एमपी,सीजी,राजस्थान के रईसों पर ईडी एक्शन,छह महीने में 8 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच,लंदन-दुबई की प्रॉपर्टी भी जब्त
NEWS IN SHORT
- ईडी ने तीन राज्यों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की।
- करीब 8 हजार करोड़ की संपत्ति अटैच की गई।
- छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई।
- कई मामलों में विदेशों की संपत्ति भी मिली।
- नेता, अफसर और कारोबारी जांच के दायरे में आए।
NEWS IN DETAIL
RAIPUR. पिछले छह महीनों में मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़ और राजस्थान में ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की खूब कार्यवाही हुई है। द सूत्र की पड़ताल में यह सामने आया है कि इस दौरान ईडी ने इन तीनों राज्यों में करीब आठ हजार करोड़ की संपत्ति अटैच या कुर्क की।
ईडी की कार्रवाई में सबसे ज्यादा निशाने पर छत्तीसगढ़ रहा। यहां 5 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की गई। राजस्थान में यह आंकड़ा 2 हजार करोड़ का है जबकि एमपी में 400 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की गई है।
इनमें कई रसूखदारों के नाम शामिल हैं। देश के अलावा लंदन और दुबई जैसे देशों में भी इनकी संपत्ति अटैच की गई। यहां पर हम सिर्फ ईडी की अटैच या कुर्क की गई संपत्ति ही बता रहे हैं। इसके बाद इन प्रॉपर्टी का क्या हुआ इसकी जानकारी यहां नहीं है।
ईडी के एक्शन में छत्तीसगढ़ नंबर एक :
ईडी के एक्शन में छत्तीसगढ़ का नंबर एक रहा है। यहां पर ईडी की लगातार कार्यवाही हुई है। विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बदली और पिछली सरकार में हुए घोटालों की फाइलें खुल गईं।
इन घोटालों में मनी लांड्रिंग का बड़ा हिस्सा रहा इसीलिए इनमें ईडी की इंट्री हुई। महादेव सट्टा एप से लेकर, कोयला लेवी और शराब घोटाले में बड़े पैमाने पर संपत्ति अटैच की गई।
महादेव सट्टा एप के प्रमोटरों की अटैच हुई संपत्ति में दुबई के बुर्ज खलीफा का फ्लैट भी शामिल है। इनकी कुर्क या अटैच की गई प्रॉपर्टी में भारत और दुबई में स्थित आवासीय मकान, व्यावसायिक दुकानें, कृषि भूमि और लग्जरी अपार्टमेंट सहित 27 अचल संपत्तियां शामिल हैं।
इसके अलावा शराब घोटाले में अटैच हुई संपत्ति में आलीशान बंगले,प्रीमियम कॉम्प्लेक्स में फ्लैट, व्यावसायिक दुकानें और कृषि भूमि शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की 60 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति भी ईडी की जद में आई है।
छत्तीसगढ़ : 5205.54 करोड़ की संपत्ति अटैच :
. महादेव सट्टा एप - 4636 करोड़
. भारतमाला परियोजना के भूमि अधिग्रहण मुआवजे में धोखाधड़ी - 23.35 करोड़
. चिकित्सा उपकरण और री-एजेंट खरीद घोटाला शशांक चोपड़ा समेत आरोपी व्यक्तियों और संस्थाएं - 123 करोड़
. मोक्षित कार्पोरेशन के शशांक चोपड़ा - 43 करोड़
. महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के रवि उप्पल,रजत कुमार सिंह,सौरभ आहूजा, विशाल रमानी,विनय कुमार,हनी सिंह,लकी गोयल,राजा गुप्ता - 21.45 करोड़
. कोल लेवी की अवैध वसूली में सौम्या चौरसिया, निखिल चंद्रकार और अन्य - 2.66 करोड़
. आईएएस निरंजन दास (तत्कालीन आबकारी आयुक्त) और 30 अन्य आबकारी अधिकारी - 38.21 करोड़
. शराब घोटाला - 382.32 करोड़
. चैतन्य बघेल - 61.20 करोड़
एमपी में 400 करोड़ पर ईडी की कुंडली :
मध्यप्रदेश में 400 करोड़ की संपत्ति पर ईडी ने कुंडली मार ली है। ईडी की जद में नेता,नौकरशाह और कारोबारी आए हैं। कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री और उनके कारोबारी मित्रों की संपत्ति ईडी ने अटैच की है। इस संपत्ति में आलीशान फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि, नकदी और कीमती विदेशी घड़ियां शामिल हैं।
एस कुमार्स के पूर्व अध्यक्ष की 150 करोड़ रूपए मूल्य की संपत्ति यूनाइटेड किंगडम, लंदन के बकिंघम पैलेस के पास एक प्रमुख क्षेत्र में स्थित है। इसको भी अटैच किया गया है। बैंक से धोखाधड़ी के मामले में नियो कॉर्प पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ईडी ने यूनाइटेड किंगडम के लंदन स्थित हीथ्रो एयरपोर्ट के पास करीब 7.5 करोड़ रूपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया है।
मध्यप्रदेश : 425 करोड़ की संपत्ति अटैच :
इंदौर :
. कांग्रेस नेता विशाल अग्निहोत्री उर्फ गोलू और उनके सहयोगी - 34.26 करोड़
. कारोबारी साझेदार तरुण श्रीवास्तव, हितेश अग्रवाल, धर्मेश रजनीकांत त्रिवेदी,श्रीनिवासन रामसमय,करण सोलंकी,धवल जैन शामिल - करीब 58.39 करोड़
. नियो कॉर्प और पॉली लॉजिस्टिक लिमिटेड - 7.5 करोड़
. किशोर वाधवानी, नितेश वाधवानी, पूनम वाधवानी और दबंग दुनिया पब्लिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड - 11.33 करोड़
. एस.कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नितिन शंभूकुमार कसलीवाल - 150 करोड़
. धार के कारोबारी राम पाटीदार - 4 करोड़ की जमीन
. रुचि ग्रुप - 5.13 करोड़
. रुचि एक्रोनी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (अब स्टीलटेक रिसोर्सेज लिमिटेड) - 10.15 करोड़
. शराब फर्जी चालान घोटाला में आरोपी राजू दशवंत, अंश बिवेदी और अन्य शराब ठेकेदार - 70 करोड़
भोपाल :
. NCL के पूर्व CMD भोला सिंह - 2.79 करोड़
. आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व उप संचालक जगदीश प्रसाद सरवटे - 11.81 करोड़
. जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड - 20.59 करोड़
. पश्चिमी रेलवे, राजकोट डिवीजन (गुजरात) के तत्कालीन संभागीय अभियंता वेद प्रकाश श्रीवास्तव की पत्नी विभा - 1.58 करोड़ की संपत्ति
. बालाघाट जिले में डबल मनी घोटाले में अजय टिडके और अन्य - 4.48 करोड़
. तत्कालीन स्वास्थ्य सेवा निदेशक डॉ.अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी अलका मित्तल - 9.79 करोड़
. मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) संतोष पॉल और वरिष्ठ क्लर्क रेखा पॉल - 3.38 करोड़ रूपए की अचल संपत्ति
. नारायण निर्यात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कैलाश चंद्र गर्ग - 27.67 करोड़
. एडवांटेज ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड (एओपीएल), निदेशक, गारंटर और इसके मुख्य निदेशक,लाभार्थी स्वामी श्रीकांत भासी समेत अन्य- 51.70 करोड़
. तत्कालीन गैरिसन इंजीनियर (एमईएस) धनंजय प्रसाद चतुर्वेदी और उनकी पत्नी शिप्रा चतुर्वेदी - 1.31 करोड़
. अंबिका सॉल्वेक्स लिमिटेड और मेसर्स वर्धमान सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन इंडस्ट्रीज लिमिटेड - 27.69 करोड़
. एक्सेल व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक मंजू गर्ग और ऋषभ गर्ग - 12.62 करोड़
राजस्थान के रसूखदारों पर एक्शन :
ईडी ने पिछले छह महीनों में राजस्थान के रसूखदारों पर कार्यवाही की है। यहां पर आदर्श कोऑपरेटिव सोसाइटी की बड़े पैमाने पर संपत्ति अटैच की है। इसके अलावा विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया के डायरेक्टर भी ईडी की जद में आए। यहां पर 2 हजार करोड़ ये ज्यादा की संपत्ति अटैच या कुर्क की गई।
राजस्थान : 2218.90 करोड़ की संपत्ति अटैच :
. आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड - 2183.72 करोड़
. विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया के प्रोप्राइटर/डायरेक्टर प्रवेश काबरा - 16.15 करोड़
. मुरली मनोहर नामदेव, दुर्गा शंकर मेरोठा, अनिल कुमार, गिरिराज नायक, शोभा रानी एवं अन्य - 15.97 करोड़
. प्रिया होम स्टडी प्राइवेट लिमिटेड, निदेशक/पूर्व निदेशक महेश कुमार,सत्य प्रकाश और सोमबीर पूनिया - 3.06 करोड़
अब आगे क्या :
अभी यह सिर्फ अटैचमेंट की कार्रवाई है। आगे कोर्ट में इन मामलों की सुनवाई होगी। दोष साबित होने पर संपत्ति जब्त हो सकती है। ईडी की जांच अभी जारी है। आने वाले समय में और नाम सामने आ सकते हैं। कई बार संपत्ति फ्री भी हो जाती है।
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