DPS में बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले को दबाने SP ने किया बड़ा लेनदेन : बघेल
Arun Tiwari | Aug 30, 2024, 15:46 IST
DPS School Bhilai Steel Plant Chattisgarh Minor Molestation Case the sootr
पांच जुलाई को बच्ची की तबीयत खराब होने पर जांच कराई तो पता चला कि उसके प्राइवेट पार्ट में जख्म हैं। महिला बाल विकास मंत्री को ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व CM बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में विष्णु का सुशासन नहीं, कंस का कुशासन है।
रायपुर. छत्तीसगढ़ में भिलाई स्टील प्लांट के डीपीएस स्कूल में नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दुर्ग एसपी पर केस दबाने का आरोप लगाया है। बघेल ने कहा है कि स्कूल प्रिंसीपल , भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन और एसपी केस को दबाने में लगे हुए हैं। केस को दबाने के बदले में बड़ा लेनदेन हुआ है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि भिलाई DPS में 4 साल की बच्ची से दुराचार हुआ है, लेकिन SP ने जांच हो गई, ऐसा कहकर मामले को दबा दिया। बघेल के अनुसार दुर्ग SP कभी पैरेंट्स, कभी जज तो कभी गुंडे की भूमिका में रहते हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि इस मामले में सबसे पहले पॉक्सो ( POCSO ) के तहत FIR दर्ज करनी होती है। इसके बाद जांच होती है। इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि भिलाई स्टील प्रबंधन, प्रिंसिपल और तीसरा SP, ये मिलकर आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची के प्राइवेट पार्ट में जख्म की पुष्टि हुई है।मामला सरकार की जानकारी में है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई 24 को 4 साल की बच्ची की तबीयत खराब होती है।
जब उसकी जांच होती है तो पता चलता है कि प्राइवेट पार्ट में जख्म हैं। पैरेंट्स को जब पता चला तो प्रिंसिपल ने कहा कि मैंने जांच की है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।
बघेल का कहना है कि इसका साफ मतलब है कि प्रशासन दबाव में है। इस केस में महिला बाल विकास मंत्री को ज्ञापन भी दिया था। यह बात मंत्री की जानकारी में आ गई, मतलब कि सरकार की जानकारी में भी यह बात है। इस सबके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
चार साल की बच्ची से दुराचार
POCSO के तहत दर्ज करनी थी FIR
नाबालिग बच्ची के प्राइवेट पार्ट में जख्म
जब उसकी जांच होती है तो पता चलता है कि प्राइवेट पार्ट में जख्म हैं। पैरेंट्स को जब पता चला तो प्रिंसिपल ने कहा कि मैंने जांच की है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।
बघेल का कहना है कि इसका साफ मतलब है कि प्रशासन दबाव में है। इस केस में महिला बाल विकास मंत्री को ज्ञापन भी दिया था। यह बात मंत्री की जानकारी में आ गई, मतलब कि सरकार की जानकारी में भी यह बात है। इस सबके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
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