महिला कांग्रेस नेता की मौत, घर खाली कराने के दौरान खुद को लगाई आग, जानें पूरा मामला

दुर्ग में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा ने मकान खाली कराने पहुंचे पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली थी। इस घटना में वह करीब 95 प्रतिशत झुलस गई थी। 7 दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

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Harrison Masih
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NEWS IN SHORT

  • दुर्ग में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा ने आत्मदाह किया, इलाज के दौरान मौत
  • 22 जनवरी को घर खाली कराने पहुंचे पुलिस-कोर्ट स्टाफ के सामने लगाई थी आग
  • 95 प्रतिशत झुलसी शबाना का रायपुर के DKS अस्पताल में 7 दिन इलाज चला
  • किराए के मकान को लेकर मकान मालिक से लंबे समय से विवाद चल रहा था

NEWS IN DETAIL

दुर्ग में आत्मदाह की दर्दनाक घटना

Durg. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा (37) ने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली थी।

गंभीर रूप से झुलसी शबाना की रायपुर के DKS अस्पताल में इलाज के दौरान 7 दिन बाद मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

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क्या है पूरा मामला

यह मामला 22 जनवरी का है। शबाना निशा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा इलाके में फेरू राम के मकान में किराए पर रहती थी।

मकान मालिक और शबाना के बीच मकान बेचने और खाली कराने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

शबाना चाहती थी कि मकान मालिक घर उसे बेच दे, लेकिन मालिक इसके लिए तैयार नहीं था।

मामला डिस्ट्रिक्ट कोर्ट पहुंचा, जहां से मकान मालिक के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस और कोर्ट स्टाफ घर खाली कराने पहुंचे थे।

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घर के अंदर जाकर लगाई आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान शबाना अचानक घर के अंदर गई और खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। वह धधकती हुई बाहर निकली, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

आग लगते ही पुलिस और कोर्ट स्टाफ पीछे हट गए। आसपास मौजूद लोगों ने चादर की मदद से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक शबाना करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी।

7 दिन चला इलाज, नहीं बची जान

शबाना को पहले जिला अस्पताल और फिर गंभीर हालत में रायपुर के DKS अस्पताल रेफर किया गया। करीब 7 दिन तक चले इलाज के बाद शुक्रवार 30 जनवरी को उसकी मौत हो गई।

शबाना निशा कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता थी और दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुकी थी।

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Sootr Knowledge

  • आत्मदाह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है
  • कोर्ट के आदेश का पालन पुलिस की बाध्यता होती है
  • किरायेदारी विवाद सिविल कोर्ट के अंतर्गत आते हैं
  • 90% से अधिक जलने की स्थिति में मृत्यु दर बहुत अधिक होती है
  • ऐसे मामलों में मजिस्ट्रियल जांच भी हो सकती है

IMP FACTS

  • मृतक: शबाना निशा उर्फ रानी (37)
  • स्थान: पचरीपारा, दुर्ग
  • घटना की तारीख: 22 जनवरी
  • मौत की तारीख: 30 जनवरी
  • झुलसने का स्तर: करीब 95%
  • अस्पताल: DKS अस्पताल, रायपुर

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आगे क्या

  • पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी
  • बयान और दस्तावेजों की समीक्षा होगी
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई
  • परिजनों के बयान दर्ज किए जाएंगे

निष्कर्ष

दुर्ग की यह घटना किरायेदारी विवाद से उपजे तनाव का बेहद दुखद और गंभीर उदाहरण है। शबाना निशा की मौत ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ा, बल्कि यह सवाल भी खड़े किए हैं कि ऐसे मामलों में मानवीय और वैकल्पिक समाधान कितने जरूरी हैं। जांच के बाद ही पूरे मामले की जिम्मेदारी और परिस्थितियां स्पष्ट हो पाएंगी।

Durg SUICIDE Self-immolation आत्मदाह कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा
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