युक्तियुक्तकरण के नाम पर बिगड़ती स्कूल व्यवस्था
Krishna Kumar Sikander | Jun 09, 2025, 17:01 IST
Deteriorating school system in the name of rationalization the sootr
छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्था और नीतियों के दुरुपयोग ने स्कूलों की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। युक्तियुक्तकरण की आड़ में शिक्षकों के स्थानांतरण और निलंबन के बाद त्वरित बहाली जैसे कदम शिक्षा व्यवस्था को और अस्थिर कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्था और नीतियों के दुरुपयोग ने स्कूलों की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। युक्तियुक्तकरण की आड़ में शिक्षकों के स्थानांतरण और निलंबन के बाद त्वरित बहाली जैसे कदम शिक्षा व्यवस्था को और अस्थिर कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शिक्षा अधिनियम 2008 के प्रावधानों की खुलेआम अवहेलना हो रही है, जिसके चलते स्कूलों में शिक्षकों की कमी और असमान वितरण की समस्या गहराती जा रही है।
ये खबर भी पढ़ें... युक्तियुक्तकरण से मिले 4 नए शिक्षक... अब संवरेगा बच्चों का भविष्य
रायपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलीडीह में 551 विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन वहां मात्र 9 व्याख्याता कार्यरत हैं, जबकि 2008 के नियमों के अनुसार 22 शिक्षकों की आवश्यकता थी। हाल ही में युक्तियुक्तकरण के नाम पर 3 और व्याख्याताओं को अतिशेष घोषित कर स्थानांतरित कर दिया गया। नतीजतन, 11 कक्षाओं में 60 पीरियड्स के अध्यापन का बोझ 9 व्याख्याताओं पर है। यदि प्रत्येक व्याख्याता 4-6 पीरियड पढ़ाए, तब भी सभी कक्षाओं का संचालन असंभव है। अवकाश या अन्य परिस्थितियों में तो स्थिति और बदतर हो जाती है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का महासमुंद शिक्षिका के युक्तियुक्तकरण पर 10 दिन की रोक
रायपुर के दानी स्कूल में 800 बच्चों पर 50 शिक्षक हैं, और रायपुर के ही प्यारेलाल हिंदू शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 127 बच्चों के लिए 23 व्याख्याता कार्यरत हैं। यह असमानता शिक्षा विभाग की नीतियों की विफलता को दर्शाती है। अमलीडीह स्कूल की स्थिति और चिंताजनक है। नवंबर 2023 में हिंदी व्याख्याता चित्ररेखा बंजारे के निलंबन के बाद हिंदी का कोई व्याख्याता नहीं है, फिर भी युक्तियुक्तकरण में इस रिक्ति को दर्ज नहीं किया गया।
गणित की एकमात्र व्याख्याता कोमल बघेल को भी अतिशेष घोषित किया गया, जबकि उनके बिना गणित का कोई शिक्षक नहीं है। पिछले दो वर्षों में इस स्कूल से 6 व्याख्याताओं को स्थानांतरित किया गया और 2 सेवानिवृत्त हुए, जिससे कुल 8 व्याख्याता कम हो गए। केवल एक नए व्याख्याता की नियुक्ति हुई, वह भी सत्र के अंत में।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया दौर, युक्तियुक्तकरण से बदलेगी स्कूली शिक्षा की तस्वीर
ये खबर भी पढ़ें... शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का मामला हाईकोर्ट में, नियमों के उल्लंघन का आरोप
शिक्षा विभाग के अधिकारियों और नीति-नियंताओं पर स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के बजाय उसे और बिगाड़ने का आरोप है। प्राचार्य द्वारा बार-बार पत्राचार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षाविदों का कहना है कि विभाग में राजनीतिक हस्तक्षेप और स्वार्थी प्रशासन ने शिक्षा को उपेक्षित कर दिया है। कई शिक्षक नेतागिरी में व्यस्त होकर पढ़ाई से दूरी बना लेते हैं। इसका असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।
नए शैक्षणिक सत्र से पहले अमलीडीह जैसे स्कूलों में कम से कम 3 अतिरिक्त व्याख्याता (हिंदी, गणित, और अन्य विषयों में) नियुक्त करना जरूरी है, ताकि 551 बच्चों की पढ़ाई सुचारू हो सके। यदि शिक्षा विभाग समय रहते समाधान नहीं ढूंढता, तो छत्तीसगढ़ के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ और गहरा सकता है।
युक्तियुक्तकरण के नाम पर बिगड़ती स्कूल व्यवस्था | cg teacher yuktiyuktkaran | Deteriorating school system in the name of rationalization
ये खबर भी पढ़ें... युक्तियुक्तकरण से मिले 4 नए शिक्षक... अब संवरेगा बच्चों का भविष्य
युक्तियुक्तकरण में भी विषमता
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का महासमुंद शिक्षिका के युक्तियुक्तकरण पर 10 दिन की रोक
शिक्षा विभाग की नीतियों की विफलता
गणित की एकमात्र व्याख्याता कोमल बघेल को भी अतिशेष घोषित किया गया, जबकि उनके बिना गणित का कोई शिक्षक नहीं है। पिछले दो वर्षों में इस स्कूल से 6 व्याख्याताओं को स्थानांतरित किया गया और 2 सेवानिवृत्त हुए, जिससे कुल 8 व्याख्याता कम हो गए। केवल एक नए व्याख्याता की नियुक्ति हुई, वह भी सत्र के अंत में।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया दौर, युक्तियुक्तकरण से बदलेगी स्कूली शिक्षा की तस्वीर
व्यवस्था सुधारने के बजाय उसे बिगाड़ रहे
शिक्षा विभाग के अधिकारियों और नीति-नियंताओं पर स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के बजाय उसे और बिगाड़ने का आरोप है। प्राचार्य द्वारा बार-बार पत्राचार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षाविदों का कहना है कि विभाग में राजनीतिक हस्तक्षेप और स्वार्थी प्रशासन ने शिक्षा को उपेक्षित कर दिया है। कई शिक्षक नेतागिरी में व्यस्त होकर पढ़ाई से दूरी बना लेते हैं। इसका असर विद्यार्थियों पर पड़ रहा है।
नए शैक्षणिक सत्र से पहले अमलीडीह जैसे स्कूलों में कम से कम 3 अतिरिक्त व्याख्याता (हिंदी, गणित, और अन्य विषयों में) नियुक्त करना जरूरी है, ताकि 551 बच्चों की पढ़ाई सुचारू हो सके। यदि शिक्षा विभाग समय रहते समाधान नहीं ढूंढता, तो छत्तीसगढ़ के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ और गहरा सकता है।
युक्तियुक्तकरण के नाम पर बिगड़ती स्कूल व्यवस्था | cg teacher yuktiyuktkaran | Deteriorating school system in the name of rationalization
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari