना जा रहा है। गजेंद्र ने विधानसभा चुनावमें दुर्ग में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे मोतीलाल वोरा के बेटे अरुण वोरा को 48 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। गजेंद्र संघ के बड़े नेता बिसरा राम यादव के बेटे हैं। छत्तीसगढ़ में इस बार पांच विधायक यादव समाज से चुनकर आए हैं। यादव समाज को साधने, संघ को संतुष्ट करने के लिए गजेंद्र को प्रदेश सरकार में मंत्री पद दिए जाने की चर्चा है।

ये खबर भी पढ़ें...

2 मंत्री पद के लिए 8 नाम लेकर दिल्ली गए सीएम विष्णुदेव साय, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने में आ रहा पसीना

गजेंद्र आए तो एक का इस्तीफा


साय कैबिनेट में सबसे ज्यादा ओबीसी वर्ग के मंत्री हैं। दो आदिवासी, ओबीसी से अरुण साव,ओपी चौधरी, लखनलाल देवांगन, श्यामबिहारी जायसवाल, लक्ष्मी राजवाड़े और टंकराम वर्मा हैं। यानी दस मंत्रियों में से छह ओबीसी से आते हैं। यदि जातिय संतुलन साधना है तो ओबीसी के एक मंत्री की कुर्सी जा सकती है। इसका फैसला परफार्मेंस के आधार पर होगा। वहीं साय कैबिनेट में एक अनुसूचित जाति और एक सामान्य वर्ग के मंत्री हैं। यानी कम से कम एक-एक मंत्री इस वर्ग से बनाने की भी दरकार है। सीएम की केंद्रीय नेतृत्व से इस बारे में भी चर्चा हुई है। केंद्रीय संगठन ने कहा है कि जातिय और क्षेत्रीय संतुलन बनाकर ही काम करना है। इसलिए अब सीएम इस समीकरण को सुलझाने की उधेड़बुन में जुट गए हैं।

सामान्य और सतनामी समीकरण


जातिय संतुलन साधना है तो एक सामान्य वर्ग से और एक एससी से मंत्री बनाना होगा। सीएम यहां पर सतनामी समीकरण भी साधना चाहते हैं। सतनामी समाज से खुशवंत साहेब के नाम की चर्चा भी शुरू हो चुकी है। सतनामी समाज इस बात का दबाव बना रहा है कि उनमें से एक मंत्री बनाया जाना चाहिए। सीएम के उपर पुराने नामों को रिपीट करने का कोई दबाव नहीं है। सामान्य वर्ग से राजेश मूणत, अमर अग्रवाल और भावना बोहरा में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। यदि क्षेत्रीय संतुलन साधा तो लता उसेंडी को मौका देना पड़ेगा।

जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में विस्तार


सूत्रों की मानें तो साय कैबिनेट का विस्तार जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में हो सकता है। इसके पीछे कारण जुलाई में होने वाला विधानसभा सत्र है। बृजमोहन अग्रवाल के पास रहे पांच विभागों का बंटवारा भी सत्र से पहले करना पड़ेगा। सबसे जरुरी संसदीय कार्यमंत्री बनाना है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा, धर्मस्व, संस्कृति और पर्यटन जैसे अहम विभाग भी नए मंत्रियों के हिस्से में आ सकते हैं। दिल्ली से लौटे सीएम ने मंत्रिमंडल विस्तार पर तो कुछ नहीं कहा। उन्होंने पीएम और अमित शाह से मुलाकात में सरकार और उनकी योजनाओं को लेकर हुई बातचीत के बारे में ही बताया।

Tags:
  • सीएम विष्णुदेव साय
  • ओबीसी मंत्री
  • छत्तीसगढ़ सीएम की कैबिनेट विस्तार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा