'75 पार का सपना' को लगा ग्रहण, कांग्रेस को 27 सीटों पर खतरा नजर आ रहा, 12 बागी और 15 सीट पर भितरघात की आशंका
Jitendra Shrivastava | Nov 20, 2023, 24:00 IST
'75 पार का सपना' को लगा ग्रहण, कांग्रेस को 27 सीटों पर खतरा नजर आ रहा, 12 बागी और 15 सीट पर भितरघात की आशंका
कांग्रेस की दो दिन की आंतरिक बैठकों में जो फीडबैक आया है उसके मुताबिक 12 सीटों पर कांग्रेस के बागी समीकरण बिगाड़ रहे हैं।
गंगेश द्विवेदी, RAIPUR. दोनों चरणों के मतदान के बाद कांग्रेस की अंदरूनी बैठकों का फीड बैक आने के बाद कांग्रेस खेमें में 75 पार का सपना टूटता नजर आ रहा है। कांग्रेस को 90 में 27 सीटों पर सीधा नुकसान होता दिख रहा है। दो दिन की आंतरिक बैठकों में जो फीडबैक आया है उसके मुताबिक 12 सीटों पर कांग्रेस के बागी समीकरण बिगाड़ रहे हैं। वहीं 15 सीटों पर भितरघातियों से नुकसान होने की आशंका है।
बघेल ने पिछले चुनाव में हारी 19 सीटों पर मेहनत की
कांग्रेस ने पूरे चुनाव में 75 पार का दावा करते हुए कैंपेन चलाया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खासतौर पर उन 19 सीटों को लेकर मेहनत की जहां कांग्रेस पिछले चुनाव में लहर के बावजूद भी नहीं आ सकी। कांग्रेस के बेहद भरोसेमंद सूत्र बता रहे हैं कि भितरघाती और बागी उन सीटों पर नुकसान करते दिख रहे जहां कांग्रेस ने भरोसे के साथ प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था कि पूरी टीम उनका साथ देगी। इनमें कई सीटें ऐसी हैं जहां विधायकों के टिकट कटे हैं तो वहीं कई सीटों पर बाहरी होने के कारण कांग्रेसियों ने असहयोग का रास्ता अपनाया है। हालांकि, तीन दिसंबर को परिणाम आने के बाद ही पता चल पाएगा कि बागियों और भितरघातियों ने वास्तव में कितना नुकसान किया है।
पहली सूची से परेशान रही कांग्रेस, नोटिस व कार्रवाई बेअसर
टिकट की पहली सूची आने के बाद से ही कांग्रेस बागियों और भितरघातियों से परेशान रही। ऐसे लगभग 50 लोगों पर निष्कासन, निलंबन समेत अन्य कार्रवाई भी की गई। वहीं दर्जन भर से अधिक नेताओं को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण भी मांगा है। लेकिन ज्यादातर कार्रवाई मतदान होने के बाद की गई। कांग्रेस का इसके पीछे लॉजिक है कि पहले नोटिस देकर पूछने का अर्थ था कि अब भी संभल जाओ और सहयोग करो। कार्रवाई वोटिंग के बाद इसलिए की जिससे बागी या भितरघाती खुलकर मैदान में न आएं, लेकिन इसका खासा फायदा होता कांग्रेस को नजर नहीं आ रहा।
कांग्रेस के 12 बागी
जशपुर विधानसभा सीट से प्रदीप खेस (निर्दलीय) कांग्रेस प्रत्याशी विनय भगत के खिलाफ, सक्ती विधानसभा अनुभव तिवारी (आप) प्रत्याशी डा. चरणदास महंत के खिलाफ, जैजैपुर से टेकचंद्र चंद्रा (निर्दलीय) प्रत्याशी बालेश्वर साहू के खिलाफ, पामगढ़ से गोरेलाल बर्मन (जेसीसीजे) शेषराज हरबंश के खिलाफ, पाली-तानाखार से छत्रपाल सिंह (जेसीसीजे) दुलेश्वरी सिदार के खिलाफ, लोरमी से सागर सिंह बैस (जेसीसीजे) थानेश्वर साहू के खिलाफ, मुंगेली से रूपलाल कोसरे (निर्दलीय) संजीत बनर्जी के खिलाफ, सरायपाली से विधायक किस्मतलाल नंद (जेसीसीजे) चातूरी नंद के खिलाफ, रायपुर उत्तर से अजीत कुकरेजा (निर्दलीय) कुलदीप जुनेजा के खिलाफ, धमतरी से लोकेश्वरी साहू (निर्दलीय) ओंकार साहू के खिलाफ, बालोद से मीना साहू (निर्दलीय) संगीता सिन्हा के खिलाफ और कसडोल से गोरेलाल साहू (निर्दलीय) संदीप साहू के खिलाफ चुनाव लड़ा है।
सीट जहां भितरघात का खतरा
जगदलपुर, केशकाल, दंतेवाडा, चित्रकोट, बेलतरा, पामगढ़, चंद्रपुर, कुरूद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़, रामानुजगंज, सामरी, प्रतापपुर, राजनांदगांव, कवर्धा, पंडरिया, सक्ती ।
इन पर लगे भितरघात के आरोप
जगदलपुर से विक्रम शर्मा ने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम किया था इसी तरह महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष और महिला नेत्री कमल झज्ज ने भी पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया था। केशकाल- अमीन मेमन के खिलाफ भितरघात की शिकायत हुई है। दंतेवाड़ा में अमूलकर नाग, चित्रकोट में मंतूराम पवार, अनूप नाग
बेलतरा में विधानसभा सीट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव त्रिलोक श्रीवास को नोटिस जारी, तखतपुर की प्रत्याशी रश्मि सिंह ने बचाव किया कि उनके साथ घूमे त्रिलोकी जिसका फायदा कांग्रेस को हुआ। पामगढ़- विधानसभा सीट पर पार्टी विरोधी गतिविधि पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य पुष्पा पाटले को नोटिस, चंद्रपुर में विधानसभा सीट के अंतर्गत तारकेश्वर गमेल, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष, दुर्गेश जायसवाल भवन और सन्निर्माण कर्मचारी मंडल, कुरुद में जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष शारदा देवी साहू, नगर पंचायत कुरूद के अध्यक्ष तपन चंद्राकर, नगर पंचायत भखारा के पूर्व अध्यक्ष भरत नाहर व वर्ष 2018 में कुरूद की कांग्रेस प्रत्याशी रही लक्ष्मीकांता साहू, उनके पति हेमंत साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सरगुजा के मनेन्द्रगढ़ में डॉ. विनय जायसवाल समर्थित गोगंपा उम्मीदवार, रामानुजगंज में बृहस्पत सिंह, सामरी चिंतामणि महराज बीजेपी में चले गए, राजनांदगांव में नरेश डाकलिया सहित अन्य, सक्ती में बागी प्रत्याशी से आखिरी दिन सेटलमेंट, लेकिन मनहरण राठौर और राज परिवार पर असहयोग का आरोप, कवर्धा में योगेश्वरराज सिंह का निष्कासन।
बिलासपुर महापौर सहित अन्य छह साल के लिए निलंबित
कांग्रेस ने बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। उन पर पार्टी संगठन के खिलाफ अनर्गल वार्तालाप करने का आरोप है। वहीं जिन बागियों को छह साल के लिए निलंबित किया है, उनमें जशपुर से प्रदीप खेस, जांजगीर से गुड्डू महराज, सरायपाली किस्मतलाल नंद, पामगढ़ से गोरेलाल वर्मन, रायगढ़ से शंकर अग्रवाल, मुंगेली से रूपलाल कोसरे, भाटापारा से मनोहर साहू, संजारी बालोद से मीना साहू, पाली तानाखार से छत्रपाल सिंह कंवर, कवर्धा से योगेश्वर राज सिंह, सामरी से प्रभातबेला मरकाम, लैलूंगा से महेंद्र सिदार, वैशाली नगर से अजहर अली, अंतागढ़ से अनूप नाग, कांति नाग, दंतेवाड़ा से अमूलकर नाग, महासमुंद से विश्वजीत बेहरा और बिलासपुर से प्रेमचंद्र जायसी शामिल हैं।
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इन सीटों पर एक से अधिक पर कार्रवाई...
बघेल ने पिछले चुनाव में हारी 19 सीटों पर मेहनत की
कांग्रेस ने पूरे चुनाव में 75 पार का दावा करते हुए कैंपेन चलाया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खासतौर पर उन 19 सीटों को लेकर मेहनत की जहां कांग्रेस पिछले चुनाव में लहर के बावजूद भी नहीं आ सकी। कांग्रेस के बेहद भरोसेमंद सूत्र बता रहे हैं कि भितरघाती और बागी उन सीटों पर नुकसान करते दिख रहे जहां कांग्रेस ने भरोसे के साथ प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था कि पूरी टीम उनका साथ देगी। इनमें कई सीटें ऐसी हैं जहां विधायकों के टिकट कटे हैं तो वहीं कई सीटों पर बाहरी होने के कारण कांग्रेसियों ने असहयोग का रास्ता अपनाया है। हालांकि, तीन दिसंबर को परिणाम आने के बाद ही पता चल पाएगा कि बागियों और भितरघातियों ने वास्तव में कितना नुकसान किया है।
पहली सूची से परेशान रही कांग्रेस, नोटिस व कार्रवाई बेअसर
टिकट की पहली सूची आने के बाद से ही कांग्रेस बागियों और भितरघातियों से परेशान रही। ऐसे लगभग 50 लोगों पर निष्कासन, निलंबन समेत अन्य कार्रवाई भी की गई। वहीं दर्जन भर से अधिक नेताओं को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण भी मांगा है। लेकिन ज्यादातर कार्रवाई मतदान होने के बाद की गई। कांग्रेस का इसके पीछे लॉजिक है कि पहले नोटिस देकर पूछने का अर्थ था कि अब भी संभल जाओ और सहयोग करो। कार्रवाई वोटिंग के बाद इसलिए की जिससे बागी या भितरघाती खुलकर मैदान में न आएं, लेकिन इसका खासा फायदा होता कांग्रेस को नजर नहीं आ रहा।
कांग्रेस के 12 बागी
जशपुर विधानसभा सीट से प्रदीप खेस (निर्दलीय) कांग्रेस प्रत्याशी विनय भगत के खिलाफ, सक्ती विधानसभा अनुभव तिवारी (आप) प्रत्याशी डा. चरणदास महंत के खिलाफ, जैजैपुर से टेकचंद्र चंद्रा (निर्दलीय) प्रत्याशी बालेश्वर साहू के खिलाफ, पामगढ़ से गोरेलाल बर्मन (जेसीसीजे) शेषराज हरबंश के खिलाफ, पाली-तानाखार से छत्रपाल सिंह (जेसीसीजे) दुलेश्वरी सिदार के खिलाफ, लोरमी से सागर सिंह बैस (जेसीसीजे) थानेश्वर साहू के खिलाफ, मुंगेली से रूपलाल कोसरे (निर्दलीय) संजीत बनर्जी के खिलाफ, सरायपाली से विधायक किस्मतलाल नंद (जेसीसीजे) चातूरी नंद के खिलाफ, रायपुर उत्तर से अजीत कुकरेजा (निर्दलीय) कुलदीप जुनेजा के खिलाफ, धमतरी से लोकेश्वरी साहू (निर्दलीय) ओंकार साहू के खिलाफ, बालोद से मीना साहू (निर्दलीय) संगीता सिन्हा के खिलाफ और कसडोल से गोरेलाल साहू (निर्दलीय) संदीप साहू के खिलाफ चुनाव लड़ा है।
सीट जहां भितरघात का खतरा
जगदलपुर, केशकाल, दंतेवाडा, चित्रकोट, बेलतरा, पामगढ़, चंद्रपुर, कुरूद, धमतरी, मनेन्द्रगढ़, रामानुजगंज, सामरी, प्रतापपुर, राजनांदगांव, कवर्धा, पंडरिया, सक्ती ।
इन पर लगे भितरघात के आरोप
जगदलपुर से विक्रम शर्मा ने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम किया था इसी तरह महिला कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष और महिला नेत्री कमल झज्ज ने भी पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया था। केशकाल- अमीन मेमन के खिलाफ भितरघात की शिकायत हुई है। दंतेवाड़ा में अमूलकर नाग, चित्रकोट में मंतूराम पवार, अनूप नाग
बेलतरा में विधानसभा सीट पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव त्रिलोक श्रीवास को नोटिस जारी, तखतपुर की प्रत्याशी रश्मि सिंह ने बचाव किया कि उनके साथ घूमे त्रिलोकी जिसका फायदा कांग्रेस को हुआ। पामगढ़- विधानसभा सीट पर पार्टी विरोधी गतिविधि पर राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य पुष्पा पाटले को नोटिस, चंद्रपुर में विधानसभा सीट के अंतर्गत तारकेश्वर गमेल, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष, दुर्गेश जायसवाल भवन और सन्निर्माण कर्मचारी मंडल, कुरुद में जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष शारदा देवी साहू, नगर पंचायत कुरूद के अध्यक्ष तपन चंद्राकर, नगर पंचायत भखारा के पूर्व अध्यक्ष भरत नाहर व वर्ष 2018 में कुरूद की कांग्रेस प्रत्याशी रही लक्ष्मीकांता साहू, उनके पति हेमंत साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सरगुजा के मनेन्द्रगढ़ में डॉ. विनय जायसवाल समर्थित गोगंपा उम्मीदवार, रामानुजगंज में बृहस्पत सिंह, सामरी चिंतामणि महराज बीजेपी में चले गए, राजनांदगांव में नरेश डाकलिया सहित अन्य, सक्ती में बागी प्रत्याशी से आखिरी दिन सेटलमेंट, लेकिन मनहरण राठौर और राज परिवार पर असहयोग का आरोप, कवर्धा में योगेश्वरराज सिंह का निष्कासन।
बिलासपुर महापौर सहित अन्य छह साल के लिए निलंबित
कांग्रेस ने बिलासपुर के महापौर रामशरण यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। उन पर पार्टी संगठन के खिलाफ अनर्गल वार्तालाप करने का आरोप है। वहीं जिन बागियों को छह साल के लिए निलंबित किया है, उनमें जशपुर से प्रदीप खेस, जांजगीर से गुड्डू महराज, सरायपाली किस्मतलाल नंद, पामगढ़ से गोरेलाल वर्मन, रायगढ़ से शंकर अग्रवाल, मुंगेली से रूपलाल कोसरे, भाटापारा से मनोहर साहू, संजारी बालोद से मीना साहू, पाली तानाखार से छत्रपाल सिंह कंवर, कवर्धा से योगेश्वर राज सिंह, सामरी से प्रभातबेला मरकाम, लैलूंगा से महेंद्र सिदार, वैशाली नगर से अजहर अली, अंतागढ़ से अनूप नाग, कांति नाग, दंतेवाड़ा से अमूलकर नाग, महासमुंद से विश्वजीत बेहरा और बिलासपुर से प्रेमचंद्र जायसी शामिल हैं।
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इन सीटों पर एक से अधिक पर कार्रवाई...
- रायपुर उत्तरः अजीत कुकरेजा, आनंद कुकरेजा, सागर दुल्हानी।
- बिल्हाः शिव ध्रुव, निर्मल दिवाकर, लोरमी से महेंद्र सिदार, सागर सिंह बैस, सूरज बर्मन।
- बालोदः सत्येंद्र साहू, पीमन साहू, ललिता साहू, तुकाराम, हलधर।
- कोंडागांवः मनीष श्रीवास्तव, शिशिर श्रीवास्तव, सुरेश पाटले।
- कसडोलः गोरेलाल साहू, मनोज अडिल।
- मरवाहीः गुलाब सिंह राज, शंकर पटेल, मुद्रिका सिंह सर्राटी, नारायण आर्मो, अजीत सिंह श्याम, गजरूप सिंह। सलाम, दयाराम वाकरे, विवेक पोर्ते, तूफान सिंह धुर्वे और प्रताप सिंह मरावी।
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